सैनिक स्कूल का स्वरूप भारतीय परम्परा, संस्कृति, शौर्य एवं पराक्रम को दर्शाता हुआ होना चाहिए: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित सैनिक स्कूल, गोरखपुर की डिजाइन के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण,स्कूल की स्थापना का कार्य चरणबद्ध व समयबद्ध ढंग से किया जाए।
निर्माण में आधुनिक तकनीक, डिजाइन और सुविधाओं का समावेश किया जाए।
भवन में सैनिक स्कूल की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। 
भवन का वास्तु भारतीयता और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बने।


लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष आज यहां उनके सरकारी आवास पर प्रस्तावित सैनिक स्कूल, गोरखपुर की डिजाइन के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक स्कूल का स्वरूप भारतीय परम्परा, संस्कृति, शौर्य एवं पराक्रम को दर्शाता हुआ होना चाहिए। इसके निर्माण में आधुनिक तकनीक, डिजाइन और सुविधाओं का समावेश किया जाए। इसकी शैली उत्कृष्ट और जीवन्त हो। भवन में सैनिक स्कूल की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

सैनिक स्कूल के भवन का वास्तु भारतीयता और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बने। इसके अन्तर्गत निर्मित किए जाने वाले विभिन्न ब्लाॅकों का नामकरण भी भारतीय संस्कृति के अनुरूप किए जाने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रक्रिया चरणबद्ध व समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि गोरखपुर में प्रस्तावित सैनिक स्कूल के लिए 49 एकड़ भूमि उपलब्ध करायी जा चुकी है। इस सैनिक स्कूल में मल्टी परपज हाॅल, डाइनिंग हाॅल, ब्वाॅयज व गल्र्स हाॅस्टल, आवासीय भवन निर्मित होंगे। इनके अलावा रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा की व्यवस्था रहेगी। विभिन्न प्रकार के खेलों के लिए मैदान व सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट भी निर्मित होंगे।