बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

147


मुख्यमंत्री ने जनपद हमीरपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया औरप्रभावित लोगों से बाढ़ राहत व बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की,मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की।बाढ़ से प्रभावित सभी राजस्व गांवों में नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए,जो लगातार बाढ़ की स्थिति तथा राहत सामग्री के वितरण पर निगरानी रखें।बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल राहत सामग्री वितरित की जाए । सभी प्रभावित गांवों में एक-एक नाव की व्यवस्थाकी जाए, जिससे लोगों को कठिनाई न हो।पर्याप्त मात्रा में बाढ़ चैकियों की स्थापना की जाए,लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किये जाएं।यमुना तथा बेतवा नदियों के बांधों पर सतत् निगरानी रखने के निर्देश।जिन गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बाढ़ का पानीनिकल जाने के उपरान्त यथाशीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।पशुओं के लिए चारे व दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।बाढ़ से प्रभावित सभी गांवों में बाढ़ का पानी कम हो जानेपर डाॅक्टरों की टीम का भ्रमण कराए जाने के निर्देश।प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एण्टी स्नेकवेनम इंजेक्शन तथा दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।सभी प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी कम होने परसैनेटाइजेशन का कार्य प्रभावी रूप से संचालित कराया जाए।मुख्यमंत्री ने जनपद हमीरपुर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया।यमुना जी में राजस्थान के कोटा डैम से तथा बेतवा नदी मेंमाताटीला डैम से जल छोड़ने के कारण बाढ़ की स्थितिउत्पन्न हुई, इससे जनपद हमीरपुर के 90 गांव प्रभावित हुए।बाढ़ प्रभावित लोगों की राहत व बचाव के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधिगणके साथ प्रशासन, एस0डी0आर0एफ0, पी0ए0सी0 की यूनिट कार्य कर रही।आपदा राहत निधि से पहले ही हर जनपद को पर्याप्त धनराशि प्रदान की गई है ।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद हमीरपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके उपरान्त उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया और प्रभावित लोगों से बाढ़ राहत व बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री जी ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी राजस्व गांवों में नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए, जो लगातार बाढ़ की स्थिति तथा राहत सामग्री के वितरण पर निगरानी रखें।


योगी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल राहत सामग्री वितरित की जाए। सभी प्रभावित गांवों में एक-एक नाव की व्यवस्था की जाए, जिससे लोगों को कठिनाई न हो। पर्याप्त मात्रा में बाढ़ चैकियों की स्थापना की जाए। लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किये जाएं। बाढ़ प्रभावित गांवों में पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग की जाए, जिससे इन गांवों में चोरी आदि की घटनाएं न हों। बाढ़ राहत शिविरों में महिलाएं भी रह रही हैं, इसके दृष्टिगत इन शिविरों में महिला आरक्षियों की भी ड्यूटी लगायी जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को यमुना तथा बेतवा नदियों के बांधों पर सतत् निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद हमीरपुर में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु परियोजना बनायी जाए।


जिन गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है, वहां पेट्रोमैक्स इत्यादि की व्यवस्था करायी जाए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बाढ़ का पानी निकल जाने के उपरान्त यथाशीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के लिए चारे व दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ से प्रभावित सभी गांवों में बाढ़ का पानी कम हो जाने पर डाॅक्टरों की टीम का भ्रमण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमार व्यक्तियों को दवाएं उपलब्ध करायी जाएं। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एण्टी स्नेक वेनम इंजेक्शन तथा दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी कम होने पर सैनेटाइजेशन का कार्य प्रभावी रूप से संचालित कराया जाए।


जनपद हमीरपुर के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को जनपद में बाढ़ की स्थिति, राहत व बचाव कार्यों के सम्बन्ध में अवगत कराया कि जनपद में 90 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जनपद में बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों के लिए 02 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों को लगातार खाद्यान्न सामग्री तथा फूड पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री जी को जानकारी दी कि जनपद के 05 थाने बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक गांव में पुलिस बल की ड्यूटी लगायी गयी है। एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की टीम बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत व बचाव के कार्यों में लगातार लगी हुई है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।जनपद हमीरपुर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमीरपुर में बाढ़ का मुख्य कारण यमुना जी और बेतवा नदी में भारी पैमाने पर जल छोड़ना है। यमुना जी में राजस्थान के कोटा डैम से तथा बेतवा नदी में माताटीला डैम से जल छोड़ने के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे जनपद हमीरपुर के 90 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों की राहत व बचाव के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधिगण के साथ प्रशासन, एस0डी0आर0एफ0, पी0ए0सी0 की यूनिट कार्य कर रही है।


योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में खाद्यान्न एवं राहत सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। आपदा राहत निधि से पहले से ही हर एक जनपद को पर्याप्त धनराशि प्रदान की गई है, जिससे 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 02 किलो दाल, भूजा, चना, तेल, मसाला, नमक, मोमबत्ती तथा केरोसीन आदि राहत सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रभावित गांवों में प्रशासन द्वारा नौका की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाएं सुलभ करायी जा रही हैं। पशुओं के लिए हर जगह चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जल स्तर घटने के साथ ही डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए औषधि की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की सतर्कता के कारण अब तक किसी भी प्रकार जन अथवा पशुहानि नहीं हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनपद हमीरपुर के बाढ़ प्रभावित सभी 90 गांवों को शीघ्र ही राहत मिलेगी और सामान्य जीवन बहाल होगा।