माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश-भूपेंद्र चौधरी

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माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश-भूपेंद्र चौधरी
माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश-भूपेंद्र चौधरी

एसी ऑफिस में बैठकर जनता की फिक्र का ढोंग कर रहे सपा प्रमुख। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- अपने विकास मॉडल के माध्यम से निकाय चुनाव में भी क्लीन स्वीप करने जा रही भाजपा। जनता का मोदी-योगी पर अटूट विश्वास निकाय चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत का आधार बनेगा। सरकार के खिलाफ षड्यंत्र और विभाजन की राजनीति करने वालों का पहले के चुनावों जैसा ही हश्र करेंगे यूपी के मतदाता। माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश-भूपेंद्र चौधरी

हिमांशु दुबे

लखनऊ। एयर कंडीशन आफिस में बैठकर अनर्गल आरोप लगाना, चुनावों में हार के बाद ईवीएम और अधिकारियों पर आरोप लगाना और अपनी सरकारों में माफिया, अपराधियों से सांठगांठ पर मौन रहना, यही समाजवादी पार्टी का चरित्र है, जिससे प्रदेश की जनता भलीभांति परिचित है। प्रदेश में निकाय चुनाव चल रहा है, लेकिन सपा प्रमुख जमीन पर उतरने की बजाय अपने एयर कंडीशंड आफिस में बैठकर बेबुनियाद आरोपों के माध्यम से सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। हकीकत वो भी जानते हैं की भारतीय जनता पार्टी अपने विकास मॉडल के माध्यम से निकाय चुनावों में क्लीन स्वीप करने जा रही है। इसीलिए वह जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि गुंडों, माफिया, अपराधियों की पार्टी सपा वापस सत्ता में आने के लिए छटपटा रही है, लेकिन प्रदेश की जनता ने इनका समय देखा है और वो किसी भी सूरत में प्रदेश में फिर से गुंडों का राज नहीं देखना चाहती है। प्रदेश की जनता का मोदी-योगी पर अटूट विश्वास निकाय चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत का आधार बनेगा।

सपा के शासन में चरम पर था भ्रष्टाचार


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा से लेकर विधानसभा और यहां तक कि नगरीय निकाय के चुनावों में भी भाजपा के हाथों बुरी तरह हार चुके सपा प्रमुख जानते हैं कि जमीन पर उतरने का कोई फायदा नहीं है। नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने विकास की जो गंगा बहाई है, उसका तोड़ सपा ही नहीं किसी पार्टी के पास नहीं है। ऐसे में ये लोग जनता को भ्रमित करने के लिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। जब प्रदेश में इनकी सरकारें थीं तब भ्रष्टाचार चरम पर था, गुंडे खुलेआम घूमते थे, माफिया का राज चलता था, आम नागरिक असुरक्षा के भाव से ग्रसित था। ये स्वास्थ्य की बात कर रहे हैं जबकि इन्हीं के समय मे एम्बुलेंस घोटाले के रूप में सबसे बड़ा स्वास्थ्य घोटाला हुआ था। प्रदेश की जनता कभी भी उस दौर में वापस नहीं जाना चाहती, इसलिए उसने निकाय चुनाव में सभी जगह ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने का फैसला किया है।

माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश-भूपेंद्र चौधरी

सरकार के खिलाफ षड्यंत्र ही सपा का असली चरित्र


प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित महसूस करता है। महिलाएं रात में बिना भय के आ-जा सकती हैं। व्यापार के लिए अनुकूल माहौल है। कोई रंगदारी, वसूली नहीं कर सकता। सितंबर-अक्टूबर में प्रदेश के अंदर लाखों करोड़ का निवेश होने जा रहा। लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने जा रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों का स्मार्ट सिटी के तौर पर विकास हो रहा है। कई शहरों में मेट्रो का कार्य प्रगति पर है तो कई जगह इसका विस्तार हो रहा है। शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। एफआईआर से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक सरकारी सेवाओं का डिजिटाइजेशन किया गया हैं जिससे लोग मोबाइल पर ही सेवाओं का लाभ ले पा रहे हैं, उन्हें दफ्तरों में धक्के नहीं खाने पड़ रहे। कोरोना के खिलाफ बेहतरीन प्रबंधन से लेकर प्रदेश में संचारी रोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का आम जनमानस पर व्यापक प्रभाव है। पहले की सरकारों की तरह भाजपा सरकार सरनेम देखकर विकास योजनाओं का लाभ नहीं देती है। ये हर पात्र नागरिक के लिए हैं, चाहे उनकी जाति, मजहब कुछ भी हो। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की हर तबके में स्वीकार्यता को देखकर सपा प्रमुख बौखला गए हैं। वो समझ चुके हैं कि भाजपा को टक्कर तो क्या वो और उनकी पार्टी सामना तक नहीं कर सकते। ऐसे में झूठ बोलकर वो साबित कर रहे हैं कि सरकार के खिलाफ षड्यंत्र ही उनका और उनकी पार्टी का असली चरित्र है।

माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि माफिया के साथ सपा की सांठ गांठ किसी से छुपी नहीं है। अतीक अहमद को इन्होंने ही टिकट देकर संसद भेजा था तो उसके भाई को विधायक भी इन्होंने ही बनाया था। आज ही जिन अंसारी ब्रदर्स (मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी) को कोर्ट ने वर्षाे पुराने आपराधिक मामले में सजा सुनाई, उनसे भी इनके संबंध रहे हैं। चुनाव के दौरान अब्बास का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो कह रहा था कि सपा प्रमुख से बात हो चुकी है, चुनाव जीतने के बाद किसी अधिकारी का तबादला नहीं होगा, बल्कि पहले उनका हिसाब किया जाएगा। ऐसे न जाने कितने माफिया सपा के राज में फलते फूलते थे, सरेआम अधिकारियों को धमकी देते थे। सपा प्रमुख तब भी उनके समर्थन में थे और आज जब कानून उन्हें उनके किए की सजा दे रहा है तब भी वो उनके साथ खड़े हैं। वहीं पीड़ितों के लिए सहानभूति के दो शब्द उनके पास नही है। ऐसे माफियापरस्त नेताओं की राजनीति को प्रदेश की जनता ने बार-बार ठुकराने का काम किया है और ये आगे भी जारी रहने वाला है। माफिया के सरपरस्त हैं अखिलेश-भूपेंद्र चौधरी