नवविवाहिता की हत्या,डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट न आने का बहाना

एक वर्ष पूर्व हुई नवविवाहिता की हत्या के मामले में मवई पुलिस अबतक नही लगा सकी कोई सुराग।

अब्दुल जब्बार व अम्बरेश यादव

अयोध्या, भेलसर एक वर्ष पूर्व देवईत के जंगल मे मिली नव विवाहिता की लाश के मामले में मवई थाना की पुलिस के अभी भी खाली हाथ है। पुलिस हत्यारोपियों का अभी तक कोई सुराग नही लगा पाई है।मामला मवई थाना क्षेत्र के देवईत गांव का है। जहां आज से लगभग 1 वर्ष पूर्व एक नवविवाहिता की लाश थाना क्षेत्र के देवइत के जंगल से बरामद हुई जिसमे विवाहिता के परिजनों ने ससुरालीजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। मृतक के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक के पति सुरेश पुत्र बाबूलाल व सास,ससुर व ननद सहित चार लोगों के विरुद्ध तहरीर दिया था।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पीड़ित न्याय के लिए थाने का चक्कर काटता रहा। घटना के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट न आने का बहाना बनाकर पुलिस पल्ला झाड़ती नज़र आ रही है।

पीड़ित पिता ने थक हार कर एक बार फिर बेटी को न्याय दिलाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित जगजीवन पुत्र मोलहे निवासी बादराज पुरवा मजरे हंसराज पुर थाना मवई जनपद अयोध्या ने बताया कि मेरी पुत्री रूपा का विवाह एक वर्ष पूर्व देवईत गांव के सुरेश के साथ हुआ थी। विवाह के पश्चात ससुरालीजन दहेज के लिए मेरी बेटी को शारिरिक व मानसिक रूप से परेशान करते थे। 19 सितंबर 2019 को रूपा ने फोन कर मारने पीटने की बात बताई थी। उसी दिन शाम 5 बजे बेटी के ससुराल पहुँच गया। बेटी के घरवालों ने बताया कि रूपा कंही चली गई है। काफी खोजबीन के बाद 5 अक्टूबर 2019 को पता चला कि देवईत जंगल में कोई लाश मिली है। घर वालों ने लाश को पहचाना और स्थानीय पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। तब से लेकर मवई पुलिस ने न तो दहेज हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया न ही अभी तक किसी की गिरफ्तारी हो पाई है। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी मवई ने बताया कि अभी मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। मेरे संज्ञान में मामला आने पर कार्यवाही की जायेगी।