संसद की गरिमा तार-तार करना भाजपा की फितरत

 

अपनी नाकामी छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के फोन हैकिंग करा रही भाजपा सरकार।
नेताओं का फोन हैकिंग (टेप कराना) करना, जासूसी कराना हमारे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की पुरानी फितरत है।
मंहगाई से त्रस्त जनता और किसानों की समस्याओं पर न हो चर्चा इसलिए यह सब कर रही भाजपा सरकार।
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी लगातार विपक्ष को कुचलने के लिए यही सब करते रहे, उसी परम्परा का नमूना है मौजूदा फोन हैकिंग काण्ड।संसद की गरिमा तार-तार करना भारतीय जनता पार्टी की फितरत रही है।

 

अशोक सिंह

लखनऊ ।  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी द्वारा फोन हैकिंग मामले में विपक्ष पर प्रतिक्रिया अपने सरकार की नाकामियों का सुधार करने का प्रयास करना चाहिए। उत्तर प्रदेश बेरोजगारी, मंहगाई, खराब कानून व्यवस्था से त्रस्त है इन सब चीजों पर ध्यान देने के बजाए मुख्यमंत्री लोकतंत्र की हत्या करने विपक्ष और देश की महत्वपूर्ण राजनैतिक, सामाजिक हस्तियों के खिलाफ हो रही साजिश जिसके तहत देश के लगभग 300 व्यक्तियों फोन की हैकिंग की गई। ऐसे गंभीर मामले पर जहां भारतीय जनता पार्टी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए ऐसा करने के बजाए मुख्यमंत्री अपनी नाकामी का ठिकरा विपक्ष पर फोड़ करके बच नहीं सकते।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस फोन हैकिंग मामले में जिन हस्तियों के नाम आये है उसमें विपक्ष के बड़े-बड़े कद्दावर नेताओं के अतिरिक्त भारत सरकार के मंत्री, राजनयिक, न्यायविद, पत्रकार और सुरक्षा एजेंसियां सहित तमाम महत्वपूर्ण लोग शामिल है। यह घटना लोकतंत्र के लिए काले धब्बे की तरह है लेकिन भारतीय जनता पार्टी का इतिहास भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में देश के क्रांतिकारियों के खिलाफ मुखबिरी और जासूसी का रहा है। देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अपने गुजरात में शासन के दौरान विपक्ष के खिलाफ इसी प्रकार के षड़यंत्र करते रहे है। यह घटना उसी दिशा में एक कड़ी मालूम पड़ती है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जी यह भूल रहे है कि भारत की गरिमा को तार-तार करना पूरी दुनिया में भारत की छवि को खराब करना यह सब भारतीय जनता पार्टी ही करती रही है लगातार 2014 से पूर्व तक भारतीय जनता पार्टी ने पूरी दुनिया में भारत की छवि को एक भ्रष्ट देश के रूप में बनाई है और आज जब खुद भाजपा उसी जाल में फंसती नजर आ रही तो स्वंय को जनता की नजर में पाकसॉफ साबित करने के लिए विपक्ष पर आरोप लगा रही है। मुख्यमंत्री जी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए क्योंकि प्रदेश की जनता को वैक्सिन नहीं मिल पा रही है।

बेरोजगार युवा गोमती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रहे है, वित्तविहीन शिक्षक वेतन के अभाव में भूखमरी की कगार पर है, महिलाओं का चीरहरण हो रहा है, कानपुर में सरकार की पुलिस द्वारा महिला को अपमानित करने के जिस प्रकार की फोटो अखबारों में छपी है वह हमारे प्रदेश और देश की गरिमा को तार-तार करने वाला है।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संसद सत्र शुरू होने पर उसे संसनीखेज बनाना भाजपा की परम्परा रही है और भाजपा ने हमेशा संसद की गरिमा को तार-तार किया है और एक गलत परम्परा बनाई है। यह सब बयानबाजी मुख्यमंत्री द्वारा जो विपक्ष के लिए की जा रही है वह जनता के मूल मुद्दो से जैसे मंहगाई, बेरोजगारी, खराब कानून व्यवस्था, महिला उत्पीड़न, किसानों की दुर्दशा से ध्यान हटाने का एक कुलसित प्रयास है।