गोरखपुर से वाराणसी 04 लेन के निर्माण में तेजी लाये -योगी

मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव, सड़कों के निर्माण, संचारी रोग, स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के सम्बन्ध में बैठक की,जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए लेवल-2 एवं लेवल-3 के बेडों की संख्या बढ़ाकर 1000 तक किया जाये। कोविड डेडीकेटेड अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी जाये तथा नियमित रूप से निगरानी की जाये।एन्टीजन किट के माध्यम से प्रतिदिन 2500 जांच करायी जाये तथा डोर-टू-डोर सर्वे कराकर अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित की जाये।हर अस्पताल में आग से बचाव की व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाये। मण्डल के अन्य जनपदों में लेवल-2 के चिकित्सालय की स्थापना की जाएइन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल रूम में डिप्टी सी0एम0ओ0 स्तर का एक अधिकारी तैनात किया जाये।मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाये।लो0नि0वि के अधिकारी हर तीसरे दिन तथा जिलाधिकारी एवं मण्डलायुक्त प्रत्येक सप्ताह में सड़क निर्माण की प्रगति की समीक्षा करें। 


लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव, सड़कों के निर्माण, संचारी रोग, स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक में मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, महानिदेशक मेडिकल हेल्थ, अपर निदेशक स्वास्थ्य, प्रधानाचार्य बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर आयुक्त, एन0एच0ए0आई0, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए लेवल-2 एवं लेवल-3 के बेडों की संख्या बढ़ाकर 1000 तक किया जाये। उन्होंने कहा कि इन्टीग्रेडेट कन्ट्रोल रूम से होम आइसोलेशन में रह रहेे कोविड संक्रमित मरीजों की नियमित रूप से निगरानी की जाये और प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के बारे जानकारी ली जाये। आवश्यकतानुसार उन्हें कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जाये।  

बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज के 500 बेडेड चिकित्सालय में डेडीकेटेड कोविड का अस्पताल बनाया जाये। साथ ही, 100 बेड के टी0बी0 अस्पताल में भी आॅक्सीजन एवं वेण्टीलेटरयुक्त बेडों की संख्या बढ़ायी जाये। उन्होंने कहा कि कोविड डेडीकेटेड अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी जाये तथा नियमित रूप से निगरानी भी की जाये। उन्होंने कहा कि मण्डल के अन्य जनपदों में लेवल-2 के चिकित्सालय की स्थापना सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक जांच पर बल देते हुए कहा कि एन्टीजन किट के माध्यम से प्रतिदिन 2500 जांच करायी जाये तथा डोर-टू-डोर सर्वे कराकर अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या मिल रही है, वहां पर कन्टेंमेन्ट जोन बनाकर घर-घर जांच करायी जाये तथा काॅन्टैक्ट टेªसिंग भी की जाये। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल में आग से बचाव की व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाये।

ने जे0ई0/ए0ई0एस0 की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्वच्छता अभियान नियमित रूप से चलाया जाये तथा जहां जलभराव की स्थिति है, वहां पानी हटते ही तत्काल छिड़काव आदि की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल रूम में डिप्टी सी0एम0ओ0 स्तर का एक अधिकारी तैनात किया जाये, जो मरीजों से संवाद स्थापित करे। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराने के साथ ही पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक किया जाये।

मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया एवं वाराणसी से बाघागाढ़ा तथा गोरखपुर से देवरिया 04 लेन सड़क निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाये, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी हर तीसरे दिन तथा जिलाधिकारी एवं मण्डलायुक्त प्रत्येक सप्ताह में सड़क निर्माण की प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने गोरखपुर से वाराणसी 04 लेन के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने बैठक में उपस्थित नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि जनपद में कहीं भी जल जमाव की स्थिति न रहे तथा साफ-सफाई की व्यवस्था और बेहतर करने के साथ-साथ प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन का अभियान चलाया जाये।