July 26, 2021

Nishpaksh Dastak

Nishpaksh Dastak

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 48वां जन्मदिन उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

01 जुलाई को उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का जन्म दिन बड़े धूम धाम से मनाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 48वां जन्मदिन उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उनके शुभचिंतकों ने जन्मदिन के अवसर पर केक काट मिठाई बाट रहे है। इसी प्रकार आवास एवं कार्यालय पर जन्मदिन की बधाई देने वालों का तांता लगा रहा है। 

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आज जन्मदिन है। अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गाँव में हुआ। अखिलेश शाकाहारी है।इनका विवाह डिंपल यादव के साथ 24 नवंबर 1999 को हुआ था। अखिलेश तीन बच्चों के पिता हैं। इनकी पत्नी सांसद का चुनाव लड़ती हैं पर 2019 में हार गई हैं। अखिलेश यादव की पहचान सामाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता के रूप में हैं। मार्च 2012 के विधान सभा चुनाव में 224 सीटें जीतकर मात्र 38 वर्ष की आयु में ही वे उत्तर प्रदेश के 33वें मुख्यमन्त्री बन गये। उत्तर-प्रदेश के सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री बनना भी उनकी विशिष्ट पहचान में शामिल हैं। अखिलेश पेशे से एग्रीकल्चरिस्ट भी हैं, लेकिन अभी वो सामजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय हैं। अखिलेश के पिता और उत्तर-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की नींव रखी थी, लेकिन अखिलेश ने पार्टी का युवा चेहरा बनकर इसे नयी दिशा दी।

अखिलेश मतलब विकास 2012से2017

1.)अखिलेश थे तो कन्यादान मिलता था।
2.)अखिलेश थे तो लैपटॉप मिलता है।
3.)अखिलेश थे तो विधवा पेंशन मिलती थी।
4.)अखिलेश थे तो आगरा एक्सप्रेसवे बनवाया था।
5.)अखिलेश थे तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनवाया था।
6.)अखिलेश थे तो मेदांता अस्पताल बनवाया था।
7.)अखिलेश थे तो HCL बनवाया था।
8.)अखिलेश थे तो इंटरनेशनल Ekana स्टेडियम बनाया था।
9.)अखिलेश थे तो महिला सुरक्षा 1090 बनवाया था।
10.)अखिलेश थे तो डायल 100 बनवाया था।
11.)अखिलेश थे तो एंबुलेंस सेवा 108 बनवाया था।
12.)अखिलेश थे तो मेट्रो बनवाई थी।
13.)अखिलेश थे तो जनेश्वर मिश्र पार्क बनवाया था।
14.)अखिलेश थे तो गोमती रिवरफ्रंट बनवाया गया था।
15.)अखिलेश थे तो बेरोजगारी भत्ता मिलता था।
16.)अखिलेश थे तो लोहिया बस सेवा लाए थे।
17)अखिलेश थे तो लखनऊ आलमबाग टर्मिनल बस अड्डा बनवाया था
18.)अखिलेश थे तो साइकिल ट्रक बनवाया गया था।
19.)अखिलेश थे तो लोहिया ग्रामीण आवास बनवाया था।
19.)अखिलेश थे तो कई करोड़ पेड़ पौधे लगाए गए थे।
20.)अखिलेश थे तो गरीबों की सहायता होती थी।
21.)अखिलेश थे तो लखनऊ में JNPIC बनवाया था।
22.)अखिलेश थे तो developing power सेक्टर।
23.)अखिलेश थे तो कामधेनु योजना थी।
24.)अखिलेश थे तो किसान आवाम सर्वहित बीमा योजना थी।
25.)अखिलेश थे तो किसान बाजार बनाया था।
26.)अखिलेश थे तो ऐसे अन्य कई विकास कार्य व सहायता की जाती थी।

अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल मे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनवाया, जो भारत का सबसे आधुनिक एक्सप्रेस वे है। अखिलेश यादव ने उ.प्र. में “यू.पी.100 पुलिस सेवा” और “108 एंबुलेन्स फ्री सेवा” शुरू की। उनके कार्यकाल में लखनऊ मैट्रो रेल, लखनऊ इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम,एशिया का सबसे बड़ा पार्कजनेस्वेर, जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर, लखनऊ- बलिया समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 2, आदि का निर्माण हुआ । इन्होनें कार्यकाल में प्रदेश मे युवाओ को बड़ी मात्रा में लैपटाॅप वितरण किये गये।

May be an image of 3 people and text that says 'खुशहाली वापस लायेंगे. को प्रगति पर्याय उत्तर प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 श्री अखिलेश यादव जन्मदिन मुबारक अनुराग यादव पूर्व प्रत्याशी 170, सरोजनी नगर विधानसभा'

अखिलेश यादव का राजनैतिक करियर

  1. राजनैतिक परिवेश में बड़े होने के कारण उनका राजनीति में आना तय ही था, लेकिन इससे पहले उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की थी। 2000 के 13वीं लोक सभा चुनाव में अखिलेश यादव को पहली बाद कन्नौज से चुना गया था, इसके बाद हुए 14वे और 15वें लोकसभा चुनाव में भी लोकसभा की सदस्यता हासिल की थी, इसके अलावा अखिलेश यादव सिविल सप्लाई,खाध्य और वितरण कमिटी के सदस्य रह चुके हैं।
  2. 2000 से 2001 तक उन्हें कमिटी ऑफ़ एथिक्स का सदस्य बनाया गया। 2002 से 2004 तक वो एनवायरमेंट एंड फारेस्ट कमिटी और विज्ञान एवं तकनीक कमिटी के सदस्य भी थे।
  3. 2004 से 2009 तक वो अर्बन डेवेलपमेंट कमिटी ऑन एस्टिमेट्स, कमिटी ऑन प्रोविजिन ऑफ़ कंप्यूटर्स जैसे कई विभागों के सदस्य रहे।
  4. 2009 से 2012 तक वो एनवायरमेंट एंड फारेस्ट कमिटी, विज्ञान और तकनीक कमिटी और 2जी स्पेक्ट्रम स्कैम के जेपीसी में सदस्य रहे।
  5. अखिलेश यादव निरंतर ग्रामीण इलाकों, गरीबों और किसानों के लिए काम करते रहते हैं, उनकी पार्टी ने विधान सभा चुनावों की डोर जब उनके हाथ में सौंपी, तो उन्होंने पारम्परिक तरीके से प्रचार करने के स्थान पर नये तरीके से पुरे प्रदेश में रैलियां करनी शुरू की, जिसमे उन्हें न केवल सफलता मिली, बल्कि काफी प्रसिद्धि भी मिली और विभिन्न वर्ग के लोगों और युवाओं के बीच एक नयी पहचान बनी।
  6. अखिलेश ने 2012 में हुए उत्तर प्रदेश के चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी को न केवल सत्ता दिलाई बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और गरीबों एवं किसानों तक अपनी पहचान बनाई।अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी की छवि बदलने का श्रेय दिया जाता हैं,उन्होंने चुनाव अभियानों में नयी तकनीकों को जोडकर पार्टी को एक नयी दिशा दी, उन्होंने प्रदेश में बहुत सी साइकिल रेलिया और एक सफल रथ यात्रा की, जिससे युवा वोटर्स पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा, इसके परिणाम स्वरूप ही 2012 के यूपी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को 403 में से 224 सीट मिली ।
  7. 10 मार्च 2012 को अखिलेश यादव को उत्तरप्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता के रूप में चुना गया, और 15 मार्च को वो सबसे कम उम्र के उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 02 मई 2012 को अखिलेश ने 15वीं लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और उत्तर-प्रदेश के विधानसभा काउंसिल के सदस्य बन गये।
  8. 2017 में हुए उत्तर-प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी से गठबंधन कर लिया था,उन्होंने विकास के मुद्दे पर वोट मांगे थे और राज्य से कम्युनल शक्ति को हटाने का प्रयास किया, फिर भी समाजवादी पार्टी चुनावों में जीत नहीं सकी।

अखिलेश यादव से जुडी रोचक जानकारियाँ अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के ऐसे युवानेता हैं, जो अपने भाषणों से युवाओं को ना केवल आकर्षित करते हैं, बल्कि ये विशवास भी दिलाते हैं, कि वो उन्ही में से एक हैं।उनकी भाषा पर अच्छी पकड़ हैं, साथ ही मुद्दों की बात करते हुए, वो जनता को काफी प्रभावित करते हैं। एक कैम्पेन के दौरान अखिलेश ने 6 महीने में 800 रैलियाँ की थी और 10,000 किलोमीटर की यात्रा की थी।अखिलेश जब मैसूर में पढाई कर रहे थे, तब वो अपनी कॉलेज के पास ही एक चाय की दूकान पर जाते थे, जहाँ उनकी दोस्ती चंदु नाम के व्यक्ति से हुयी, जिसने उन्हें कन्नड़ सिखाई और अखिलेश ने कॉलेज में एक भाषण कन्नड़ में दिया।