देशद्रोहियों पर रासुका लगाया जाय: विचार मंच


     लखनऊ, आज बुद्धिजीवियों की पुरानी एवं महत्वपूर्ण संस्था ‘विचारमंच’ द्वारा कोरोना की बंदिशों के कारण दूरभाष पर अपनी नियमित संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ‘देशद्रोही तत्वों का विषवमन’ विषय पर विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारत में ऐसे तत्व विद्यमान हैं, जो अपने को विदेशी मुसलिम हमलावरों से जोड़कर हिंदुओं को अभी भी अपना गुलाम समझने की मनोवृत्ति से ग्रस्त हैं। वे अपने अनर्गल प्रलापों से हिंदुओं की भावनाओं को जबतब चोट पहुंचाते रहते हैं। ऐसे तत्व पूरे देश में फैले हुए हैं तथा उनके हौसले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। उन
लोगों के विरुद्ध रासुका(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, अन्यथा वे जहर उगलते रहेंगे और समाज में आग लगाते रहेंगे।


     मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकार राजीव अहूजा ने कहाकि रामजन्मभूमि मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन से सारा देश आनंदित है, किन्तु हमेशा जहर उगलते रहने वाले असदउद्दीन उवैसी ने मंदिर-निर्माण के विरुद्ध बयान दिया है कि वहां बाबरी मसजिद ही थी और हमेशा रहेगी। इस प्रकार उवैसी विदेशी आक्रांता बाबर का समर्थन कर रहा है, जिसने अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर
तोड़कर वहां मसजिद का ढांचा खड़ा किया था। सर्वाेच्च न्यायालय वहां मंदिर के पक्ष में फैसला दे चुका है, फिर भी उवैसी इस तरह का प्रलाप कर रहा है। कई मुसलिमों ने, जिनमें मुसलिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के लोग व अन्य मुसलिम संगठन शामिल हैं, धमकी दी है कि रामजन्मभूमि मंदिर बन जाने पर उसे फिर तोड़ डाला जाएगा।


      संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पत्रकार श्याम कुमार ने कहाकि सर्वाेच्च न्यायालय का फैसला हो चुका है कि संविधान की मूल अवधारणा में परिवर्तन नहीं किया जा सकता, फिर भी इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी में अवैध रूप से संविधान की प्रस्तावना में ‘सेकुलर’ शब्द जोड़ दिया था, जिसका
फायदा देशद्रोही तत्व उठा रहे हैं और देश को ब्लैकमेल कर रहे हैं। फर्जी सेकुलरवाद के नाम पर भारत की प्राचीन संस्कृति को नष्ट कर देना चाहते हैं। वे राम को अपना पूर्वज मानने के बजाय बाबर व अन्य मुसलिम आक्रांताओं को अपना पूर्वज मानते हैं। पत्रकार डाॅ. हरिराम त्रिपाठी ने कहाकि
राष्ट्रवादी मुसलमानों की जन्मभूमि भारत ही है, अतः उन्हें अपनी बिरादरी के कट्टरपंथियों के विरुद्ध संगठित होकर आवाज उठानी चाहिए और उनको अलग-थलग करना चाहिए।


       राजनीतिक विश्लेषक सर्वेश चंद्र द्विवेदी एवं समाजसेवी सुशीला मिश्र ने कहाकि उवैसी व उसका भाई अकबरुद्दीन उवैसी हिंदुओं के विरुद्ध हमेशा जहर उगलते रहते हैं, लेकिन उनके विरुद्ध  कोई कार्रवाई नहीं होती। अकबरुद्दीन उवैसी ने तो यहां तक कह दिया कि कौशल्या बदचलन थी और राम नाजायज औलाद थे। ऐसी ही बात यदि किसी हिंदू ने मुसलमानों के आराध्य के बारे में कह दी होती थी तो चारों ओर आग लग जाती और उस हिंदू को जेल में डाल दिया जाता। हिंदुओं के विरुद्ध कांग्रेस ने 70 साल तक जो षड्यंत्र किया, वह अभी भी कायम है। हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित किए जाने के ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं।


        पत्रकार कैलाश वर्मा ने कहाकि अधिकांश मुसलमान शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं, लेकिन विगत 70 वर्षाें में उनके बजाय कट्टरपंथी मुसलमानों को संरक्षण व प्रोत्साहन दिया गया, जिससे वे हावी होते गए हैं। पत्रकार अरविंद मिश्र एवं पत्रकार राजू यादव ने कहाकि यदि देशद्रोही तत्वों के
विरुद्ध कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो ऐसे तत्व पूरे देश को उस प्रकार नरक बना देंगे, जैसा उन्होंने कश्मीर घाटी को बना दिया था। जिस प्रकार कश्मीर में आतंकवाद पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है, वही हाल पूरे देश का हो जाएगा। अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।

    श्याम कुमार
                                                     अध्यक्ष