बीडीओ ने पंचायत सचिवों पर लगाया रिश्वतखोरी का आरोप

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बीडीओ ने पंचायत सचिवों पर लगाया रिश्वतखोरी का आरोप,एक दिन पूर्व पंचायत सचिव भी बीडीओ पर अवैध वसूली का लगा चुके थे आरोप।

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व मुजतबा खान

अयोध्या, भेलसर शुक्रवार को मवई ब्लाक में पंचायत सचिवों ने बीडीओ पर मानसिक तथा आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने संघ से इसकी शिकायत की थी तो वहीं एक दिन बाद खण्ड विकास अधिकारी मोनिका पाठक ने भी पलटवार किया है। बीडीओ ने पंचायत सचिवों द्वारा अपने ऊपर लगाए गये आरोपों को बेबुनियाद तथा मनगढंत बताया। पंचायत सचिवों द्वारा अपने ऊपर लगाए गये आरोपों पर पलटवार करती हुई खण्ड विकास अधिकारी मोनिका पाठक ने पंचायत सचिवों पर ही रिश्वत खोरी का आरोप लगा दिया।

बीडीओ मोनिका पाठक ने बताया कि कुछ पंचायत सचिव मृत्यु प्रमाण पत्र व जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पैसे ले रहे हैं। इतना ही नही बीडीओ ने बताया कि आवास स्वीकृत कराने के नाम पर भी ये पंचायत सचिव रिश्वतखोरी कर रहे हैं।गरीब लोग मुझे आकर बताते हैं कि यह लोग पैसे लेने के चक्कर मे बैंक से ही पीछे लग जाते हैं।बीडीओ मोनिका पाठक ने बताया कि यदि कोई भी पंचायत सचिव मृत्यु व जन्म प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर पैसे की मांग करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।बीडीओ ने बताया कि आवास प्लस में मैंने ढाई हजार अपात्रों के नाम हटवाये।यही सब कारण है पंचायत सचिवों की नाराजगी है।

पंचायत सचिव मुकेश मौर्य का एक दिन का वेतन काटने के बारे में बताया कि मुकेश मौर्या एक दिन आये थे छुट्टी की मांग कर रहे थे तो मैंने उनसे कहा कि सीडीओ बैठक लेने वाले है इस लिये समीक्षा बैठक होगी।यह तत्काल बैठक से उठकर चले गये और दूसरे दिन समीक्षा बैठक में नही आये और न ही छुट्टी के लिये रिक्वेस्ट किया।इस वजह से इनका एक दिन का वेतन रोक दिया गया।इन लोगों ने इस लिये पुराना मुद्दा उठाया है ताकि हम असलियत न पकड़ सके।मोनिका पाठक ने बताया कि मेरे रहते कोई भी गरीबों का शोषण होने नही पायेगा।बताते चलें कि शुक्रवार को पंचायत सचिवों ने खण्ड विकास अधिकारी पर मानसिक व आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए संघ के जिलाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र दिया था।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि बीडीओ मवई जनपद स्तर पर जांच व निरीक्षण बताकर पंचायत सचिवों से अवैध तरीके से वसूली के लिये सम्बन्धित सचिवों को परेशान किया करती हैं।शुक्रवार को कुछ ग्राम प्रधानों ने तो जोश में आकर पंचायत सचिवों का मोहर व हस्ताक्षर करके समर्थन भी कर दिया था लेकिन जब उनपर दबाव पड़ा तो उनको पलटने में देर भी नही लगी तथा शनिवार को ब्लाक पहुंच कर बीडीओ से सफाई देते हुए पंचायत सचिवों द्वारा गुमराह करके फर्जी मोहर व हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की भी मांग की।फिलहाल बीडीओ व पंचायत सचिवों के बीच चल रही खींच तान से कहीं गावों में चल रहे विकास कार्य प्रभावित न हो जाये।