टॅाप-20 में UP के 8 जिले शामिल-मुख्यमंत्री

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टॅाप-20 में UP के 8 जिले शामिल-मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश में पहली बार 100 अकांक्षात्मक नगर निकायों के लिए की गई बजट की व्यवस्था। विकास की आकांक्षा रखने वाले 100 आकांक्षात्मक नगर निकायों के लिए किया गया प्रावधान। पहली बार हो रहा है कि यूपी के हर जनपद में निवेश के प्रस्ताव आए। सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, चंदौली, सोनभद्र जैसे जिले विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। हर सेक्टर में हम रिफॉर्म करते आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- 6.90 लाख करोड़ का सर्वसमावेशी बजट यूपी की आशा, आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव रख रहा है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश हर सेक्टर में हम रिफॉर्म करते आगे बढ़ रहे हैं। नगरों के विकास के रोडमैप की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि पूरे सदन को इस पर प्रसन्न्ता होनी चाहिए कि देश के 112 आकांशात्मक जनपदों में जिन 10 जनपदों में विकास की रफ्तार को सबसे तेजी से आगे बढ़ाया गया, उसमें यूपी के पांच जनपद शामिल थे और टॅाप-20 में यूपी के सभी 8 जिले शामिल थे। इसी तर्ज पर हमने 100 आकांक्षात्मक विकास खंडों को उन्हीं पैरामीटर पर कार्य की शुरुआत की। बजट में 100 आकाक्षांत्मक नगर निकायों की बात हुई है। इसमें वो निकाय हैं जो अभी अभी ग्रामीण क्षेत्र से नगर निकाय में शामिल हुए हैं। उनमें चाहत है कि मैं भी विकास प्रक्रिया में जुड़ सकूं। उनके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।

हर जनपद की चाहत हो विकास मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बजट में हर जनपद की जीडीपी होगी। विकास की चाहत हर जनपद की होनी चाहिए। पहली बार हो रहा है कि यूपी के हर जनपद में निवेश के प्रस्ताव आए हैं। अकांक्षात्मक जनपदों का डाटा देंखेंगे तो पाएंगे कि सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, चंदौली, सोनभद्र जैसे जिले विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। 33 से 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव किसी क्षेत्र विशेष के लिए नहीं हैं। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और सभी 75 जिलों के लिए प्रस्ताव हैं। हर सेक्टर में हम रिफॉर्म करते आगे बढ़ रहे हैं। 6.90 लाख करोड़ का बजट यूपी के आशा और अकांक्षाओं का सर्व समावेशी और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव रख रहा है। ये सर्व समावेशी बजट की आधारशिला है।

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प्रदेश में 10 सेक्टर पर किया जा रहा काम,मुख्यमंत्री ने सेक्टरवाइज विकास की कड़ियों को जोड़ते हुए कहा कि कोविड ने हमारी अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया, हमारी स्पीड को बाधित किया। हमने बिना रुके कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया। हमने 10 सेक्टर पर काम किया। इसमें सबसे पहला सेक्टर है कृषि। कृषि में विपणन एवं विदेश व्यापार, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, उद्यान एवं खाद्य प्रसंसकरण, गन्ना विकास, पशुधन, दुग्ध विकास, मत्स्य, रेशम विकास, लघु सिंचाई, भूगर्भ सिंचाई इन सभी को इसके साथ जोड़ा गया है।
दूसरा सेक्टर है अवस्थापना और औद्योगिक विकास सेक्टर का। इसमें एमएसएमई, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग, ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, नागरिक उडडयन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, खादी ग्रामोद्योग, एनआरआई और संस्थागत वित्त को रखा गया।
सामाजिक सुरक्षा में महिला कल्याण, दिव्यांगजन कल्याण सशक्तिकरण, अन्य पिछड़ावर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक एवं वक्फ, सेवायोजन, खाद्य एवं रसद रखे गये हैं।
चिकित्सा और स्वास्थ्य सेक्टर में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष बाल विकास एवं पुष्टाहार, खाद्य एवं औषधि प्रशासन।
ग्राम्य विकास सेक्टर में पंचायती राज, नमामी गंगे एवं जलापूर्ति, राजस्व और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा।
नगरीय विकास सेक्टर में आवास एवं शहरी नियोजन, नगर विकास एवं नगरीय रोजगार, पर्यावरण एवं वन्यजीव।
पर्यटन एवं संस्कृति सेक्टर में पर्यटन, संस्कृति, भाषा, धर्मार्थ कार्य।
शिक्षा के सेक्टर में बेसिक, माध्यमिक, उच्च, व्यवसायिक, तकनीक और युवा कल्याण।
राजस्व संग्रह सेक्टर में जीएसटी, कर एवं निबंधन, आबकारी, परिवहन, भूतत्व एवं खनिज।
विविध सेक्टर में गृह, सचिवालय प्रशासन, कार्मिक और होमगार्ड।

प्रत्येक सेक्टर की बहुत क्लोज मॉनीटरिंग हो रही है। टार्गेट फिक्स किये गये हैं। हम निरंतर इस पर कार्य कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि एक घोषणा हुई है फैमिली आईकार्ड की। हर परिवार के एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने के लिए हम प्रत्येक परिवार की मैपिंग कर रहे हैं। कार्य जारी है और बहुत शीघ्र इसके जरिए ना केवल रोजगार बल्कि शासन की योजनाओं की क्या स्थिति है, किन किन योजनाओं से परिवार आच्छादित है, किन किन योजनाओं की आवश्यक्ता है। बिना जाति मत मजहब पंथ के भेदभाव के योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

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