अजमेर में रोजाना 1400 कोविड-टेस्ट

कोरोना के क्रिटिकल पेशेंट नहीं है, इसलिए अजमेर में नहीं होगा लॉकडाउन। कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने भ्रम की स्थित दूर की। 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर 40 हजार रुपए की कीमत वाला इंजेक्शन नि:शुल्क लगाया जा रहा है। 
लॉकडाउन लगाने को लेकर कलेक्टर का जोधपुर वाला पुराना वीडियो वायरल। 

आईएएस प्रकाश राजपुरोहित ने अजमेर कलेक्टर का पद भार 6 जुलाई को संभाला था। इससे पहले राजपुरोहित जोधपुर के कलेक्टर थे। यानि मार्च में जब लॉकडाउन हुआ, तब राजपुरोहित जोधपुर के कलेक्टर थे।  जोधपुर कलेक्टर के पद पर रहते हुए कई बार लॉकडाउन के बारे में मीडिया को जानकारी दी। उन्हीं दिनों का एक वीडियो पर अजमेर मे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि एक से चार तारीख तक लॉकडाउन रहेगा। लोग खास कर दुकानदार समझ रहे हैं, अजमेर में एक अगस्स्त से लॉकडाउन होगा। चूंकि राजस्थान में अलवर, बूंदी आदि जिलों में लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है, इसलिए अफवाहों को बल मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से अजमेर में भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन सब हालातों और कारोबारियों की चिंता को देखते हुए मैंने जिला कलेक्टर  प्रकाश राजपुरोहित से लॉकडाउन के बारे में जानकारी ली।

कलेक्टर ने साफ कहा कि अजमेर में आंशिक तौर पर भी लॉकडाउन नहीं किया जा रहा है। चूंकि कोरोना के क्रिटिकल पेशेंट नहीं है। इसलिए लॉकडाउन की कोई जरूरत नहीं है। अधिकांश पॉजिटिव मरीजों को घर पर ही क्वारंटीन किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि पॉजिटिव आने के बाद उन्हीं मरीजों की मृत्यु हो रही है, जो पहले से किसी अन्य रोग से पीडि़त है। ऐसे मरीजों को बचाने के लिए भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर 40 हजार रुपए की कीमत वाला टॉसिलीजुमेब इंजेक्शन नि:शुल्क लगाया जा रहा है।

कलेक्टर ने बताया कि अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में 45 वेंटीलेटर और उपलब्ध हो गए हैं। अब अन्य बीमारियों के रोगियों एवं कोरोना के रोगियों का बेहतर इलाज हो रहा है। कोरोना पॉजिटिव मृतक के परिजन को भी अनेक राहत दी गई है। अजमेर में हालात पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है। लोग ईद=राखी जैसे पर्व उत्साह के साथ मनाएं।

कारोबारी भी कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए अपना कारोबार करें। कलेक्टर ने कहा कि जहां शासन प्रशासन आम लोगों की सहूलियतों का ख्याल रख रहा है, वहीं लोगों को निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। परिवर के बुजुर्ग व्यक्तियों को तो घर पर रखा जाए। युवावर्ग भी जरूरी होने पर ही घर से निकलें। दुकान स्वयं मास्क लगाए तथा मास्क पहने ग्राहक को ही सामान दें। केक्टर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का कोई परेशानी है तो वह सीधे उनसे मिमल सकता है। जब वे दफ्तर में होते हैं तो उनके कक्ष के दरवाजे सभी के लिए खुले रहते हैं। अब कलेक्टर से मिलने के लिए पर्ची देने की भी जरुरत नहीं है। 


रोजाना 1400 टेस्ट:

जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केके सोनी ने बताया कि जिले भर में रोजना 1400 कोरोना टेस्ट करवाए जा रहे हैं। टेस्टिंग की सुविधा अजमेर शहर में 10 स्थानों पर उपलब्ध है। तथा ब्यावर, किशनगढ़ और केकड़ी के सरकारी अस्पतालों में भी कोरोना के टेस्ट हो रहे हैं। डॉ. सोनी ने कहा कि जिन पॉजिटिव लोगों को घरों पर क्वारंटीन किया गया है वे 14 दिनों तक किसी भी स्थिति में घर से बाहर नहीं निकले। पॉजिटिव व्यक्ति यदि घर से बाहर निकलता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।