टेक्नालाॅजी लैब से निकलकर लैण्ड तक पहुंची-मुख्य सचिव

आम नागरिकों के जीवन को आसान करना इनोवेशन।आम आदमी के उपयोग में आने वाली वस्तुओं के अनुसंधान की आवश्यकता।इनोवेशन एवं स्टार्ट-अप के नई संस्कृति से लाखों लोगांे का जीवन आसान हुआ।वर्तमान में टेक्नालाॅजी लैब से निकलकर लैण्ड तक पहुंच रही।मुख्य सचिव द्वारा अचिवमेंट गैलरी का शुभारंभ तथा डॉ. भरत राज सिंह द्वारा लिखित पुस्तक का अनावरण।कोविड काल में हमारा देश विनर बनकर उभराएयर-ओ-बाइक ऐसे आविष्कारों में से एक है जो न केवल वायु प्रदूषण को कम करता है, बल्कि हवा की विशाल क्षमता का भी उपयोग करता है।

लखनऊ। प्रदेश के मुख्य सचिव ने कहा कि आम नागरिकों के जीवन को आसान करना इनोवेशन है। नई टेक्नालाॅजी लोगों की आर्थिक पहुंच के भीतर और टिकाऊ होनी चाहिए। आम आदमी के उपयोग में आने वाली वस्तुओं के अनुसंधान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश मंे इनोवेशन एवं स्टार्ट-अप के नई संस्कृति की शुरूआत हुई है। इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। इन आविष्कारों से लाखों लोगांे का जीवन आसान होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टेक्नालाॅजी लैब से निकलकर लैण्ड तक पहुंच रही है। सन् 2047 के भारत के लिए हमें अपनी पूरी उर्जा के साथ आगे बढ़ाना होगा। 

   मुख्य सचिव ने यह उद्गार आज स्कूल आॅफ मैनेजमेंट साइंसेज के रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर द्वारा आयोजित ‘इनोवेशन कार्निवल’ में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि इतनी सारी खोज एक जगह देखकर लग रहा है कि आज हमारा देश बदल रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी नेतृत्व में विगत आठ वर्षों में देश में बहुत सारे परिवर्तन हुए हैं। भारत देश में बहुत ताकत है। भारतीय हर समस्या का समाधान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री जी नेतृत्व में जो नया दौर मिला है, स्वच्छ भारत मिशन उसका एक प्रमुख उदाहरण है। इस कार्य में बड़ी संख्या में इनोवेटर्स एवं स्टार्ट-अप लगे हुए है। स्वच्छ भारत मिशन के क्षेत्र में हजार इनोवेशन हुए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि एक छोटी सोच बड़ा परिवर्तन ला सकती है। बच्चों के पढ़ाने का तौर तरीका भी एक आविष्कार है। खेती-किसानी में नई तकनीक के आने से आम आदमी की जिंदगी और आसान बनती जा रही है। आज हमारा देश व प्रदेश रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। पहले रक्षा उपकरणों को विदेशों से लाते थे, आज विदेशों को दे रहे है। कोविड काल में सभी देशों की व्यवस्थायें चैपट हुई, लेनिक हमारा देश विनर बनकर उभरा है।

प्रदेश में 33 करोड़ वैक्सीन की डोज लगाना अपने आप में एक इनोवेशन है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऋषि मुनियों ने ग्रंथों में बहुत सारे वैज्ञानिक तथ्यों को लिख रखा है। इस पर रिसर्च किया जा सकता है।मुख्य सचिव ने छात्रों और उनके शिक्षकों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एयर-ओ-बाइक ऐसे आविष्कारों में से एक है जो न केवल वायु प्रदूषण को कम करता है, बल्कि हवा की विशाल क्षमता का भी उपयोग करता है। सोलर इलेक्ट्रिक साइकिल, सोलर इलेक्ट्रिक स्ट्रीट कार, सोलर कूलर, सोलर पावर्ड रेफ्रिजरेटर, सेफ्टी मैग्नेटिक फील्ड आदि कुछ अन्य उल्लेखनीय आविष्कार है, जिन्हें इस आयोजन में प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कालेज में अचिवमेंट गैलरी का शुभारंभ किया। साथ ही चिकित्सीय उपचार, एक पारस्परिक चिकित्सा पद्धति विषय पर महानिदेशक (तकनीकी) डॉ. भरत राज सिंह द्वारा लिखित पुस्तक का अनावरण भी किया।कार्यक्रम मे प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा, वीसी, एकेटीयू, अनिल कुमार, सचिव (शहरी विकास), अजय कुमार शर्मा (सदस्य सचिव यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष), तथा भवानी सिंह खरगौत (निदेशक नेडा), शरद सिंह (सीईओ और सचिव एसएमएस, लखनऊ), प्रो. मनोज मेहरोत्रा (निदेशक, एसएमएस, लखनऊ) के साथ डॉ. धर्मेद्र सिंह, एसोसिएट डायरेक्टर, एसएमएस, लखनऊ मौजूद रहे।