आपदा प्रबन्धन की कार्यशाला का आयोजन

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अयोध्या – उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा अयोध्या जनपद में समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन की कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के निर्देश पर कलेक्टेट सभागार में किया गया। इस कार्यशाला में राजस्व, चिकित्सा, पुलिस, पीडब्लूडी, विद्युत, कृषि, पशुपालन, पंचायत, उद्यान, खाद्य एवं रसद, मत्स्य, अग्निशमन आदि विभाग के अधिकारी/सहायकों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गोरेलाल शुक्ला, अपर जिलाधिकारी नगर डा0वैभव शर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी पुरूषोत्तम दास गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर विजयपाल सिंह तथा आपदा प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी प्रकाश तिवारी द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण अधिनियम 2005 के तहत केन्द्रीय, राज्य, जिला, ब्लाक एवं ग्राम स्तर पर इकाईयां गठित की जाती है।

जिसका मुख्य उद्देश्य आपदा आने या प्रकोप आने पर पीड़ित लोगों की मदद करना है। कुछ आपदायंे प्रकृति के कारणों से आती है तथा कुछ आपदायें मानव द्वारा औद्योगिकरण, शहरीकरण के कारण होती है। उक्त  अवसर अपर जिलाधिकारी जी0एल0 शुक्ला ने कहा कि आपदा मुख्य रूप से बाढ़ आग, नदी में नाव डूबने के कारण होती है तथा इस प्रशिक्षण से हम लोग लाभान्वित होंगे तथा आपदा आने के पूर्व बेहतर ढंग से तैयारियां कर पायेंगे। उक्त अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर ने कहा कि आपदा आने के बाद 3 कार्यवाहियां महत्वपूर्ण होती है जिसमें घटना के बाद रिस्पाँस देना, रेस्क्यू करना तथा उसको पुर्नस्थापित करना होता है। हमें इसके लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ना होना चाहिए।

मुख्य राजस्व अधिकारी पुरूषोत्तम दास गुप्ता ने कहा कि अयोध्या एक धार्मिक जगह है यहां पर भीड़-भाड़ की ज्यादा समस्या होती है हमें बेहतर भीड़ प्रबन्धन के लिए आवश्यक कार्य करना चाहिए। इस कार्यशाला में आपदा प्रबन्धन की अवधारणा, परिभाषा, खतरा, जोखिम, संवेदनशीलता, क्षमता विश्लेषण, जिला प्रबन्धन, आपदा प्रबन्धन योजना का निर्माण आदि बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। इस अवसर पर निसार खान, मासूम सिद्दिक्की, विपिन पटेल सहित अन्य व्यक्तियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा आने के पूर्व अपनी सुनियोजित तैयारियां करना तथा किसी भी आपदा से समुदाय प्रभावित होता है इसलिए व्यक्ति के साथ-साथ समुदाय के भी बेहतर प्रबन्धन जैसे आवश्यक कार्य करने की आवश्यकता है। उक्त कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों के अलावा पत्रकारगण, स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।