झुंझुनूं में कैटरीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बनाएंगे कांग्रेस सरकार

झुंझुनूं में फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बनाएंगे कांग्रेस सरकार के मंत्री राजेंद्र गुढा।अजमेर की सड़कों पर से तो कचरा भी नहीं उठ रहा।

एस0 पी0 मित्तल

मेरे फेसबुक पेज www.facebook.com/SPMittalblog पर मैंने कचरे के ढेर का एक फोटो पोस्ट किया है। यह अजमेर के आगरा गेट स्थित सब्जी मंडी के मुख्य द्वार का है। मुख्य द्वार पर ही कमरे का ढेर है और इस ढेर के पास भूमिगत कचरा पात्र भी लगा हुआ है। इस भूमिगत कचरा पात्र के आगे फल फ्रूट का ठेला लगा हुआ है और कचरा पात्र का उपयोग बंद हो गया है। मंडी में सब्जी बेचने वाले अपनी दुकानों का कचरा भूमिगत पात्र में डालने के बजाए सड़क पर ही डाल रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब 2 हजार करोड़ रुपया खर्च कर अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। भूमिगत पात्र का रख रखाव करने वाले कहां चले गए, यह कोई नहीं जानता। नगर निगम के सफाई ठेकेदारों का तो भगवान ही मालिक है। शहर के बीचों बीच बनी सब्जी मंडी के मुख्य द्वार पर लगे कचरे के ढेर से शहरभर की सफाई व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। कचरे के ढेर का फोटो 24 नवंबर को सुबह 9 बजे मैंने स्वयं अपने मोबाइल से खींचा है।

एक अजमेर में सड़कों की ऐसी स्थिति है तो दूसरी ओर राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का कहना है कि झुंझुनूं जिले की सड़के फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ के गालों जैसी होंगी। मुख्यमंत्री गहलोत ने गुढा की योग्यता को देखते हुए ही 21 नवंबर को मंत्री बनाया है। गुढा को सैनिक कल्याण और होमगार्ड का स्वतंत्र प्रभार का राज्यमंत्री बनाया गया है। मंत्री बनने के बाद 23 नवंबर को जब गुढा अपने गृह जिले झुंझुनूं में गए तो लोगों ने टूटी फूटी सड़कों की शिकायत की। इस शिकायत पर ही गुढा ने कहा कि अब मैं मंत्री बन गया हंू। आम लोग चिंता नहीं करें। यहां की सड़के फिल्म अभिनेत्री कैटरीना कैफ के गालों जैसी बनवा दी जाएगी। गुढा के इस कथन को सुनकर स्वागत समारोह में उपस्थित युवाओं ने जमकर ठहाके लगाए और तालियां बजाई। यहां यह उल्लेखनीय है कि बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने भी फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी के गालों जैसी सड़कें बनवाने की बात कही थी। बिहार की सड़कें हेमा मालिनी के गालों जैसी बनीं या नहीं यह बिहार के लोग ही जानते हैं। अब देखना है कि झुंझुनूं की सड़कें कैटरीना के गालो जैसी कब बनती है।