June 21, 2021

Nishpaksh Dastak

Nishpaksh Dastak

राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर बढ़कर 98 प्रतिशत

  मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए।राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर बढ़कर 98 प्रतिशत हो गई।पिछले 24 घण्टों में 2,89,809 कोविड टेस्ट किए गए, प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 21 लाख से अधिक कोरोना टेस्ट सम्पन्न।कोरोना टेस्ट की संख्या में कमी नहीं होनी चाहिए, प्रतिदिन लगभग 03 लाख कोविड टेस्ट किए जाएं।संक्रमण के नए मामलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।संक्रमण के प्रत्येक मामले में कम से कम 12 से 15 कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए।
कण्टेनमेण्ट जोन के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा करते हुए व्यावहारिक व्यवस्था लागू की जाए।इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार कर ली जाए।स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की प्रभावी और निरन्तरकार्रवाई से इंसेफेलाइटि सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


प्रदेश के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक पैमाने परस्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग की लगातार कार्यवाही की जाए।सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण कार्य की गति को और तेज किया जाए।जनप्रतिनिधिगण द्वारा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लिया जा रहा। जनप्रतिनिधि द्वारा गोद लिए जाने से पूर्व सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण कार्य के तहत रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, स्वास्थ्य केन्द्र की कनेक्टिविटी आदि कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।मेडिकल कॉलेजों एवं विभिन्न अस्पतालों में कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि की जा रही।सभी मेडिकल कॉलेजों में पीकू तथा नीकू के 100 बेड की स्थापना कीकार्यवाही तेजी से चल रही, 100 बेड के अलावा होल्डिंग एरियाके लिए 10 अतिरिक्त बेड भी तैयार किए जा रहे।05 राजकीय मेडिकल कॉलेजों तथा एक निजी मेडिकल कॉलेज में पीकू और नीकू बेड स्थापना की कार्यवाही पूर्ण।सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास ऑक्सीजन पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्ध ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से सभी अस्पतालों को उपलब्ध करा दी जाए, निजी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों को अनुमति देते समय ही ऑक्सीजन ऑडिट के प्राविधान सम्मिलित करने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर व्यवस्था बनायी जाए।


प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए कोरोना वैक्सीनेशन कीकार्यवाही को बड़े पैमाने पर
तेजी से संचालित किए जाने कीजरूरत, इस सम्बन्ध में प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
आकाशीय बिजली की सम्भावना वाले क्षेत्रों के निवासियों को पहले से सावधान करने के सम्बन्ध में प्रभावी व्यवस्था बनायी जाए, इसके लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाए, ऐसी सम्भावना वाले क्षेत्रों में ग्राम पंचायत, पुलिस तथा राजस्व विभाग द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को समय से सावधान किया जाए।एम0एस0पी0 के तहत क्रय किए गए गेहूं के सुरक्षित भण्डारण की प्रभावी  व्यवस्था होनी चाहिए, यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश में गेहूं न भीगे।
प्रदेश में किसानों व पशुपालकों के लिए दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।दुग्ध संघों को सुदृढ़ और लाभकारी बनाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनायी जाए, प्रदेश में दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध समितियों का गठन कराया जाए।सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश की ईयर टैगिंग करा कर निराश्रित गोवंश स्थलों में रखा जाए, उनके लिए चारे आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गांव प्रधानों तथा नगरीय क्षेत्रों में पार्षदों से संवादकर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग तथा निगरानी समितियों के कार्यों के सम्बन्ध में फीडबैक प्राप्त किया जाए।संक्रमण से दिवंगत हुए व्यक्तियों के परिजनों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा संवाद स्थापित कर उनका कुशलक्षेम प्राप्त किया जाना चाहिए।


लखनऊ: 09 जून, 2021
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार की ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में प्रभावी सफलता मिल रही है। कोविड संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में कमी तथा रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन तथा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण के कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।


मुख्यमंत्री आज वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 709 मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 1,706 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 12,959 है। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 98 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री जी को यह भी अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में 2,89,809 कोविड टेस्ट किए गए हैं। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 21 लाख से अधिक कोरोना टेस्ट किए गए हैं।


कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए निरन्तर सजग और सावधान रहना आवश्यक है। इसलिए कोरोना टेस्ट की संख्या में कमी नहीं होनी चाहिए। प्रतिदिन लगभग 03 लाख कोविड टेस्ट किए जाएं। कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। संक्रमण के प्रत्येक मामले में कम से कम 12 से 15 कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए। कण्टेनमेण्ट जोन के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा करते हुए व्यावहारिक व्यवस्था लागू की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है। बरसात का मौसम शुरू हो रहा है। इसके दृष्टिगत इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार कर ली जाए। पूर्व के वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा बेहतर और प्रभावी सर्विलांस से इंसेफेलाइटिस के संक्रमण को रोकने में सफलता प्राप्त की है। इससे सम्बन्धित सभी विभाग यथा ग्राम्य विकास, नगर विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार आदि सक्रिय होकर कार्यवाही प्रारम्भ कर दें।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की प्रभावी और निरन्तर कार्रवाई से इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके दृष्टिगत प्रदेश के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग की लगातार कार्यवाही की जाए।


मुख्यमंत्री जी ने सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण कार्य की गति को और तेज किया जाए। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सक सहित आवश्यक मैन पावर उपलब्ध होना चाहिए। मेडिकल उपकरण क्रियाशील अवस्था में रहंे एवं उनका बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्टॉक रजिस्टर आवश्यक रूप से होना चाहिए, इनमें सभी उपकरणों सहित उपलब्ध कराए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की इण्ट्री भी होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनप्रतिनिधिगण द्वारा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लिया जा रहा है। जनप्रतिनिधि द्वारा गोद लिए जाने से पूर्व सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण कार्य के तहत रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, स्वास्थ्य केन्द्र की कनेक्टिविटी आदि कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। सामुदायिक अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को गोद लेने वाले जनप्रतिनिधि द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र की मेण्टेनेंस तथा नए उपकरणों की स्थापना के माध्यम से स्वास्थ्य केन्द्र को बेहतर बनाने में योगदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन तथा अन्य मेडिकल संस्थाओं के साथ स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की उपलब्धता के लिए सहयोग के सम्बन्ध में संवाद किया जाए।


मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि मेडिकल कॉलेजों एवं विभिन्न अस्पतालों में कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि की जा रही है। विगत दिवस विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 60 बेड की वृृद्धि हुई है। साथ ही साथ मानव संसाधन में बढ़ोतरी के लिए भर्ती की कार्यवाही भी संचालित है। मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सभी मेडिकल कॉलेजों में पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नियोनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) के 100 बेड की स्थापना की कार्यवाही भी तेजी से चल रही है। 100 बेड के अलावा होल्डिंग एरिया के लिए 10 अतिरिक्त बेड भी तैयार किए जा रहे हैं। बेड की स्थापना की कार्यवाही 20 जून, 2021 की समय-सीमा निर्धारित कर कराई जा रही है। 05 राजकीय मेडिकल कॉलेजों तथा एक निजी मेडिकल कॉलेज में पीकू और नीकू बेड स्थापना की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है।


मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में राज्य में 332 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास ऑक्सीजन पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्ध है। आपात स्थिति में उपयोग किए जा सकने के लिए मोदीनगर में लगभग 1000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन संग्रह की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से सभी अस्पतालों को उपलब्ध करा दी जाए। निजी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों को अनुमति देते समय ही ऑक्सीजन ऑडिट के प्राविधान सम्मिलित करने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर व्यवस्था बनायी जाए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही को बड़े पैमाने पर तेजी से संचालित किए जाने की जरूरत है। इस सम्बन्ध में प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाने के साथ ही, वैक्सीनेशन के कार्य में निरन्तरता बनाकर रखी जाए। बड़े औद्योगिक समूहों द्वारा अपने कर्मियों के वैक्सीनेशन के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की जा रही है। अन्य उद्योग भी निजी अस्पतालों के साथ समन्वय बनाकर अपने कर्मचारियों के वैक्सीनेशन की कार्यवाही सम्पन्न कर सकते हैं। प्रदेश सरकार इस कार्य में सहयोग कर सकती है। इससे टीकाकरण की गति बढ़ेगी। व्यापक विचार-विमर्श कर इस सम्बन्ध में व्यवस्था बनाई जाए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, सुचारु और निर्बाध ढंग से संचालित की जाए। वैक्सीनेशन का कार्य जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर कर सम्पन्न कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि वैक्सीनेशन सेण्टर पर अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो, न ही, वैक्सीनेशन के लिए आने वाले लोगों को लाइन लगानी पड़े। इसके लिए वैक्सीनेशन सेण्टर पर वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की अवश्य व्यवस्था की जाए। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेण्टर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। वैक्सीनेशन सेण्टर पर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आकाशीय बिजली की सम्भावना वाले क्षेत्रों के निवासियों को पहले से सावधान करने के सम्बन्ध में प्रभावी व्यवस्था बनायी जाए। इसके लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाए। ऐसी सम्भावना वाले क्षेत्रों में ग्राम पंचायत, पुलिस तथा राजस्व विभाग द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को समय से सावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इस तरह की घटना हो जाने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान की जाए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम0एस0पी0 के तहत क्रय किए गए गेहूं के सुरक्षित भण्डारण की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश में गेहूं न भीगे। गेहूं भीगने की स्थिति में सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा राज्य सरकार के अपने संसाधनों से गरीब एवं जरूरतमन्द प्रदेशवासियों को निःशुल्क खाद्यान्न कराने की व्यवस्था की गई है। खाद्यान्न वितरण की प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए। खाद्यान्न वितरण ई-पॉस मशीनों के माध्यम से ही होना चाहिए। सभी खाद्यान्न वितरण केन्द्रों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी सुनिश्चित रहनी चाहिए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में किसानों व पशुपालकों के लिए दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। दुग्ध संघों को सुदृढ़ और लाभकारी बनाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनायी जाए। प्रदेश में दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध समितियों का गठन कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश की ईयर टैगिंग करा कर निराश्रित गोवंश स्थलों में रखा जाए तथा उनके लिए चारे आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गांव प्रधानों तथा नगरीय क्षेत्रों में पार्षदों से संवाद कर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग तथा निगरानी समितियों के कार्यों के सम्बन्ध में फीडबैक प्राप्त किया जाए। संक्रमण से दिवंगत हुए व्यक्तियों के परिजनों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा संवाद स्थापित कर उनका कुशलक्षेम प्राप्त किया जाना चाहिए।