कांग्रेसियों में अधिवेशन को लेकर नहीं दिखा उत्साह

अधिवेशन को लेकर कांग्रेसियों में नहीं दिखा कोई उत्साह डेलीग्रेट कम, अधिक संख्या में दिखाई पड़े समर्थक।

राकेश कुमार

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी के संगठन चुनाव में नए अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नामों का चयन करने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्याल में दो दिन पहले राज्य स्तरीय अधिवेशन बुलाया था। अधिवेशन को लेकर पार्टी के निवर्तमान पदाधिकारियों में कोई उत्साह नहीं दिखाई पड़ा। अधिवेशन में आमंत्रित डेलीग्रेटस की संख्या के बजाए उनके समर्थकों की संख्या अधिक दिखाई पड़ी। अधिवेशन के लिए करीब साढ़े बारह सौ डेलीग्रेट्स को आमंत्रित किया गया था। अधिवेशन में आधे ही सदस्यों ने भागीदारी देखने को मिली।

करीब 45 मिनट में निपट गया अधिवेशन- प्रदेश कांग्रेस का राज्य स्तरीय अधिवेशन 45 मिनट में ही निपट गया। यह बात सुनने में भले ही अटपटी लगे लेकिन सच है। बताया गया कि अधिवेशन का समय 11 बजे निर्धारित किया गया था। पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष के नामों के चयन के लिए बुृलाया गया यह अधिवेशन दोपहर करीब साढ़े बारह बजे शुृरू हुआ और करीब सवा एक बजे समाप्त हो गया। 45 मिनट चले अधिवेशन में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने नाम का प्रस्ताव रखा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, मीडिया प्रभारी नसीमुृद्दीन सिद्दीकी ने समर्थन किया। इसके बाद प्रदेश भर से आए डेलीग्रेट्स ने हाथ उठाकर समर्थन कर दिया। इसी के साथ अधिवेशन का समापन हो गया।

अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी में संगठन के चुृनाव चल रहे है। इस चुनाव में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष के नामों के चयन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी नेे पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बीते सोमवार को राज्य स्तरीय अधिवेशन बुलाया था। पार्टी प्रवक्ता के मुृताबिक अधिवेशन के लिए प्रदेश भर के नामित एवं चयनित करीब 16 सौ सदस्यों को आमंत्रित किया गया। अधिवेशन स्थल पर डेलीग्रेटस के लिए करीब आठ सौ कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। अधिवेशन प्रांरम्भ होने के समय पिछली पंक्तियों की अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी हुृई थी। यह अलग बात है कि बाद में इन कुर्सियों को डेलीग्रेट्स के साथ समर्थकों को बैठाकर भर दिया गया।


कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना था कि अधिवेशन सिर्फ एक प्रस्ताव पारित के लिए बुृलाया गया। इस वजह से आगंतुक डेलीग्रेटस की संख्या जरूर कुछ कम नजर आई लेकिन फिर भी काफी संख्या में सदस्यों ने अधिवेशन में भाग लिया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ताओं डेलीग्रेट्स की संख्या को लेकर मतभेद नजर आया। एक प्रवक्ता ने बताया कि इनकी संख्या करीब 1600 (नामित सदस्य भी शामिल) है। दूसरे प्रवक्ता का कहना है कि प्रदेश में करीब साढ़े बारह सौ डेलीग्रेट हैं। अधिवेशन में सभी ने भाग लिया। यही नहीं अधिवेशन स्थल पर कुर्सियों की संख्या को लेकर भी असमंजस की स्थिति में दिखी, एक का कहना था कि आठ सौ कुर्सियां लगाई गई तो दूसरे ने बताया कि एक हजार कुर्सी लगी थी। कुर्सियां खाली होने के सवाल पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कुर्सियां जरूर कुछ कम पड़ गई थी जिन्हें बाद में लगाकर आगंतुको को बैठाया गया।