अगले 25 वर्ष हमारे देश के लिए अमृत काल-मुख्य सचिव

संस्था के आगे बढ़ने में उसका विजन और लोगों के मध्य उसकी स्वीकार्यता पर करता है निर्भर।देश की सभी संस्थाओं का लक्ष्य भारत के विकसित होने में हर संभव योगदान होना चाहिये।राष्ट्रीय शिक्षा नीति भविष्य की आवश्यकताओं तथा आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर की गई तैयार।मुख्य सचिव ने डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के 22वें स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि किया सम्बोधित।मुख्य सचिव ने सभी से अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा आसपास के लोगों को प्रेरित करने का किया आह्वान।

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के 22 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुये कहा कि किसी भी संस्था के आगे बढ़ने में उसका विजन और लोगों के मध्य उसकी स्वीकार्यता पर निर्भर करता है। विश्वविद्यालय ने सफलतापूर्वक 22 वर्ष पूर्ण किये हैं। अब आने वाले 25वें वर्ष के बारे में अभी से विचार करना आरंभ कर देना चाहिये कि उस समय हमारे विश्वविद्यालय की क्या उपलब्धियां होंगी। किस प्रकार हम राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका का निर्वहन करेंगे।मुख्य सचिव ने यह उद्गार डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के 22वें स्थापना दिवस समारोह का बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हमारे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री 15 अगस्त, 2021 को स्वतंत्रता दिवस पर कहा था कि अगले 25 वर्ष हमारे देश के लिए अमृत काल हैं। अगले 25 साल की अमृत काल की यात्रा देश को समृद्ध, संपन्न, स्वस्थ भारत बनाने की है, जिसे प्रधानमंत्री ने नए भारत, आत्मनिर्भर भारत की संज्ञा दी है। जब देश का लक्ष्य विकसित होने का है, तो देश की सभी संस्थाओं का लक्ष्य भी देश के विकसित होने में हर संभव योगदान होना चाहिये।


         उन्होंने कहा कि जब किसी संस्था द्वारा स्थापना दिवस मनाया जाता है तो विचार करना चाहिये कि देश को आगे बढ़ाने में क्या योगदान कर सकते हैं। डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में देश की बेस्ट टेक्नोलॉजिकल फैसिलिटीज उपलब्ध हैं, चाहे रोबोटिक्स के बारे में हो, चाहे नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में हो अनेकों फैसिलिटीज उपलब्ध हैं। इन फैसिलिटीज का उपयोग कर देश के नये भारत के संकल्प के साथ भारत को आगे ले जाने में क्या योगदान दे रहे हैं और देश को आगे बढ़ाने में क्या योगदान दे सकते हैं। किस प्रकार देश की आने वाले की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं और भविष्य में आने वाले बदलाव के प्रति लोगों को तैयार कर सकते हैं। अन्यथा हम पिछड़ जायेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भविष्य की आवश्यकताओं तथा आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई। नई शिक्षा नीति में नवाचार पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति एक ही समय में कई क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। इस नीति में अपनी रुचि और अपनी आवश्यकता के अनुसार विषय का चयन कर सकते हैं। गलत स्ट्रीम में प्रवेश करने पर दूसरे स्ट्रीम का चुनाव करने का विकल्प भी नई शिक्षा नीति में दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में राष्ट्रीय भाषा में स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।


         उन्होंने कहा कि डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय तमाम महाविद्यालयों का समूह है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि विश्वविद्यालय से ऐसे व्यक्ति निकलेंगे, जो भारत के 5 ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को पूरा करेंगे। आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अमृतकाल में नये संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे।उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम तथा स्वतंत्रता के प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को जाग्रत करने के उद्देश्य से आगामी 11 अगस्त से 17 अगस्त ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत सभी लोगों को अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा आसपास के लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया।उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति से एक टेक्निकल डिक्शनरी बनाने का अनुरोध किया, जिसमें तकनीकी शब्दों का हिन्दी में अर्थ में जो आम बोल चाल की भाषा में हो।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र ने पूरे परिसर का भ्रमण किया एवं परिसर में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने इन्नोवेशन हब का लोगो भी लांच किया।डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 22 वां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय संबद्ध उन संस्थानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने एनबीए, एनआईआरएफ, एआरआईआईए में रैंकिग और नैक में ग्रेडिंग हासिल किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।