प्रदेश में बाढ़ की परिस्थिति चिंताजनक नहीं- अनिल राजभर

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज जनपद बहराइच, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी एवं सीतापुर में गहन समीक्षा की गई तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों शरणालयों के आस-पास की झाड़ी की सफाई के साथ-साथ रात्रि में प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश।

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के संबंधित जनप्रतिनिधियों से समन्वय बैठाते हुए उन्हें लगातार प्रभावित गांवों एवं तटबंध की यथा स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं का टीकाकरण एवं चारा/भूसा की व्यवस्था एवं उनके देखरेख की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश।

कंट्रोल रूम को सशक्त किए जाने हेतु बल दिया गया जिससे कि यदि किसी  भी प्रभावित व्यक्ति द्वारा कोई सूचना उपलब्ध कराई जाती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित।

प्रदेश में बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है, कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं।

बाढ़ प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0 की 15 टीमें  एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 07 टीमें इस प्रकार कुल 22 टीमें तैनात।

प्रदेश में 236 बाढ़ शरणालय तथा 715 बाढ़ चैकी स्थापित बाढ़/अतिवृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारीबाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है जिसमे 17 प्रकार की सामग्री वितरित की जा रही है।

प्रदेश में 175 पशु शिविर स्थापित तथा 6,08,902 पशुओं  का किया गया टीकाकरण अब तक कुल 1162 कुंतल भूसा वितरित किया गया।

शारदा नदी, पलिया कला लखीमपुरखीरी, सरयू नदी, तुर्तीपार बलिया, राप्ती नदी बर्डघाट गोरखपुर व सरयू (घाघरा) नदी- एल्गिनब्रिज बाराबंकी और अयोध्या में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है।

आपदा से निपटने के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी।

बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होने पर जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नं0-1070 पर फोन कर सम्पर्क करें।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर ने आज यहां लोकभवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज जनपद बहराइचए लखीमपुर खीरीए सीतापुर एवं बाराबंकी में राज्यमंत्री जलशक्ति श्री बलदेव औलख व अपर मुख्य सचिवए सिंचाई के साथ बाढ़ राहत कार्यए स्वास्थ्यए बचाव दल की उपलब्धता तथा बाढ़ के संबंध में समस्त तैयारियों के बारे में जिलाधिकारी तथा जनपद के अन्य अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की गई तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय भी निरीक्षण किया।

राजभर ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ राहत कार्यों हेतु निर्देश दिये गये हैं कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में विषैले सर्प कीटों का प्रकोप काफी संख्या में रहता है जिनके काटने से काफी जनहानि व पशुहानि होती है। बाढ़ राहत शरणालयों के आस.पास की झाड़ी की सफाई की जाय और रात्रि में प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय। जल बहाव के कटान से प्रभावित भूमि के समीप स्थित स्कूल व पंचायत भवनों में बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों हेतु शरणालय न बनाया जाय और ऐसे स्कूल व भवनों में कक्षाओं का संचालन न किया जाय। जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले विद्युत तारों खम्भों को दुरूस्त रखा जाय और यह सुनिश्चित किया जाय कि विद्युत करन्ट के द्वारा कोई जनहानिए पशुहानिए मकान क्षति न होने पाए।

जनपद बाराबंकी में तटबंध में 24’7 घंटे बांधों का निरीक्षण करने के निर्देश दिये गये। किसी भी क्षतिग्रस्त बंधे को तत्काल ठीक करा लिया जाए तथा बाढ़ चैकियों एवं कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रखा जाए। क्षतिग्रस्त नावों का प्रयोग ना किया जाए तथा राहत सामग्री का वितरण उपयुक्त लाभार्थियों को प्रदान किया जाए। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के संबंधित जनप्रतिनिधियों से समन्वय बैठाते हुए उन्हें लगातार प्रभावित गांवों एवं तटबंध की यथा स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं का टीकाकरण एवं चाराध्भूसा की व्यवस्था एवं उनके देखरेख की समुचित व्यवस्था कर ली जाय। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे बच्चे बुजुर्ग एवं महिलाओं का विशेष ध्यान रखते हुए उन लोगों की दवा एवं वैक्सीन का उचित व्यवस्था कर ली जाए तथा सर्पदंश एवं जल जनित बीमारियोंध्संक्रमण की रोकथाम हेतु उचित व्यवस्था कर ली जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार एन0डी0आर0एफ एवं पी0ए0सी0 तथा युवा सहायता दल की भी व्यवस्था कर ली जाय। जनपद बहराइच में बाढ सुरक्षा संबंधी समस्त व्यवस्थाएं पूर्ववत् संचालित रखने के साथ.साथ तथा बाढ़ राहत संबंधी समस्त व्यवस्था एन0डी0आर0एफ0 सहित समस्त टीमों को सक्रिय रखा जाय। बाढ़ प्रभावी समस्त ग्रामों में स्वास्थ शिविर का आयोजन किया जाए तथा उपचारित व्यक्तियों व दी गई दवाइयों का विवरण कर रक्षित रखा जाए। अवशेष पशुओं का टीकाकरण पूर्ण किया जाए। जनपद के 110 कि0मी0 तटबन्ध की निरंतर निगरानी की जाए तथा किसी प्रकार की सीपेज या अन्य प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत मरम्मत की जाय। जनपद मुख्यालय पर स्थित बाढ़ कंट्रोल रूम 24’7 संचालित रखा जाय। अपर जिलाधिकारी प्रतिदिन कम से कम 10 कालर से बात कर की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करें। राहत वितरण में जन प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

राजभर ने बताया कि जनपद लखीमपुर खीरी में कटानध्संवेदनशील स्थल चिन्हित करना एवं 24ग्7 घंटे पेट्रोलिंग करना व निगरानी रखने के निर्देश दिये गये हैं। बाढ़ का पानी कम होने पर फसलों के नुकसान का आंकलन करना एवं प्रभावित किसानों के मध्य राहत धनराशि का वितरण किया जाय। नावों का सत्यापन कर लिया जाए और छतिग्रस्त नावों का उपयोग न किया जाए क्षमता से अधिक लोग न बैठें। बाढ़ध्कटान से कैसे बचा जाए और उसके प्रभाव को कैसे कम किया जाएए उसके अगले 45 दिन की कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। सर्प दंश से संबंधित पिछले वर्षों के आंकड़ों की समीक्षा करना एवं एनटीवेनम वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के निर्देश। पशुओं का शत.प्रतिशत टीकाकरण का लिया जाए। जनपद में राहत वितरण का कार्य गुणवत्तापूर्वक किया जा रहा हैए इसे आगे भी रखा जाय। कंट्रोल रूम 24ग्7 घंटे संचालित रहे एवं बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि जनपद सीतापुर में संवेदनशील तटबंध पर 24×7 गश्त की जाय। नाव पर कितने लोग सवार होने चाहिएए इसके लिए एक स्पष्ट कटौती संदेश बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। बाढ़ प्रवण क्षेत्रों में मेडिकल टीमें सक्रिय होनी चाहिए और कोविड.19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित किये जाएं। राशन किट की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। मैरून गांव के लिए जनरेटर की व्यवस्था की जाय। बाढ़ के खतरे वाले गांवों में विद्युत पोल और केबल के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किये जाएं।

राजभर ने बताया कि जनपद ंगोण्डा में प्राप्त सूचना के अनुसार अपरान्ह 3ः00 बजे सकरौर भिखारीपुर तटबंध कि0मी0 17ण्590 से कि0मी0 17ण्780 के मध्य 60 मी0 की लम्बाई में कट गया। उक्त स्थल पर नदी के जलस्तर में कमी आ गयी है। दिनांक 07ण्08ण्ण्2020 की सूचना के अनुसार रिंग बांध बनाने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जनपद बलरामपुर के बलरामपुर.भडरिया तटबध्ंा में राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित ग्राम चन्दापुर के पास कटान स्थल पर बम्बूक्रेटए नायलान क्रेट में मिट्टी भरी बोरियों को रख कर कटान को नियंत्रण करने का कार्य कराये जा रहे है। दिनांक 07ण्08ण्2020 की सूचना के अनुसार न्यूनतम आवश्यक कार्य कराये गये हैए स्थिति नियंत्रण में है तथा तटबध्ंा सुरक्षित है।

राजभर ने बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। प्रदेश में बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0 की 15 टीमें तथा एस0डी0आर0एफ0 व पी0ए0सी0 की 07 टीमें इस प्रकार कुल 22 टीमें तैनाती की गयी है। 780 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़ध्अतिवृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है।

राजभर ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री जिसमें 10 किलो आटाए 10 किलो चावलए 10 किलो आलूए 05 किलो लाईए 02 किलो भूना चनाए 02 किलो अरहर की दालए 500 ग्रा0 नमकए 250 ग्रा0 हल्दीए 250 ग्रा0 मिर्चए 250 ग्रा0 धनियाए 05 ली0 केरोसिनए 01 पैकेट मोमबत्तीए 01 पैकेट माचिसए 10 पैकेट बिस्कुटए 01 ली0 रिफाइन्ड तेलए 100 टेबलेट क्लोरीन एवं 02 नहाने के साबुन वितरित किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के अन्तर्गत 32ए567 खाद्यान्न किट व 1ए59ए334 मी0 तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 253 मेडिकल टीम लगायी गयी है।

बाढ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 236 बाढ़ शरणालयए और 04 जनपदों में 44 शरणालयों में 4ए087 व्यक्ति रह रहे है तथा 715 बाढ़ चैकी स्थापित की गयी है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जनपद ;अम्बेडकरनगरए अयोध्याए आजमगढ़ए बहराइचए बलियाए बलरामपुरए बाराबंकीए बस्तीए गोण्डाए गोरखपुरए कुशीनगरए लखीमपुरखीरीए मऊए सिद्धार्थनगरए महाराजगंजए देवरियाए संतकबीरनगर तथा सीतापुरद्ध के 672 गांवों बाढ़ से प्रभावित है। शारदा नदीए पलिया कला लखीमपुरखीरीए सरयू नदीए तुर्तीपार बलिया राप्ती नदी बर्डघाट गोरखपुरए सरयू ;घाघराद्ध नदी.एल्गिनब्रिज बाराबंकी और अयोध्या में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में 175 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 6ए08ए902 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1162 कंुतल भूसा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नं0.1070 पर फोन कर सम्पर्क कर सकता है।