पांच सूत्रीय माँगो लेकर राजाजी पुरम डिवीजन पर प्रदर्शन

उ0प्र0अपना व्यापार मँडल के प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति मे बताया कि आज पांच सूत्रीय माँगो लेकर राजाजी पुरम डिवीजन पर प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शन का नेतृत्व अपना व्यापार मँडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि कई महीनो से बिजली की व्यवस्था एकदम चौपट है।

बिजली के दाम चार साल में कई बार बढ़ाये गये लेकिन बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होने के बजाय बिगडती गई। किसानों का बिल मनमाने ढंग से भेजा जा रहा हैं। स्मार्ट मीटर जम्प कर रहे हैं जिसकी वजह से उपभोक्ता परेशान है।उस पर विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही हैअपना व्यापार मँडल स्मार्ट मीटर बदलकर सामान्य मीटर लगाने की मांग करता है। प्नदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि अधिकारियों द्वारा मीटर रीडिंग कराई नही जा रही हैजिसकी वजह से प्रोविजनल बिल बना दिया जाता है। फिर उसे सही कराने के लिए उपभोक्ताओं को विभाग के चक्कर लगाने पड रहे है।

सँगठन के प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को हल करने के लिये शनिवार रविवार शिविर का आयोजन किया जा रहा है लेकिन शिविर मे न तो उपखंड अधिकारी न ही जूनियर इंजीनियर मौजूद थे ।मौके पर सँगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कई उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी।सँगठन के प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायत अँकित करने के लिये कोई रजिस्टर भी नही था जिससे यह मालूम हो सके कि कितने उपभोक्ताओं की शिकायत आयी।इससे यह प्रतीत होता है कि विभागीय खानापूर्ति के लिये शिविर का आयोजन हो रहा है।जाजी पुरम परिक्षेत्र अध्यक्ष सिराज खान ने कहा कि एक बार फिर विभाग द्वारा बिजली के दामो मे बढोत्तरी की जा रही है।जिससें व्यापारी, किसान ,आमजन के ऊपर इस कोरोना काल मे अतिरिक्त बोझ पडेगा ।

अभी प्रदेश का व्यापारी, किसान तथा आमजनता आर्थिक सँकट से जूझ रही है यह समय बिद्युत दर बढोत्तरी का नही है अपना व्यापार मँडल इसकी कडी निन्दा करता है।जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा के नेतृत्व में बिजली दरो के विरोध मे महामहिम से मिलकर हस्तक्षेप की मांग की जायेगी।इस प्रदर्शन मे मुख्य रूप से विपिन बिहारी, राफे भाई, अरविन्द श्रीवास्तव, गिरीश यादव, शशांक पान्डेय, कल्लू गौतम, राहुल यादव, इसरार गाजी,सोनू यादव, कल्लू भाई, सुजीत यादव, शहजाद अहमद आदि प्रमुख पदाधिकारी व्यापारीकरण उपस्थित थे।