प्रभु राम मेरे भी हैं -सुनील सिंह

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में जब खुद सरकार लोगों से सोसल डिस्टेंसिंग के पालन करने का बार बार आग्रह कर रही है, लोगों के मास्क न पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर चालान काटे जा रहे है’ वही , अयोध्या में श्री राम मंदिर के भूमि पूजन का आयोजन किया जा रहा है।  क्या ऐसे में लोग सोशल डिस्टेंसिग का पालन कर सकेंगे ??

लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहां की  जहा तक मै समझता हु ऐसे में कितनी भी कोशिश कर ले लोगों से सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं होगा।  अगर ऐसा होता तो ३ अगस्त को अयोद्या के जिलाधिकारी चिंतित नजर ना आते।  आज इस प्रकरण पर कोई भी राजतिनिक दल ’सपा’, ’बसपा’, ’कॉन्ग्रेस’ सामने आकर ये नहीं कह रहा है कि देश के प्रधान मंत्री मोदी जी इस समय मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम को करके गलत कर रहे है।  क्यूकी जिस भी राजनितिक दल ने ऐसा कहा वो श्री राम विरोधी माना जाएगा। ऐसे में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह बराबर इस बात का विरोध कर रह है कि इस कोरोना काल को देखते हुए माननीय प्रधान मंत्री को ऐसे कार्यक्रम का आयोजन नहीं करवाना चाहिए’।

सुनील सिंह ने कहा कि मै मंदिर बनने का विरोध नहीं कर रहा हु क्यूकि प्रभु श्री राम मेरे भी है , इस हिन्दुस्तान के है। दुःख तो इस बात का है जो प्रधानमंत्री खुद चैनल पर आकर चीख चीख कर कह रहा हो।


सुनील सिंह ने कहा कि ऐसे आपातकाल मैं जहाँ बंइपदमज उपदपेजमत की  बवतवदं से मौत हुई व वीवीआई ठश्रच् अध्यक्ष अमित शाह जी व स्वतंत्र देव जी भी बवतवदं चवेपजपअम पाये गये हो ,ऐसे समय में अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास सरकार की अमानवीय प्राथमिकता दर्शाता है वोट बैंक के लिये अगर हमारे प्रधानमंत्री । सरकारी व निजी अस्पतालों में जन सुविधाओं के लिए वलहमद ,अमदज पसंजवते के ऊपर ध्यान देते के लिये बनाये गये धार्मिक आयोजनो में पाबंदियो का पालन करने का आदर्श प्रस्तुत करे तो बेहतर है ,अन्यथा बवतवदं और ज्यादा विकराल रूप लेगा शिलान्यास को फिलहाल सरकार को बवतवदं त्रासदी तक स्थगित देशहित में करना चाहिये।