औद्योगिक प्रदेश बनाने की मुहिम

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औद्योगिक प्रदेश बनाने की मुहिम
औद्योगिक प्रदेश बनाने की मुहिम

2022-23 में रिकॉर्ड 1148 इकाइयों को धरातल पर लाया यूपीसीडा। 5 वर्षों की तुलना में 184 प्रतिशत अधिक इकाइयों की हुई प्रदेश में स्थापना। विभिन्न जनपदों में स्थापित हुईं इकाइयां, छूटे जनपदों में भी जल्द होगी स्थापना। उत्तर प्रदेश को औद्योगिक प्रदेश बनाने की सीएम योगी की मुहिम का दिख रहा असर।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और अगले 5 वर्षों में प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सीएम योगी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ-साथ उसके विभाग भी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 2022-23 में रिकॉर्ड 1148 इकाइयों को समयबद्ध उत्पादन में लाने एवं धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त की। यह आंकड़ा विगत 5 वर्षों की तुलना में 184 प्रतिशत से अधिक है। प्राधिकरण की सेवाएं ऑनलाइन किए जाने एवं निवेशकों के लिए नीतियों को सरल किए जाने के फलस्वरूप यह परिणाम प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा प्राधिकरण द्वारा लगातार भूमि बैंक तैयार कर प्रदेश के सभी 154 औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं हेतु बेहतर विकास कार्य किए गए हैं।औद्योगिक प्रदेश बनाने की मुहिम

विभिन्न जनपदों में स्थापित किए गए उद्योग

प्राधिकरण के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश में जंहा पहले 400 से 500 इकाईयां प्रत्येक वर्ष में उत्पादन में आती थी, वहीं आज यह संख्या हजारों में पहुंच गई है। यूपीसीडा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में उद्योग स्थापना का कार्य किया गया है। उसी के परिणाम स्वरुप पिछले पांच वर्षों में, उत्पादन इकाइयों की संख्या में 184 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 403 से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 1148 हो गई है। प्राधिकरण के सीईओ के अनुसार, अन्य जनपदों में भी प्रमुख इकाईयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिसे जल्द ही धरातल पर लाया जाएगा। औद्योगिक प्रदेश बनाने की मुहिम

उत्पादन में आने वाली प्रमुख इकाइयां

  • बर्जर पेंट्स – हरदोई
  • हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड – हमीरपुर
  • पेप्सीकोे – मथुरा
  • एसएलएमजी (कोका कोला) – बाराबंकी
  • ऑर्गेनिक इंडिया – बाराबंकी
  • गोदरेज एग्रोवेट – बाराबंकी
  • ग्रीन प्लाई – हरदोई
  • फॉरएवर डिस्टलरी-गोरखपुर
  • लिंक्लॉक-अलीगढ

ये इकाइयां भी जल्द उतरेंगी धरातल पर

  1. अमूल-वाराणसी
  2. वरुण बेवरेजेज (पेप्सी)- अमेठी, 3. प्रयागराज एवं चित्रकूट
  3. एसएलएमजी (कोका-कोला)-
  4. अमेठी एबी मौरी- पीलीभीत
  5. डेरी क्राफ्ट- बरेली
  6. आइनॉक्स (ऑक्सीजन प्लांट )- रायबरेली
  7. आईटीसी एवं हल्दीराम -हरदोई

निवेश का पसंदीदा गंतव्य बना यूपीसीडा

प्राधिकरण द्वारा सरल नीति, ऑनलाइन भूमि की उपलब्धता एवं बेहतर अवस्थापना सुविधाओं को उपलब्ध कराए जाने के फलस्वरूप यूपीसीडा पिछले कुछ वर्षों में मेगा निवेशकों के लिए अग्रणी गंतव्य बन गया है। पिछले 6 वर्षों में, यूपीसीडा में वर्ष-वार निवेश में 277 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें वर्ष-वार रोजगार सृजन के संदर्भ में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रमुख निवेशकों जैसे वरुण पेय पदार्थों ने 2328 करोड़ रुपए (3 यूनिट), एबी मौरी ने 1100 करोड़ रुपए, एसएलएमजी ने 700 करोड़ रुपए, बेस्टब्रू एलोकोबेव ने 516 करोड़ रुपए, मैपी ने 250 करोड़ रुपए का निवेश किया।

सभी क्षेत्रों तक पहुंचाया निवेश

प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में भी निवेश उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में 2600 करोड़ रुपए, बुंदेलखंड में 635 करोड़ रुपए, पश्चिमांचल में 1750 करोड़ एवं मध्यांचल में 300 करोड़ से अधिक का निवेश भूमि आवंटन से प्राप्त किया गया। इसमे 23000 से अधिक का रोजगार प्रदेश को प्राप्त होगा।