प्रियंका का कपड़ा बहुत बोल्ड लगा, तो ट्रोल कर दिया

जनवरी को जब हम अपने झंडा फहरा रहे थे, तब अमेरिका में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित म्यूज़िक अवॉर्ड बंट रहा था. ग्रैमी अवॉर्ड्स. वही, जो रहमान ‘जय हो’ के लिए जीत चुके हैं और हनी सिंह अपने गानों में जीतने की बात करते हैं. यहां इंडिया से जुड़ा कोई म्यूज़िक तो नहीं था. लेकिन प्रियंका चोपड़ा थीं. प्रियंका खुद भी गाती हैं लेकिन इस बार वो अपने म्यूज़िशियन पति निक जोनस के साथ इस सेरेमनी में हिस्सा लेने पहुंचीं थीं. ग्रैमी में इस बार सिंगर बिली एलिश का जलवा रहा. लड़की ने एक ही बार में 5 ग्रैमी अवॉर्ड्स जीते, जिसमें बेस्ट सॉन्ग और बेस्ट एल्बम जैसे अवॉर्ड्स भी शामिल हैं. लेकिन अपने को बिली से कोई मतलब नहीं था. क्योंकि अपनी जनता सोशल मीडिया पर प्रियंका चोपड़ा को ट्रोल करने और ज्ञान पिलाने में लगी हुई थी. अब फंक्शन वगैरह से फ्री होकर प्रियंका चोपड़ा ने जवाब दिया.

प्रियंका क्यों हुई ट्रोल…?

वैसे तो ट्रोल करने के लिए किसी वजह की ज़रूरत नहीं पड़ती. प्रियंका चोपड़ा वाले केस में भी नहीं थी. लोग खाली बैठे थे, सोचा कुछ नहीं करने से अच्छा है, किसी को ट्रोल ही कर दो. फोन उठाया. प्रियंका चोपड़ा की फोटो दिखी. उस लुक में जिसमें वो ग्रैमी अटेंड करने जा रही थीं. अब पब्लिक को प्रियंका का कपड़ा बहुत बोल्ड और रिवीलिंग लग गया. भद्दे-भूहड़ मीम्स बनने लगे. क्योंकि सफेद कलर के इस गाउन में उनकी नाभि दिख रही थी. आयरनी देखिए, अपने यहां कि एक एक्ट्रेस ग्रैमी अटेंड कर रही है और लोगों को उनकी अचीवमेंट की बजाय उनकी नाभि दिख रही है.

प्रियंका ने क्या जवाब दिया…?

अब इसका कोई क्या ही जवाब देगा. मैक्सिमम यही कहा जा सकता है कि भगवान आपको सदबुद्धि दे. लेकिन प्रियंका पब्लिक फिगर हैं. उन्हें ये सब बोलना अलाउड नहीं है. प्रियंका ने इन सब झोल-झमाटो के बाद एक इंस्टाग्रैम पोस्ट किया. इसमें वो लिखती हैं-

“मैं सोच रही हूं कि साल की क्या क्रेज़ी शुरुआत हुई है. और अभी हम जनवरी में ही हैं. जिससे प्रेम करते हैं, उनसे प्रेम करिए. जैसे जीना चाहते हैं, जिएं. दुनिया की तमाम दिक्कतों के बीच अपने और आस-पास के लोगों के प्रति दया भाव बनाए रखें. मैं आभारी हूं उस प्रेम और दया के लिए, जो मुझे मिली है. जो आपके पास हैं, उनसे प्रेम बनाए रखिए. क्योंकि ये मायने रखता है. जीवन एक तोहफा है.”

मतलब इंग्लिश में ये थोड़ा कूल लग रहा था. लेकिन मतलब तो हिंदी में समझ आता है. और प्रियंका जो कह रही हैं, वो तो समझना ज़रूरी है ही. वो भी समझना ज़रूरी है, जो वो नहीं कह रहीं. हम इतनी नेगेटिविटी का क्या करेंगे? दूसरों पर जितना ध्यान दे रहे हैं, खुद को भी उतना ही क्रिटिकल होकर देखें, तो कुछ बात बने. अब भी नहीं समझ आ रहा है, तो करिए ट्रोल. प्रियंका तो अपना काम कर रही हैं. हम भी. समय और दिमाग तो आपका खराब हो रहा है.