July 29, 2021

Nishpaksh Dastak

Nishpaksh Dastak

कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर बढ़कर 97.8 प्रतिशत

  • मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर प्रभावी बनाये रखने के निर्देश दिए।
  • राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर बढ़कर 97.8 प्रतिशत हो गई।
  • पिछले 24 घण्टों में 2,80,220 कोविड टेस्ट किये गये, प्रदेश में अब तक कुल 05 करोड़ 16 लाख 22 हजार 903 कोरोना टेस्ट सम्पन्न।
  • जनपद सहारनपुर में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 600 से कम हो गई, इसके दृष्टिगत जनपद सहारनपुर में मंगलवार 08 जून, 2021 को सुबह 07 बजे से आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी जाए।
  • जिन जनपदों में आंशिक कोरोना कफ्र्यू लागू है, वहां इसका प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए, जिन जनपदों में सुबह 7ः00 बजे से शाम 7ः00 बजे तक आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी जा रही है, वहां छूट की अवधि में कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन कराया जाए
  • निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग के पश्चात लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सक्रियता से संचालित रहे।
  • ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सभी जनपदों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे।
  • ए0एल0एस0, ‘108’ एवं ‘102’ एम्बुलेंस सेवाएं सुचारु एवं प्रभावी ढंग से कार्यरत रहनी चाहिए।
  • अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बैकअप सहित उपलब्ध अधिक से अधिक प्रदेशवासियों का वैक्सीनेशन शीघ्र कराया जा सके, इसके दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेटर्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  • विभिन्न बड़े औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने कर्मियों का कोरोना वैक्सीनेशन स्वयं के संसाधनों से कराने के साथ ही, आम जनता के लिए निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन बूथ संचालित करने की इच्छा प्रकट की गई, भारत सरकार से संवाद बनाकर अनुमति मिलने पर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाए।
  • आज से सभी जनपदों में महिला स्पेशल कोरोना वैक्सीनेशन बूथ प्रारम्भ,अपने दिन-प्रतिदिन के कार्य के क्रम में आम जनता के सर्वाधिक सीधे सम्पर्क में आने वाले कामगारों के कोरोना वैक्सीनेशन का आगामी सोमवार 14 जून, 2021 से विशेष प्रबन्ध किया जाएगा।
  • अभी तक वैक्सीन की दूसरी डोज न लेने वाले हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वाॅरियर्स को द्वितीय डोज लेने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे कोरोना संक्रमण से उनकी पूरी तरह से सुरक्षा हो सके।
  • किसी भी राजकीय कर्मी की मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रितों को अनुमन्य सभी सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएं, इस सम्बन्ध में कोई शिथिलता न बरती जाए और न ही कोई प्रकरण लम्बित रहना चाहिए।
  • उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना योजना को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए।
  • सभी गेहूं क्रय केन्द्र व्यवस्थित एवं सुचारू ढंग से संचालित रहें।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का कार्य पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराया जाए।
  • स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही सक्रियता से संचालित की जाए।
  • वृहद वृक्षारोपण अभियान को प्रभावी ढंग से सम्पन्न करने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा व्यापक कार्य योजना बनाई जाए।

लखनऊ। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 727 मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 2,860 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 15,681 है। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 97.8 प्रतिशत हो गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर प्रभावी बनाये रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में अत्यन्त सफल सिद्ध हो रही है। राज्य में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में कमी एवं रिकवरी दर में लगातार वृद्धि से कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों में कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वासियों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनेशन की कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में भी निरंतर कमी देखी जा रही है। राज्य में पिछले 24 घण्टों में 2,80,220 कोविड टेस्ट किये गये हैं। इनमें कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 0.3 प्रतिशत रही है। प्रदेश में अब तक कुल 05 करोड़ 16 लाख 22 हजार 903 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें पॉजिटिविटी दर 3.3 प्रतिशत रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी के सम्मिलित सहयोग और प्रयास से कोरोना संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम में सफलता मिली है। देश के अन्य राज्यों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश में संक्रमण की स्थिति नियंत्रित है। यहां प्रतिदिन संक्रमण के नए मामलों की संख्या संक्रमण के उपचार के बाद डिस्चार्ज होने वाले मामलों की संख्या से काफी कम है। इसके बावजूद संक्रमण की चेन हर स्तर पर तोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास निरन्तर जारी रहने चाहिए।

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मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जनपद सहारनपुर में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 600 से कम हो गई है। इसके दृष्टिगत जनपद सहारनपुर में मंगलवार 08 जून, 2021 को सुबह 07 बजे से आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी जाए। रात्रिकालीन एवं साप्ताहिक बंदी सहित अन्य सभी सम्बन्धित नियम जनपद में प्रभावी रहेंगे।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन जनपदों में आंशिक कोरोना कफ्र्यू लागू है, वहां इसका प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। जिन जनपदों में सुबह 7ः00 बजे से शाम 7ः00 बजे तक आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी जा रही है, वहां छूट की अवधि में कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि घर से बाहर निकलने वाले लोग मास्क का इस्तेमाल और दो-गज की दूरी का पालन करें। छूट की अवधि में बाजारों, सब्जी, फल मंडी, चैराहों आदि स्थलों पर अनावश्यक भीड़-भाड़ न होने दी जाए। इसके लिए पुलिस द्वारा व्यापक रूप से पेट्रोलिंग की जाए। साथ ही फुट पेट्रोलिंग भी की जाए। पी0आर0वी0 112 वाहनों के माध्यम से लोगों को मास्क के प्रयोग तथा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए।


योगी ने कहा कि ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ नीति को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग के पश्चात लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सक्रियता से संचालित रहे। निगरानी समितियों के पास पर्याप्त संख्या में मेडिसिन किट उपलब्ध रहें। ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सभी जनपदों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे। ब्लैक फंगस के संक्रमण के सम्बन्ध में मीडिया के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण कार्य को गुणवत्तापरक तथा समय सीमा में पूर्ण कराया जाए। इसके लिए नियमित कार्य की प्रगति की समीक्षा भी की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का प्राथमिक कार्य आमजन को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए चिकित्सकों को कार्यालय प्रबन्धन कार्य से हटाकर अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात किया जाए। यह तैनाती इस प्रकार की जानी चाहिए कि प्रत्येक प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक उपलब्ध हो।ए0एल0एस0, ‘108’ एवं ‘102’ एम्बुलेंस सेवाएं सुचारु एवं प्रभावी ढंग से कार्यरत रहनी चाहिए। एम्बुलेंस सेवाओं को और बेहतर तथा कारगर बनाने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए। इस्तेमाल योग्य न रह गई एम्बुलेंस को आवश्यकतानुसार रिप्लेस किया जाए। यह कार्यवाही पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमाण्ड निरन्तर कम हो रही है। राज्य में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बैकअप सहित उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि ऑक्सीजन प्लाण्ट की स्थापना की कार्यवाही को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण कराने के लिए नियमित समीक्षा की जाए।


योगी ने कहा कि ने कहा कि राज्य में कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निर्बाध गति से चल रहा है। वैक्सीनेशन की कार्यवाही में और तेजी लाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक प्रदेशवासियों के कोरोना वैक्सीनेशन के लिए समग्र एवं प्रभावी प्रयास किए जाएं। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों का निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। इस कार्य को गति देने के लिए समुचित प्रयास किए जाएं। अधिक से अधिक प्रदेशवासियों का वैक्सीनेशन शीघ्र कराया जा सके, इसके दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेटर्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में नर्सिंग के विद्यार्थियों की सेवाएं प्राप्त करने के लिए उनकी ट्रेनिंग कराई जाए। वैक्सीनेशन में लगाए जाने वाले कर्मियों को वैक्सीन का वेस्टेज न्यूनतम रखने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न बड़े औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने कर्मियों का कोरोना वैक्सीनेशन स्वयं के संसाधनों से कराने के साथ ही, आम जनता के लिए निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन बूथ संचालित करने की इच्छा प्रकट की गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से संवाद बनाकर अनुमति मिलने पर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाए। इससे राज्य सरकार के सभी प्रदेशवासियों के शीघ्रातिशीघ्र कोरोना वैक्सीनेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।


योगी ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित और सुचारु ढंग से सम्पन्न करायी जाए। वैक्सीनेशन सेण्टर पर अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो और न ही वैक्सीनेशन के इच्छुक लोगों को लाइन न लगानी पड़े। इसके लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वैक्सीनेशन सेण्टर पर वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की अवश्य व्यवस्था हो। वैक्सीनेशन सेण्टर पर उन लोगों को ही बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। वैक्सीनेशन सेण्टर पर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य में अभी तक दो करोड़ से भी अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज एडमिनिस्टर की जा चुकी हैं। आज से सभी जनपदों में महिला स्पेशल कोरोना वैक्सीनेशन बूथ प्रारम्भ किए गए हैं। आगामी सोमवार 14 जून, 2021 से अपने दिन-प्रतिदिन के कार्य के क्रम में आम जनता के सर्वाधिक सीधे सम्पर्क में आने वाले कामगारों यथा रिक्शा, ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर चालक, दूध विक्रेता, ठेला एवं खोमचे वाले दुकानदारों आदि के कोरोना वैक्सीनेशन का विशेष प्रबन्ध किया जाएगा।

योगी ने कहा कि हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वाॅरियर्स के कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर प्रथम चरण में सम्पन्न किया गया था। वैक्सीन का प्रथम डोज प्राप्त करने वाले कोरोना वाॅरियर्स तथा हेल्थ वर्कर्स के सापेक्ष द्वितीय डोज लेने वाले हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वाॅरियर्स की संख्या कम है। इसके कारणों का पता लगाकर अभी तक वैक्सीन की दूसरी डोज न लेने वाले हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वाॅरियर्स को द्वितीय डोज लेने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे कोरोना संक्रमण से उनकी पूरी तरह से सुरक्षा हो सके।


योगी ने कहा कि किसी भी राजकीय कर्मी की मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रितों को अनुमन्य सभी सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएं। इस सम्बन्ध में कोई शिथिलता न बरती जाए और न ही कोई प्रकरण लम्बित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वाॅरियर्स की मृत्यु की स्थिति में अनुमन्य सभी सुविधाएं सम्बन्धित के आश्रितों को तत्काल सुलभ कराई जाए। ऐसे मामलों में कार्यवाही लंबित रखने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।


योगी ने कहा कि ऐसे निराश्रित बच्चों, जिनके माता-पिता अथवा विधिक अभिभावक का निधन कोरोना संक्रमण के कारण हो गया है, उनके पालन पोषण व शिक्षा-दीक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत अनेक कल्याणकारी प्राविधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए। सभी पात्र बच्चों को योजना का लाभ सुलभ कराया जाए। इसमें कोई शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गेहूं क्रय केन्द्र व्यवस्थित एवं सुचारू ढंग से संचालित रहें। किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का कार्य पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराया जाए। सभी पात्र व्यक्तियों को अनुमन्य मात्रा में खाद्यान्न मिल जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण ई-पॉस मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है। इसलिए राशन की दुकानों पर सैनिटाइजर की आवश्यक रूप से व्यवस्था की जानी चाहिए। औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित रहे। बारिश में पशुओं में होने वाली बीमारियों के दृष्टिगत उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही सक्रियता से संचालित की जाए। एकत्र होने वाले कूड़े तथा नाले नालियों के सिल्ट का समुचित निस्तारण किया जाए। वृहद वृक्षारोपण अभियान को प्रभावी ढंग से सम्पन्न करने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा व्यापक कार्य योजना बनाई जाए। वृक्षारोपण के दौरान एक्सप्रेस-वे के किनारों पर बड़ी संख्या में पौधों का रोपण किया जाए। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।