सत्ता के अहंकार में चूर भाजपा

राजेन्द्र चौधरी

अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता के अहंकार में चूर भाजपाई अराजकता पर उतर आए हैं। उन्हें न तो बाढ़ में डूबे गांवों की और नहीं फसल चौपट होने से परेशान किसानों की फिक्र है। भाजपाई बस इन दिनों ठेका-पट्टे के पैसे की बंदरबांट और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं। भाजपा राज में कानून व्यवस्था को पूरी तरह दर किनार कर दिया गया है।झांसी में भाजपा विधायक और जिलाध्यक्ष एक सड़क के टेण्डर को लेकर भिड़ गए। ठेका-पट्टे के मुनाफे में उलझे भाजपाइयों के चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।

जौनपुर में उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आए भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच सार्वजनिक स्थल पर लातघूंसे चलने का दृश्य तमाम लोगों ने देखा। पुलिस पहुुंची तो किसी तरह दोनों लड़ रहे भाजपाई नेताओं को अलग किया गया।

गोरखपुर में भाजपा विधायक पर उनके बड़े भाई ने ही जबरन मकान खाली कराने और मकान खाली न करने पर रेप, लूट के केस दर्ज कराने की धमकी दे डाली।लखीमपुर खीरी के सांसद केन्द्र में भाजपाई राज्यमंत्री गाली गलौच की भाषा में ही हमेशा बोलते हैं। उनके बेटे ने जीप चढ़ाकर किसानों को कुचल देने का आरोप है। उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री जी के ‘स्वरोजगार‘ से प्रभावित भाजपा नेता ने मित्र पुलिस से साठगांठ कर अपने ही हाते में नकली शराब और डीजल बनाने की फैक्ट्री खोल ली।


सीतापुर में सरकार के जेल राज्यमंत्री भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए तो फिरोजाबाद के भाजपा सांसद बच्चा चोरी के आरोप में पकडे़ गए। वाराणसी जिले में खुद को भाजपाई बताने वाले शख्स ने थाने में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई की और मारपीट कर वर्दी उतरवाने की धमकी भी दे डाली।वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक बच्ची को बाइक से धक्का लगने पर विवाद बढ़ा तो खुद को भाजपा नेता और गांव का प्रधान बताते हुए व्यक्ति ने पुलिस वालों को धमकियां दी है। पुलिस और भाजपा नेता में खूब चखचख हुई।


वास्तविकता यह है कि केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें सिर्फ झूठे नारों और वादों से ही लोगों को गुमराह करने में लगी हुई हैं। भाजपाइयों की काली करतूतों की कहानियां अब आम चर्चा में है। उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस पालिसी भी अब तमाम वादो की तरह ही नकली साबित हुई है। जनता इन नक्कालों से सन् 2024 में पूरा हिसाब लेगी।