ताजिया बनाने वाले सैकड़ों परिवारों को रोजी रोटी का संकट

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व डॉ0 मो0 शब्बीर

अयोध्या, भेलसर कोरोना संक्रमण कारोबार से लेकर हुनर तक को प्रभावित कर रहा है काम धंधे और रोजगार में परेशान लोग अब ताजिया में कमाई की बात तो दूर हो पूंजी भी डूबने की आशंका से कारीगर परेशान है।ताजिया बनाने वाले कारीगरों का कहना है कि अचानक आए प्रशासनिक फरमान से हम लोगों का दिन का सुकून व रातों की नींद गायब हो गई है।अगर ताजिया न बिकी  तो हम लोगों की पूंजी डूब जाएगी कर्जदार भी हो जाएंगे और रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो जाएगा।
बता दें कि इमाम हुसैन र0 आ0 की याद में मनाए जाने वाले गम ख्वारी का त्योहार मोहर्रम के लिए तहसील क्षेत्र में ताजिया कारीगर ताजिया की बनावट व सजावट में दिन रात लगे हुए हैं।

यहां के कारीगर इस कार्य से सिर्फ पैसे ही नहीं बल्कि शोहरत भी बटोरते हैं।नक्काशी व कटिंग के मामले में यहां की ताज़िया कई जिलों में मशहूर हैं और दूर-दूर से ताजियादार यहां आकर खरीददारी करते हैं लेकिन अभी दो दिन पूर्व तहसील क्षेत्र के मवई पटरंगा के थानों चौकियों में हुई पीस कमेटी की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट आदेश दिया है कि 1 फुट से ऊंची ताजिया नहीं रखी जाएगी।अचानक हुए इस आदेश से जहां ताज़ियादार परेशान हैं वहीं ताजिया कारीगर की नींद हराम हो गई है मवई गांव में अपने नक्काशी के लिए मशहूर शमशेर व कल्लू बताते हैं कि हम लोग उधार व्यवहार पर कड़ी मेहनत से यह ताजिया तैयार करते हैं अब ताजियादार ये ताजिया नहीं खरीदेंगे तो हम लोग बर्बाद हो जाएंगे वहीं रानी मऊ में विगत 17 वर्षों से इस काम में लगी 65 वर्षीय अतरुन्निशा पत्नी मोहम्मद दस्तगीर बताती हैं कि न खेती न बाड़ी करोना काल में लड़कों का धंधा भी हो गया बंद सरकार की तरफ से भी कोई सहायता नहीं मिली अब ताजिया भी ना बिकेगी तो हम लोग भूखों मर जाएंगे।इस सम्बन्ध में एसडीएम विपिन कुमार सिंह ने कहा कोरोना वायरस बहुत ही घातक हो चुका है जो सरकार की गाइड है उसका पालन कराया जाएगा।