गर्भ के लक्षण

प्रेग्नेंसी टेस्ट और अल्ट्रासाउंड ही गर्भवती होने के लिए निर्धारित करने का एकमात्र तरीका हैं। इसके अलावा आप गर्भ ठहरने के लक्षण से भी गर्भवती होने का पता लगा सकते हैं। गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण में मासिक धर्म का मिस होना शामिल है। इसके अलावा इसमें मॉर्निंग सिकनेस, गंध की संवेदनशीलता और थकान भी शामिल हो सकता है। आइए विस्तार से प्रेग्नेंसी के लक्षण के बारे में जानते हैं।

प्रेगनेंसी का लक्षण है थकान

गर्भावस्था के दौरान थकान किसी भी समय विकसित हो सकती है। गर्भावस्था या गर्भ ठहरने के शुरुआती लक्षणों में यह लक्षण आम है। इसमें प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाएगा, जिससे आपको नींद आ सकती है। प्रोजेस्टेरोन हमारे शरीर के उन हार्मोनों में से एक है जो विभिन्न कार्यों को उत्तेजित करता है और नियंत्रित करता है। प्रोजेस्टेरोन गर्भावस्था को बनाए रखने में एक भूमिका निभाता है।

हृदय गति में वृद्धि

प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान हृदय गति में वृद्धि देखने को मिलती है। 8 या 10 सप्ताह के आसपास, आपका दिल तेजी से पम्पिंग शुरू कर सकता है। गर्भ के कारण रक्त प्रवाह में वृद्धि गर्भावस्था में बाद में होती है। ऐसे में आपको अपने डॉक़्टर से जरूर दिखाना चाहिए।

स्तन में परिवर्तन

चौथे और छठे सप्ताह के बीच स्तन में परिवर्तन हो सकता है। ये एक बेहद सामान्य लक्षण है। दरअसल, ब्रेस्ट के ऊतक हॉर्मोन्स के प्रति अति संवेदनशील होते हैं। गर्भ धारण करने के साथ ही शरीर में हॉर्मोनल परिवर्तन होना शुरू हो जाते हैं। हार्मोन परिवर्तनों के कारण स्तनों में सूजन या फिर भारीपन विकसित होने की संभावना रहती है। इसके अलावा निप्पल के आसपास का क्षेत्र, एक गहरे रंग में बदल सकता है और बड़ा हो सकता है।

लगातार पेशाब आना 

क्या आप अब पहले की अपेक्षा में ज्यादा बार टॉयलेट जाने लगी हैं? ऐसे समय में किडनी ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। दरअसल गर्भावस्था के दौरान, आपके शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है। इससे किडनी सामान्य से अधिक द्रव की प्रक्रिया कर सकता है, जिससे आपके मूत्राशय में अधिक तरल पदार्थ बढ़ जाता है। एसे में आप बाथरूम जल्दी जाने लगते हैं।

मतली और मॉर्निंग सिकनेस

गर्भावस्था में दिन की शुरुआत काफी बोझिल से भरा होता है। इसमें न केवल सुबह उठकर कमजोरी लगती है बल्कि मितली आती है। कई बार कुछ खाने पर उल्टी जैसा महसूस होने लगता है। यद्यपि इसे मॉर्निंग सिकनेस भी कहा जाता है।

मतली और मॉर्निंग सिकनेस आम तौर पर चौथे से छठे सप्ताह विकसित होती है। यह दिन या रात के दौरान किसी भी समय हो सकता है। यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि मतली और मॉर्निंग सिकनेस का कारण क्या है, लेकिन हार्मोन एक भूमिका निभा सकता है।

सिर में दर्द

गर्भावस्था के लक्षण में सिरदर्द हो सकता है। यह हार्मोन का स्तर बदलने से संबंधित हो सकता है। इसके अलावा ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाने की वजह से सिर में दर्द रहने लगता है। ये गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक प्रमुख लक्षण है। हालांकि धीरे-धीरे ये खुद ही ठीक हो जाता है।

भूख का बढ़ना

क्रेविंग भी प्रेनेंसी होने का एक प्रमुख लक्षण है। आपके शरीर में एस्ट्रोजन का बदलता स्तर कुछ खाद्य पदार्थों की आपकी धारणा में बदलाव को ट्रिगर कर सकता है। इसमें आपको कुछ आहारों से घृणा उत्पन्न होने लगती है या गर्भवती महिला में किसी विशेष चीज के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है और हर वक्त वही खाने का दिल करने लगता है।

आपको अधिक भूख लगेगी और कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की इच्छा होगी जिन्हें आप पहले कभी नहीं पसंद करते थे। कई बार ऐसा भी होता है कि इस दौरान महिला की रोजाना की डाइट अचानक से बढ़ जाती है।

प्रेग्नेंसी के लक्षण में ब्लोटिंग और कब्ज

हॉर्मोनल परिवर्तन होने की वजह से पाचन क्रिया पर भी असर पड़ता है और पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है। मासिक धर्म की अवधि के दौरान जो लक्षण दिखाई देते हैं प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान भी वही लक्षण दिखाई देते हैं। यह हार्मोन में परिवर्तन के कारण हो सकता है, जो आपके पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है। इस दौरान आपको कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। कब्ज पेट की सूजन की भावनाओं को भी बढ़ा सकती है।

शरीर का तापमान

शरीर का उच्च तापमान गर्भावस्था का संकेत हो सकता है। आपके शरीर का तापमान व्यायाम या गर्म मौसम में अधिक और आसानी से बढ़ सकता है। ऐसे में आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए और सावधानी से व्यायाम करना सुनिश्चित करना होगा।

मूड में परिवर्तन

गर्भ ठहरने के लक्षण के दौरान समय-समय पर मूड भी बदलता रहता है। कभी कोई चीज अच्छी लगने लगती है तो कभी उसी चीज से गुस्सा आने लगता है।दरअसल गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर उच्च होगा। यह वृद्धि आपके मनोदशा को प्रभावित कर सकती है और आप सामान्य से अधिक भावनात्मक या प्रतिक्रियाशील बना सकती है। गर्भावस्था के दौरान मूड स्विंग सामान्य है और यह अवसाद, चिड़चिड़ापन, चिंता और उत्साह की भावना पैदा कर सकता है।

मुंहासे

गर्भावस्था के दौरान मुंहासे आम है। वास्तव में, हर दो गर्भवती महिलाओं में से एक को मुंहासे विकसित होने की संभावना रहती हैं। इसके अलावा हार्मोन के स्तर से गर्भावस्था में कुछ महिलाओं को कब्ज हो सकता है।

वजन बढ़ाना

गर्भ ठहरने के लक्षण में पहले तिमाही के अंत में वजन बढ़ना अधिक आम हो जाता है। कुछ महीनों में लगभग एक से चार पाउंड आपका वजन बढ़ सकता है। प्रारंभिक गर्भावस्था में कैलोरी की आवश्यकताएं आपके सामान्य आहार से ज्यादा नहीं बदलेगी, लेकिन गर्भावस्था की प्रगति के साथ ये आवश्यकताएं बढ़ने लगेगी। हालांकि यह गर्भावस्था के बाद के लक्षण है।

गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप का लक्षण

ज्यादातर मामलों में, उच्च या सामान्य रक्तचाप गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में गिने जाते हैं। इसमें आपको चक्कर आ सकता है। गर्भधारण के परिणामस्वरूप उच्च रक्तचाप निर्धारित करना अधिक कठिन है। 20 हफ्तों में उच्च रक्तचाप के लगभग सभी मामलों में अंतर्निहित समस्याओं का संकेत मिलता है। यह प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान विकसित हो सकता है, लेकिन यह पहले से मौजूद भी हो सकता है।

ऐंठन

कई महिलाओं को लगता है ऐंठन एक ऐसा संकेत है जो मासिक धर्म में दिखाई देता है, लेकिन यह वास्तव में गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक है। आप गर्म ठहरने के लक्षण में आप ऐंठन देख सकती हैं।

पीठ दर्द

पीठ दर्द वास्तव में गर्भावस्था के प्रारंभिक दौर में शुरू हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाएं कुछ हद तक पीठ दर्द का अनुभव कर सकती हैं।

गर्भ ठहरने के लक्षण आने पर क्या किया जाए

पीरियड्स मिस होने से पहले यदि आप गर्भावस्था के लक्षण का अनुभव कर रही हैं तो आप मान सकती हैं कि आप गर्भवती हैं। लेकिन कभी-कभी, गर्भ ठहरने के लक्षण केवल पूर्वकालीन लक्षण या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसलिए, पीरियड्स के मिस होने के बाद आप एक से दो हफ्ते तक इंतजार कीजिए। अगर फिर भी प्रेगनेंसी के लक्षण दिखाई दे, तो आप प्रेगनेंसी टेस्ट करा सकती हैं।
गर्भधारण की पुष्टि हो जाने के बाद आपको कुछ चीजों को ध्यान रखना होगा।

1. पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक आहार का सेवन कीजिए और ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए। आप उस तरह के आहार का सेवन कीजिए जिसमें फॉलिक एसिड और आयरन ज्यादा हो।

2. फोलिक एसिड और आयरन सहित पर्याप्त विटामिन और खनिज लें।

3. धूम्रपान और शराब छोड दें और अस्वास्थ्यकर भोजन, और अवैध पदार्थों से बचें।

4. कुछ अध्ययनों से पता चला है कि अतिरिक्त कैफीन कम प्रजनन क्षमता का कारण बन सकता है। इसलिए कॉफी से दूरी बनाएं।

5. जब आप गर्भ धारण करना चाहती हैं तो आपको दिमाग की अच्छी स्थिति में होना चाहिए। आपको खुश होना चाहिए, अन्यथा गर्भ धारण करने की आपकी क्षमता को प्रभावित हो सकती है।

6.गर्भ ठहरने के लक्षण जानने के बाद सामान्य स्वास्थ्य के लिए सक्रिय रहना महत्वपूर्ण है और तनाव को कम करने, अपने वजन को नियंत्रित करने, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने, अपने मनोदशा को बढ़ावा देने और बेहतर नींद में मदद कर सकता है।

7. प्रसव के लिए क्लास में भाग लेने से आपको प्रसव के लिए और अधिक तैयार होने में मदद मिलेगी। यहां तक कि यदि यह आपका पहला बच्चा नहीं है फिर भी।