सावधानी और सतर्कता ही कोविड नियंत्रण का आधार


कोविड के दृष्टिगत सभी नोडल अधिकारी अपने संबंधित जनपद से संवाद करें।संक्रमण से बचने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध एवं सावधानियां सुनिश्चित की जाएं।सावधानी और सतर्कता ही कोविड नियंत्रण का आधार।10वीं तक के सभी विद्यालयों में 16 जनवरी, 2022तक अवकाश घोषित किये जाने के निर्देश।कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों को केवल टीकाकरण के लिए ही विद्यालय बुलाया जाए, शेष अवधि में 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएं।आंगनबाड़ी के बच्चों का पोषाहार उनके घर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।बीते 24 घंटों में 01 लाख 92 हजार 430 सैम्पल की जांच।कोविड से बचाव के लिए अति महत्वपूर्ण टीकाकरणका कार्य प्रदेश में सुचारू रूप से चल रहा।18 वर्ष से अधिक आयु के 13 करोड़ से अधिक लोगों ने अब तकटीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है, जबकि 07 करोड़ 58 लाख सेअधिक लोग कोविड टीके का दोनों डोज लेकर सुरक्षा कवर पा चुके हैं।20 करोड़ 63 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 37 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर।15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों के कोविड टीकाकरण में04 लाख 60 हजार से अधिक किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया।जनपदों में आई0सी0सी0सी0 को 24ग्7 एक्टिव रखा जाए,पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि उनके सम्बंधित विभागमें किसी सरकारी, अर्द्धसरकारी, संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों कावेतन/मानदेय बकाया न रहे,अधीनस्थ कार्मिकों से सतत संवाद करते रहें।


लखनऊ।  मुख्यमंत्री ने 10वीं तक के सभी विद्यालयों में 16 जनवरी, 2022 तक अवकाश घोषित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों को केवल टीकाकरण के लिए ही विद्यालय बुलाया जाए। टीकाकरण तिथि व अगले दिवस इन बच्चों को अवकाश दिया जाए। शेष अवधि में 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएं। आंगनबाड़ी के बच्चों का पोषाहार उनके घर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इन बच्चों को केंद्र न बुलाया जाए।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कोविड संक्रमण के दृष्टिगत टीम-9 के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही कोविड नियंत्रण का आधार है। उन्होंने कहा कि कोविड के दृष्टिगत सभी नोडल अधिकारी अपने संबंधित जनपद से संवाद करें। हर स्थिति पर सीधी नजर रखी जाए। अभी इस संक्रमण का खतरा टला नहीं है। इसलिए सभी लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें, मास्क लगाएं, सैनिटाइजर का उपयोग करें और सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से पालन करें। इस संक्रमण से बचने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध एवं सावधानियां सुनिश्चित की जाएं।


राज्य सरकार हर एक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। प्रदेश में कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लोगों में पैनिक न हों, अतः उन्हें सही, सटीक और समुचित जानकारी दी जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैरिएंट पूर्व के वैरिएंट्स की तुलना में कम नुकसानदेह है। वैक्सीन कवर ले चुके स्वस्थ-सामान्य व्यक्ति के लिए यह बड़ा खतरा नहीं है। कोरोना प्रोटोकॉल का हर हाल में अनुपालन जरूरी है। घबराने और की नहीं, सावधानी की जरूरत है। बीते 24 घंटों में 01 लाख 92 हजार 430 सैम्पल की जांच की गयी। इसी अवधि में 51 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 5158 है। कोविड से बचाव के लिए अति महत्वपूर्ण टीकाकरण का कार्य प्रदेश में सुचारू रूप से चल रहा है। 18 वर्ष से अधिक आयु के 13 करोड़ से अधिक लोगों ने अब तक टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है, जबकि 07 करोड़ 58 लाख से अधिक लोग कोविड टीके का दोनों डोज लेकर सुरक्षा कवर पा चुके हैं। 20 करोड़ 63 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 37 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। विगत दिवस तक 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों के कोविड टीकाकरण में 04 लाख 60 हजार से अधिक किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है।


कोविड टीके की उपयोगिता को देखते हुए जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों का वैक्सीनेशन किया जाए। अधिकाधिक स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जाएं। बदलती परिस्थितियों व्यापक जनहित के दृष्टिगत स्वास्थ्य विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार नवीन कोविड गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जिन जनपदों में एक्टिव केस की न्यूनतम संख्या 1,000 से अधिक हो जाए, नई व्यवस्था लागू होगी। टेस्टिंग और टेªसिंग को बढ़ाये जाने की जरूरत है। हर दिन न्यूनतम तीन से चार लाख टेस्ट किए जाएं। निजी प्रयोगशालाओं को कोविड टेस्टिंग के लिए अधिकृत करने से पूर्व उनके पिछले रिकॉर्ड देखे जाएं। जिम्स नोएडा, के0जी0एम0यू0, डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ  में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा को विस्तार दिया जाए, इसके लिए आवश्यक मशीनें और मानव संसाधन की व्यवस्था की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आई0सी0सी0सी0) को 24ग्7 एक्टिव रखा जाए। पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। आई0सी0सी0सी0 में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे। लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा दी जाए। आई0सी0सी0सी0 हेल्पनंबर सार्वजनिक कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। लोग किसी जरूरत पर तत्काल वहां संपर्क कर सकते हैं। निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डाे में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें। घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिन्हित किया जाए। उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि उनके सम्बंधित विभाग में किसी सरकारी, अर्द्धसरकारी, संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन/मानदेय बकाया न रहे। अधीनस्थ कार्मिकों से सतत संवाद करते रहें।बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।