दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का लाभ

अयोध्या। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा संचालित ‘‘दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना‘‘ के अन्तर्गत गत् वित्तीय वर्ष 2021-22 अर्थात् 01 अप्रैल 2021 से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिन दिव्यांगजनों का विवाह सम्पन्न हुआ हो, ऐसे दिव्यांग दम्पत्ति प्रश्नगत् योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु वेबसाइट  http://divyangjan.upsdc.gov.in  पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत पुरस्कार की धनराशि दम्पति में युवक के दिव्यांग होने की स्थिति में 15000 रूपये दम्पति में युवती के दिव्यांग होने की स्थिति में 20000 रूपये तथा दम्पति में युवक व युवती दोनों के दिव्यांग होने की स्थिति में 35000 रूपये निर्धारित है। उन्होंने बताया कि आनलाइन आवेदन करते समय दिव्यांग दम्पत्तियों द्वारा निम्नलिखित अभिलेख आनलाइन अपलोड किये जाने आवश्यक हैं।

जिसमें दम्पति का संयुक्त फोटो एवं वर का जनपद का निवासी होने सम्बन्धी प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र, तहसीलदार द्वारा निर्गत आय प्रमाण-पत्र (दम्पति में कोई आयकर दाता न हो), जाति प्रमाण-पत्र, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता), राष्ट्रीयकृत बैंक में संचालित दिव्यांग दम्पति का संयुक्त खाता, युवक एवं युवती के आधार कार्ड की छाया प्रति, दम्पति का आयु प्रमाण-पत्र (विवाह के समय युवक की आयु 21 वर्ष एवं युवती की आयु 18 वर्ष से कम न हो तथा 45 वर्ष से अधिक न हो), दिव्यांगजन का विवाह 01 अप्रैल 2021 से वर्तमान वित्तीय वर्ष के अन्तर्गत सम्पादित हुआ हो। प्रश्नगत योजना के अन्तर्गत दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा निर्धारित भौतिक लक्ष्य की पूर्ति हेतु लक्ष्य निर्धारित किये गये है जिसमें विकासखण्ड अमानीगंज, मिल्कीपुर, हरिग्टनगंज, बीकापुर, मसौधा, सोहावल, रूदौली, मवई, मयाबाजार, पूराबाजार व तारून सभी विकासखण्डों में एक-एक लक्ष्य निर्धारित किये गये है। जिलाधिकारी ने योजना के अन्तर्गत 01-01 का लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देशित किया है कि प्रश्नगत योजना का प्रचार-प्रसार करते हुए योजना के अन्तर्गत पात्र दिव्यांग दम्पत्तियों के आवेदन-पत्र समस्त वांछित अभिलेखों सहित बेवसाइट पर अपलोड कराकर आवेदन-पत्र की हार्ड कापी वांछित जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, अयोध्या को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।