उत्तर प्रदेश,पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4,677 नए मामले

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4,677 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 1,92,382 हो गई है। राहत की बात है कि इनमें से 1,40,107 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। अब तक 72.82 फीसद संक्रमित अस्पतालों से छुट्टी पा चुके हैं। राज्य में 49,288 एक्टिव मरीजों का इलाज चल रहा है। अभी तक कुल 2987 लोगों की मौत हुई है। लेकिन प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब स्थित राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर नगर की है। लखनऊ में जहां 6,966 एक्टिव केस हैं, जबकि 291 लोगो की मौत हुई है। वहीं, कानपुर में 3,591 एक्टिव केस और 367 की मौत हुई है।

कोरोना से पूरी दुनिया लड़ रही है। ऐसे में आबादी के मामले में दुनिया के छठे देश के बराबर उत्तर प्रदेश के लिए चुनौतियां सबसे कड़ी थीं, लेकिन आंकड़े तस्दीक करते हैं कि इन चुनौतियों का हर कदम मुकाबला कर सकारात्मक नतीजे सामने लाए गए। स्वास्थ्य विभाग में कोरोना नियंत्रण पर काम कर रही टीम ने पाया है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का असर पूरे देश में सबसे कम है। दूसरे बड़े राज्यों में जहां मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है, वहीं उत्तर प्रदेश में प्रति 100 लोगों में सिर्फ चार लोग ही कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। हालांकि, आबादी से हिसाब से अभी उत्तर प्रदेश में मरीजों की तलाश का काम कुछ धीमा है, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा जांचें भी प्रदेश में ही हुई हैं। यहां कुल आबादी के मुकाबले 1.86 फीसदी जांच हुई हैं।

उत्तर प्रदेश राजधानी लखनऊ में स्वास्थ्य मुख्यालय के महानिदेशक परिवार कल्याण की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनके पति और मेड में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं दूसरी तरफ साइबर क्राइम सेल में एक साथ सात पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव आए गए हैं। इसके बाद से हजरतगंज थाने में तैनात पुलिस कर्मियों सकते में आ गए हैं।

लखनऊ में कांटैक्ट ट्रेसिंग के आधार पर 4,663 लोगो के सैंपल टीमों द्वारा लिए गए हैं। जबकि 519 रोगी डिस्चार्ज हुए हैं। नए केस आशियाना में 25, इंदिरा नगर में 32, आलमबाग में 29, ठाकुरगंज में 23, तालकटोरा में 21, हसनगंज में 13, चिनहट में 25, गोमती नगर में 38, महानगर में 22, हजरतगंज में 30, मड़ियांव में 28, रायबरेली रोड में 19, अलीगंज में 17, चौक में 27, जानकीपुरम में 20, विकासनगर में 13, सहादतगंज में 11, गुडम्बा में 14, हुसैनगंज में 12, बाजारखाला में 18, कृष्णानगर में 11, नाका में 10 पॉजिटिव रोगी पाए गए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के इलाज के लिये रोगमुक्त हो गए लोगों के प्लाज्मा का इस्तेमाल अब भी एक ‘प्रायौगिक’ थेरेपी के तौर पर देखा जा रहा है और इसके जो प्रारंभिक परिणाम आये हैं उससे यह पता चलता है कि यह अभी ‘अनिर्णायक’ है।विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि पिछली सदी में विभिन्न संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिये बीमारी से उबरे लोगों के प्लाज्मा का इस्तेमाल किया गया था और इसका परिणाम मिला जुला रहा था।

स्वामीनाथन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन प्लाज्मा थेरेपी को अब भी प्रायोगिक ही मानता है, और इसका लगातार मूल्यांकन किया जाना चाहिये । सौम्या ने कहा कि इस उपचार को मानकीकृत करना कठिन है क्योंकि लोगों में अलग अलग स्तर का एंटीबॉडी बनता है और प्लाज्मा केवल उन्हीं लोगों से लेना होता है जो बीमारी से ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर अध्ययन हुए हैं और इनसे निम्न कोटि के साक्ष्य मिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक के वरिष्ठ सलाहकार डॉ ब्रूस एलवार्ड ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी के अनेक दुष्प्रभाव हो सकते हैं जिनमें हल्का बुखार और सर्दी से लेकर फेफड़ा संबंधी गंभीर बीमारी शामिल है।