आम आदमी की संतुष्टि सबसे महत्वपूर्ण-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मण्डल, रेंज, जोन और जनपद में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा के सुगम व शांतिपूर्ण आयोजन, स्वतंत्रता सप्ताह के सफल आयोजन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश दिए।आई0जी0आर0एस0, जनता दर्शन और सी0एम0 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के थाना, तहसील व जिला स्तर की रैंकिंग के अनुसार अधिकारियों को कार्यप्रणाली को बेहतर करने के भी निर्देश।तहसीलों/प्राधिकरणों आदि जन हित से सीधे जुड़ाव रखने वाले कार्यालयों में हर दिन एक घंटे की अवधि जनसुनवाई के लिए नियत, इस अवधि में अधिकारी जनता से मिलें, शिकायतें/समस्याएं सुनें और मेरिट पर निस्तारण करें।आई0जी0आर0एस0, सी0एम0 हेल्पलाइन जनता की समस्याओं के निदान का अच्छा माध्यम बन कर उभरा, इसके प्रकरण लम्बित न रहें, इनकी हर कार्यालय में सतत समीक्षा होनी चाहिए।अधिकारी फील्ड का नियमित भ्रमण करते हुए क्षेत्र में रात्रि निवास करें।जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान माह में कम से कम एक बार अलग-अलग तहसील/सर्किल में बारी-बारी से रात्रि विश्राम करें।जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद-सम्पर्क बनाए रखें।कांवड़ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह हेल्थ पोस्ट स्थापित किए जाएं।हर पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हो, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता बरती जाए।थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मण्डल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मण्डल, रेंज, जोन और जनपद में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा के सुगम व शांतिपूर्ण आयोजन, स्वतंत्रता सप्ताह के सफल आयोजन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश दिए। इस विशेष बैठक में उन्होंने आई0जी0आर0एस0, जनता दर्शन और सी0एम0 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के थाना, तहसील व जिला स्तर की रैंकिंग के अनुसार अधिकारियों को कार्यप्रणाली को बेहतर करने के निर्देश भी दिए।आम आदमी की संतुष्टि सबसे महत्वपूर्ण है। शासन-प्रशासन से जुड़े सभी अधिकारियों/कार्मिकों को इसे समझना चाहिए। आम आदमी को न्याय पाने का अधिकार है। तहसीलों/प्राधिकरणों आदि जन हित से सीधे जुड़ाव रखने वाले कार्यालयों में हर दिन एक घंटे की अवधि जनसुनवाई के लिए नियत है। इस अवधि में अधिकारी जनता से मिलें, शिकायतें/समस्याएं सुनें और मेरिट पर निस्तारण करें। आई0जी0आर0एस0, सी0एम0 हेल्पलाइन जनता की समस्याओं के निदान का अच्छा माध्यम बन कर उभरा है। इसके प्रकरण लम्बित न रहें। इनकी हर कार्यालय में सतत समीक्षा होनी चाहिए।


फील्ड में तैनात अधिकारी/कर्मचारी जनसमस्याओं के निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता दें। आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार रखें। यह ध्यान रखें कि आपका आचरण आम आदमी के मन में शासन के प्रति विश्वास का आधार बनता है। जनता की संतुष्टि ही आपके प्रदर्शन की श्रेष्ठता का मानक होगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है। सोमवार से शनिवार तक जनहित से सीधे जुड़ाव रखने वाले कार्यालयों में हर दिन एक घण्टे की अवधि जनसुनवाई के लिए निर्धारित है। इस अवधि में अधिकारी जनता से मिलें, शिकायतें/समस्याएं सुनें और मेरिट पर निस्तारण करें।प्रत्येक कार्यालय में मूवमेण्ट रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखा जाए, जिसमें कार्यालय से बाहर जाने वाले अधिकारी/कर्मचारी का विवरण रहे। फील्ड में तैनात वरिष्ठ अधिकारी तहसील/ब्लॉक/सर्किल का औचक निरीक्षण करते रहें। बेसिक शिक्षा अधिकारी, सी0एम0ओ0, डी0आई0ओ0एस0 सभी अपने अधीनस्थ कार्यालयों के औचक निरीक्षण करें। हर दिन एक जगह का औचक निरीक्षण जरूर करें।


अधिकारी फील्ड का नियमित भ्रमण करते हुए क्षेत्र में रात्रि निवास करें। रेंज और जोन स्तर के अधिकारी अलग-अलग जिलों में रात्रि विश्राम करते हुए स्थानीय समस्याओं/सम्भावनाओं की जानकारी कर आवश्यक कार्यवाही करें। इसी प्रकार, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान माह में कम से कम एक बार अलग-अलग तहसील/सर्किल में बारी-बारी से रात्रि विश्राम करें। इससे पूरा सिस्टम एक्टिव बना रहेगा। जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद-सम्पर्क बनाए रखें। उनके सुझावों पर ध्यान दें। उनके पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जाए। फोन रिसीव न कर सकें, तो कॉल बैक करें। हर शासकीय अधिकारी को इसका अनुपालन करना होगा। पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार के विशेष अवसर पर आज प्रदेश के सभी जिलों में आस्था और उत्साह के साथ श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यह हमारी अच्छी तैयारी का ही परिणाम है कि सभी जगह स्थिति शांतिपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्ष के अंतराल के बाद इस बार कांवड़ यात्रा आयोजित हो रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं का उत्साहित होना स्वाभाविक ही है। बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए आवागमन कर रहे हैं। कांवड़ यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। अमरोहा में एक दुःखद घटना की सूचना भी मिली है। ऐसे में हमें और सावधान-सतर्क रहना होगा। कांवड संघों का पंजीयन करा लिया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह हेल्थ पोस्ट स्थापित किए जाएं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी उपयोगी हो सकते हैं। यहां प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा रहे। गर्मी तेज है, ऐसे में मार्ग में पीने के पानी की व्यवस्था भी हो। कांवड़ यात्रा की दृष्टि से गाजियाबाद-हरिद्वार मार्ग पर सर्वाधिक व्यस्त रहता है। यहां दूसरे राज्यों के श्रद्धालु भी आते हैं। अतः सीमावर्ती राज्यों से भी संवाद बनाए रखें। इसके साथ-साथ अन्य यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रैफिक रूट डायवर्जन भी किया जाना चहिए।त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को सम्भालने में सहायक होती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलम्ब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। सेक्टर स्कीम लागू करें। शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित प्रयास कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें। कांवड़ियों के रात्रि विश्राम के क्षेत्र में सुरक्षा और जनसुविधा के पर्याप्त इंतज़ाम होने चाहिए। पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग करे। पी0आर0वी0-112 एक्टिव रहे। सड़क आम-आदमी के आवागमन के लिए है। यातायात बाधित कर सड़कों पर किसी प्रकार के धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति नहीं है। इस सम्बन्ध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं, जीरो टॉलरेंस के साथ इसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।


श्रावण माह में विविध आयोजन भी होंगे। शिवालयों में सामान्य से अधिक लोगों की उपस्थिति होगी। ऐसे में आयोजकों अथवा मन्दिर प्रबन्धन से पहले से ही संवाद कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हो, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता बरती जाए। ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। धार्मिक यात्राओं/जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो। जुलूस में परम्परागत वाद्य यंत्र बजाए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मण्डल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक कर लें। मीडिया का सहयोग लें, ताकि शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे। लोकतंत्र में संवाद का बड़ा महत्व है। संवाद के माध्यम से ही हमने अनावश्यक रूप से लगाये गए माइक को हटाने में सफलता पाई है। हर प्रकरण में इसी प्रकार संवाद-सम्पर्क के माध्यम से समस्याओं का निस्तारण करें।