आईएएस रोशन जैक़ब ने महिला सशक्तिकरण के लिए ‘शक्ति दिवस” की शुरुआत

नई पीढ़ी की तमाम महिला आईएएस अॉफिसर्स अपनी ज़िंदगी में इस कदर आगे बढ़
रहीं हैं, कि पीछे छूटने वाला हर पल उन्हें इतिहास का हिस्सा बनाते हुए लोगों की दुआओं का हकदार भी बना रहा है।

दरअसल राजनेता लोकतंत्र के अस्थायी प्रतिनिधि होते हैं और नौकरशाह स्थायी। अत: नौकरशाहों के माध्यम से ही जनतंत्र के सपनों में रंग भरा जा सकता है। जनता का दु:ख दर्द दूर करने के लिए ऐसा ताना-बाना बुना जा सकता है, कि आईएएस अधिकारी लोगों की स्मृतियों का अविभाज्य हिस्सा बन जायें।

नई पीढ़ी की तमाम महिला आईएएस अधिकारी इसी आदर्श को अंगीकार करते हुए अपनी जिन्दगी में इस कदर आगे बढ़ रहीं हैं कि पीछे छूटने वाला हर पल उन्हें इतिहास का हिस्सा बनाते हुए लोगों की दुआओं का हकदार भी बना रहा है। पेश है महिला नौकरशाहों के बारे में कुछ कही-अनकही बातें।

रोशन जैकब केरल से संबंध रखती हैं. वह 25 दिसंबर 1978 को जन्मीं थीं, इन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 77वां रैंक हासिल किया और साल 2014 में आईएएस अध‍िकारी बन गईं। कानपुर में 2004 बैच की आईएएस रोशन जैक़ब ने महिला सशक्तिकरण के लिए
‘शक्ति दिवस” की शुरुआत की उत्पीडऩ, बलात्कार, छेड़छाड़ जैसी कई समस्याओं की शिकायत आने पर कानपुर में डीएम रहते हुए डॉ. रौशन जैकब ने शक्ति दिवस कार्यक्रम चलाने के लिए जिला तथा पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये। निर्देशानुसार प्रत्येक रविवार को पुलिस लाइन में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन महिलाओं की समस्या सुनकर जल्द ही निस्तारण किया जाता था। यही नहीं प्रदेश के पिछड़े जिलों में शुमार गोण्डा, डॉ. रौशन जैकब के कार्यकाल में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षितिज पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब हुआ।

साथ ही रौशन जैकब ने ‘इज़ी गैस’ योजना के मार्फत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को आसानी से रसोई गैस मुहैया कराने की शुरुआत की। इसके लिए जिले भर में 186 लोकवाणी केन्द्र खोले गये जिसमें ऑन लाइन बुकिंग के लिए 10 रुपये देने होते हैं। बुकिंग के सात दिन के अन्दर गैस सिलेण्डर देना अनिवार्य है।

डॉ0 रौशन जैकब ने ‘किसान साफ्टवेयर’ भी विकसित कराया, जिसके माध्यम से गेहूं, धान की बिक्री के साथ ही साथ रासायनिक उर्वरकों और कृषि यन्त्रों की खरीद की बुकिंग भी हो रही है। अब इसी के मार्फत किसान क्रेडिट कार्ड की भी मांग करने लगे हैं। बुकिंग के समय किसान को किसान बही के साथ लोकवाणी केन्द्र पर यह बताना होता है कि उसे अमुक दुकान से कितनी खाद चाहिए होती
है। किसानों की पसंद के मुताबिक खाद का आवन्टन दुकानों को किया जाता है। मृदा परीक्षण का कार्य भी किसान सॉफ्टवेयर के मार्फत कराया जा सकता है।

डॉ0 जैकब कहती हैं, ‘किसान इम्फॉर्मेशन सिस्टम एण्ड नेटवर्क’ प्रणाली को सरकार पूरे प्रदेश में लागू करने जा रही है।इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े सम्मान ‘मंथन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। डॉ. जैकब को केन्द्र सरकार के सूचना एवं तकनीकी विभाग की ओर से भी ई-इण्डिया अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी हैं।

चुनाव आयोग के आदेश पर जिले में तैनात की गईं सौ दिन से भी कम कार्यकाल में डीएम डॉ0 जैकब काफी चर्चा में रहीं। डॉ0 रौशन जैकब जहां विधानसभा का चुनाव सकुशल संपन्न कराया।वहीं चुनाव के बाद सरकारी जमीनों से कब्जा हटवाने, भूमाफिया पर कार्रवाई करने या फिर शहर से अतिक्रमण हटाने संबंधी कई मामलों में अपने सख्त तेवर दिखाए। हर मामले में पीड़ित की सुनवाई व त्वरित कार्रवाई के लिए हमेशा जनता के बीच रहेगा। डॉ0 रौशन जैकब की सख्ती के चलते अधिकारियों से लेकर अपराधी तत्व के लोगों में अफरातफरी का माहौल व्याप्त रहा।