Monday, November 29, 2021
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साहित्य जगत

मनुष्य जीवन में सौन्दर्य का महत्व है। सौन्दर्य कला का मुख्य तत्व है। कलात्मक सृजन के लिये भी मूल ध्येय सौन्दर्य है। सौन्दर्य का सृजन कला का मूल कर्म है। उपनिषदों में कहा गया है कि बलहीन को आत्म उपलब्धि नहीं होती। सृजन पुष्ट शरीर द्वारा ही संभव है।...
चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से ककुवा ने मुंडन-शादी दावतों में भोजन बर्बाद होने की चर्चा करते हुए कहा- भइया, एकु हमार जमाना रहय। तब सगरे नेवताहरी पत्तल सफाचट कयके उठत रहयं। एकु तुमार जमाना आवा हय। अब प्लेटन म खाना छोड़ब...
ध्वनि का रूप नहीं होता। संसार रूपों से भरापूरा है। समाज रूप को नाम देता है। नाम शब्द ध्वनि होते हैं। भारतीय चिंतन में शब्द को ब्रह्म कहा गया है। प्रत्येक शब्द का अर्थ होता है। प्रत्येक शब्द ध्वनि होता है। ध्वनि के रूप का अर्थ निश्चित हो जाने...
रामा रामा रटते रटते,बीती रे उमरिया ।रघुकुल नंदन कब आओगे,भिलनी की डगरिया ॥ मैं शबरी भिलनी की जाई,भजन भाव ना जानु रे ।राम तेरे दर्शन के हित,वन में जीवन पालूं रे ।चरणकमल से निर्मल करदो,दासी की झोपड़िया ॥॥ रामा रामा रटते रटते..॥ रोज सवेरे वन में जाकर,फल चुन चुन कर लाऊंगी...
चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से ..... मोदी सरकार के लिए बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनातियों में से एक है। यही बेरोजगारी जनता...
साधारण आदमी कोल्हू के बैल की भांति जीता है.... उमेश कुमार शुक्ला मैंने सुना है, एक दार्शनिक, एक तार्किक, एक महापंडित सुबह-सुबह तेल खरीदने तेली की दुकान पर गया। विचारक था, दार्शनिक था, तार्किक था, जब तक तेली ने तेल तौला, उसके मन में यह सवाल उठा–उस तेली के पीछे...
सूरथ नाम के राजा और समाधि नाम के वैश्य पर देवी की कृपा की कथा....! बहुत पहले की बात है सूरथ नाम के एक राजा थे जो प्रजा का अपने पुत्रों की तरह पालन करते थे । एक समय सूरत राजा की दुश्मनी कोला विध्वंसी नाम के क्षत्रियों से हो...
चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से ... ककुवा ने खेती-किसानी की चर्चा करते हुए कहा- वयसी सरकार विधानसभा चुनाव क फेर मा उलझी हय। अइसी किसानन कय तकलीफ बढ़त जाय रही। रबी फसल कय बुवाई क्यारु सीजन हय। डीजल केर भाव रोज बढ़तै...
वायु प्रदूषण से राष्ट्रीय बेचैनी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हालत बहुत चिंताजनक है। यही स्थिति कमोवेश सभी महानगरों में है। वायु प्राण हैं। प्राण नहीं तो जीवन नहीं। वैदिक परम्परा में वायु अमर देव हैं। वायु से आयु है। वे वैदिक ऋषियों के प्यारे देवता हैं। वे प्राणशक्ति...
सम्पूर्ण भारत में आप भ्रमण करिये तो पायेंगे कि यहां के तीर्थ स्थलों में कई मन्दिर निर्मित हैं। इन मन्दिरों में कई देवी-देवताओं की मूर्तियां प्रतिष्ठित हैं। जिन्हें देखकर हमारा मस्तक पूज्य भाव व श्रद्धा से -हजयुक जाता है। तब...

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