भाजपा की रणनीति के आसपास भी विपक्ष नही

भाजपा की रणनीति के आसपास भी विपक्ष नही चल रहा है. भाजपा अब तय कर रही है की आपको किस विषय पर ध्यान देना है. 


1.रेलवे में निजीकरण, 50% पदों को खत्म करना काफी बड़ी बात है. एससी 2 लाख, एसटी 1 लाख और ओबीसी  कम से कम 4 लाख व्यक्ति इसमें नौकरी कर रहे है. अथार्त बहुजन के कम से कम 7 लाख परिवार चल रहे है, उनके रहन सहन में वर्धि हो रही है. इससे सामाजिक विकास हो रहा है. एकाएक आधे पद खत्म कर देने से इनके रहन सहन पर, सामाजिक विकास पर प्रभाव पड़ेगा. 
लेकिन इतनी बड़ी घटना से ध्यान हटाने के लिए “विकास दुबे” को प्रसिद्ध किया गया. 
2.राजिस्थान में भाजपा सरकार बनाने के काफी करीब है, हो सकता है न बना पाये, लेकिन कोशिस बड़े स्तर पर चालू है. और इसपर से ध्यान हटाने के लिए भाजपा समर्थित मिडिया आपको “अमिताब बच्चन एंड फैमिली” दिखा रहा है. 
दोनों ही घटना, इतनी बड़ी नही है की “रेलवे में निजीकरण व सरकार गिराने” से बड़ी हो. लेकिन भाजपा समर्थित मिडिया दिखा रही है. 
सोशल मिडिया पर भी हमारा ध्यान इन्ही दोनों घटनाओ पर है. मूल मुद्दे पर लगातार आपका ध्यान हट रहा है, और यह हटाया जा रहा है. इसलिए देश आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े के बाद भी भाजपा पर कोई फर्क नही पड़ रहा है.
वास्तव में अगर आपको तगड़ा वार करना है तो;
“सरकारी नही बल्कि प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागु करने के लिए आन्दोलन करने चाहिए. पिछले 6 वर्षो की भाजपा की रणनीति धराशाई हो जाएगी”