लाखा साहब की जयंती मनाई

अजय सिंह

लखनऊ। रविवार को परम्पूज्य लाखा साहब की जयन्ती संस्थान के कार्यालय में मनाई गयी। जिसमें लाखा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए संस्थान के प्रभारी कमलेश प्रजापति व अध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि लाखा साहब दो सगे भाई थे। जो आगे चलकर लाखन सिंह व माखन सिंह के नाम से व्यापार करते थे। जिसमें लाखन सिंह के वंशज नायक बंजारा के नाम से जाने जाते हैं और माखन सिंह के वंशज बनिया वर्ग के नाम से जाने जाते हैं जो कि देश के इतिहास में गाय, बैल, बछड़ा आदि जानवरों का व्यापार करते थे दूसरी ओर किराना जैसे गरी, मिश्री, छुहारा ताल मखाना आदि लाने ले जाने का कार्य करते थे। उन्होंने आगे बताया कि देश में ऐसे महापुरूष लाखा साहब ने तमाम ऐसे कार्य किये जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। जैसे बांदा सागर झील का निर्माण तथा सागर झील जो मध्य प्रदेश में स्थित है जो कि पर्यटन विभाग की देखरेख में है। ऐसे तमाम पर्यटन स्थल हैं जो आज पर्यटन विभाग के संरक्षण में है जो बंजारा समाज के पूर्वजों द्वारा ऐतिहासिक इमारतें आदि बनाई गयीं हैं। ऐसे कार्यों के लिए उन्हें तमाम लड़ाईयां व यातनाएं भी झेलनी पड़ी हैं।इस मौके पर उपस्थित प्रभारी कमलेश प्रजापति अध्यक्ष राजू सिंह नायक,महामंत्री ज्ञान सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री पूनम, मंजीत सिंह, टार्जन, तेरेनाम आदि उपस्थित रहे।