September 23, 2021

Nishpaksh Dastak

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विश्व न्याय दिवस पर CMS में न्यायविदों व कानूनविदों का ऑनलाइन अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन

विश्व न्याय दिवस पर CMS में न्यायविदों व कानूनविदों का ऑनलाइन अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन भावी पीढ़ी का सुरक्षित भविष्य हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए,विश्व के न्यायविदों व कानूनविदों की राय।

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा आज ष्विश्व न्याय दिवस के अवसर पर विश्व के न्यायविदों व कानूनविदों का एक दिवसीय ऑनलाइन अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 27 देशों के न्यायविदों व कानूनविदों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए एक स्वर से कहा कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित व सुखमय भविष्य प्रदान करना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और इस उद्देश्य हेतु विश्व के न्यायविदों व कानूनविदों का आगे आकर अन्तर्राष्ट्रीय परिचर्चा में
संवाद करना एक अहम कदम हैए जो कोरोना महामारी के इस दौर में व इसके उपरान्त नवीन विश्वव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन ष्कोरोना महामारी के दौर में विश्व में न्यायए शान्तिए सुरक्षा व मानवता का कल्याण विषय पर आयोजित हुआए जिसमें 27 देशों के न्यायविदों व कानूनविदों ने ऑनलाइन प्रतिभाग कर कोरोना महामारी के बाद की वैश्विक विश्व व्यवस्था पर विशेष रूप से चर्चा.परिचर्चा की। यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन प्रातः 10ण्30 बजे से प्रारम्भहोकर शाम 6ण्00 बजे तक तीन अलग.अलग सेशन्स में सम्पन्न हुआ। इससे पहले सम्मेलन के संयोजक डा0 जगदीश गाँधी प्रख्यात शिक्षाविद् व संस्थापक CMS  ने सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे देश.विदेश की गणमान्य हस्तियोंए न्यायविदों व कानूनविदों का हार्दिक स्वागत अभिनंदन किया। इस अवसर पर डाण् गाँधी ने कहा कि बच्चों के आधिकारों व विश्व व्यवस्था के महत्वपूर्ण मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए मैं विश्व न्यायविदों व कानूनविदों व अन्य गणमान्य हस्तियों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। यह हमारी इण्टर.जनरेशन रिस्पान्सिबिलटी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर जीवन व बच्चों को सुरक्षा प्रदान करें।

सम्मेलन में बोलते हुए आर्मीनिया के कोर्ट ऑफ कॉसेसन की प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति रूजाना होकोब्यान ने कहा कि कोरोना महामारी की समस्या सभी सभी देशों में एक समान व्याप्त है, हमें इसे मिलकर सुलझाना है। आपसी झगड़ों को मिटाकर हमें शान्ति व सद्भावना का वातावरण तैयार करना चाहिए। जापान के बयाको शिनो काई की चेयरपरसन सुश्री मसामी सायोनिजी ने कहा कि हम सबके अन्दर ईश्वरीय शक्ति है। इसी से हम किसी भी आपदा का सामना कर सकते हैंए बस हममे एक.दूसरे की मदद करने का हौसला होना चाहिए। भूटान हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोबजैंग रिंजिंग यार्गे ने कहा कि आज न्याय दिवस है। न्याय से ही आदमी महान बनता है। आज कोविड.19 के समय मेंसभी देशों को एकजुट होकर शान्ति व न्याय की आवाज उठानी चाहिए। सम्मेलन के अपरान्हः सत्र का शुभारम्भ सीण्एमण्एसण् के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफीसर रोशन गाँधी के स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री रोशन गाँधी ने कहा कि इस
वर्ष की स्थितियाँ विगत वर्षों से काफी भिन्न हैं। अब समय आ गया है कि हम ग्लोबल गवर्नेन्स के बारे में गंभीरता से सोचें। सम्मेलन में फलीपीन्स के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हिलेरियो डेविड जूनियरए अफगानिस्तान के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री यूसुफ हलीमए मिश्र के सुप्रीम कान्स्टीट्यूशनल कोर्ट के डेप्युटी चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति श्री आदेल उमर शेरिफए बोस्निया एण्ड हर्जेगोविना की न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुश्री मिरसादा डिजिंडोए इस्वातिनी के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति  मूसा सी बी मफलालाए मोजाम्बिक के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एडेलिनो मुचांगा व अन्य गणमान्य हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किये। सम्मेलन में सीण्एमण्एसण् की संस्थापिका.निदेशिका डाण् भारती गाँधी ने भी अपने विचार व्यक्त किये जबकि सीण्एमण्एसण् प्रेसीडेन्ट प्रोण् गीता गाँधी किंगडन ने
सम्मेलन की सफलता हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया। सम्मेलन का संचालन  शिशिर श्रीवास्तव हेडए इण्टरनेशनल रिलेशन्सए सीण्एमण्एसण्ए श्री संदीप श्रीवास्तव प्रोजेक्ट लीडरए विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनए सीण्एमण्एसण् ने किया जबकि उद्घोषिका की भूमिका सीण्एमण्एसण् के इंग्लिश स्पोकेन विभाग की हेड श्रीमती वीरा हजेला एवं CMS जॉपलिंग रोड कैम्पस की प्रधानाचार्या  शिप्रा उपाध्याय ने निभाई।