फुलवारी लीला का हुआ मनोहारी मंचन

नगर दर्शन व फुलवारी लीला का हुआ मनोहारी मंचन।श्रीरामलीला समिति रूदौली के तत्वाधान में इस वर्ष मंचन का है 132वाँ वर्ष।

अब्दुल जब्बार एडवोकेट

अयोध्या/भेलसर। जनपद की प्राचीनतम रामलीलाओं में शुमार श्रीराम लीला समिति ख़्वाजाहाल रूदौली के तत्वाधान चल रही रामलीला के तीसरे दिन दिन गंगावतरण,नगर दर्शन व फुलवारी लीला का मनोहर मंचन हुआ।समिति के सुसज्जित रंगमंच व तकनीकी प्रयोगों ने फुलवारी लीला को और भी मनोरम बना दिया।मुनि विश्वामित्र की यज्ञ रक्षा के लिए मुनि के साथ गये राम और लक्षमण द्वारा ताड़का,सुबाहु जैसे राक्षसों का वध किया गया।मुनि विश्वामित्र के साथ उनके यज्ञ की रक्षा को आये दशरथ कुमारों राम व लक्ष्मण ने जनकपुर देखने की इच्छा प्रकट की।गुरू की आज्ञा से राम और लक्षमण जनकपुर नगर दर्शन के लिए निकले।पुरवासी इन नृपकुमारों को देख मोहित हो गए।


अपने गुरु के पूजनहेतु पुष्प चुनने गए राम और लक्ष्मण जनकनंदिनी की वाटिका पहुंच गए।सीताजी सखियों संग गौरी पूजन के लिए आती हैं।देवी गौरी से उन्हें मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है।समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीपति अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष मंचन का 132वां वर्ष है।निर्देशक कमलेश मिश्र सहनिर्देशक मृदुल अग्रवाल ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीला को हर वर्ष अधिक भव्यता से साथ करने का हर संभव प्रयास किया जाता है।समिति के राजेश बंसल व अनुराग अग्रवाल ने बताया कि सुदूर बैठे रामलीला के दर्शकों की मांग पर विभिन्न संचार माध्यमों से लीला का प्रसारण किया जा रहा है।भगवान राम का अभिनय कर चुके समिति के कलाकार आशीष शर्मा ने बताया कि यहां हर कलाकार भाव से अपना अभिनय करता है जिससे मंच मनोहरता व जीवंतता आ जाती है।नीरज द्विवेदी ने बताया कि मंचन के चौथे दिन 10 अक्टूबर को मंच की अति प्रसिद्ध धनुष यज्ञ की लीला होगी।