सपा पर जमकर बरसे DCM बृजेश पाठक

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी सदन का माहौल काफी गर्म रहा। मंगलवार को सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर करारा हमला बोला था। बुधवार को डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विधानसभा में सपा पर जमकर हमला बोला। ब्रजेश पाठक ने नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की सदन में भाषा सड़क छाप है, जनता उन्हें जवाब देगी। ब्रजेश ने अंत में शायरी के जरिए नेता प्रतिपक्ष को नसीहत दी। कहा…नफरत की एक बूंद ही माहौल बदनुमा कर गई, जहां से आया है ये फरेब का जहर वो दरिया कैसा होगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान बुधवार को डेप्युटी सीएम बृजेश पाठक सपा विधायकों पर जमकर बरस पड़े। वह बीते दिनों नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों का सदन में जवाब देने के लिए उठे थे, तभी सपा विधायकों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद डेप्युटी सीएम अपनी जगह पर बैठ गए। इसी दौरान सपा की ओर से किसी टिप्पणी पर पाठक इतने भड़क गए कि अपनी जगह पर खडे़ होकर सपा विधायकों को डांट लगा दी।

सदन में लगभग 10 मिनट बोलने के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शायरी के जरिए नेता प्रतिपक्ष अखिलेश को इंगित करते हुए कहा… वो समझने लगे थे कि आस्तीन छुपा लेगी गुनाह उनके, लेकिन गजब हुआ की सनम बोलने लगे…। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के बजट में इजाफा किया गया है। वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग का बजट 14 हजार आठ सौ 11 करोड़ रुपये था।

दरअसल एक दिन पहले सदन में अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बृजेश पाठक को छापामार मंत्री कहा था। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों को इलाज के लिए दिल्‍ली जाना पड़ रहा है। लोग बोल रहे हैं कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री अस्‍पतालों में जाते हैं और केवल छापा मारते हैं। केवल छापामार मंत्री बनोगे या कुछ काम भी करोगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के अपने मंत्री प्रदेश में व्यवस्थाओं को लेकर शर्मिंदा हैं।

योगी ने दे दिया था जवाब
हालांकि, अखिलेश यादव के इन आरोपों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसी दिन जवाब दिया था। उन्होंने इस दौरान अखिलेश पर जमकर तीखे हमले भी किए। इसके बाद भी बुधवार को सदन में डेप्युटी सीएम अपने ऊपर नेता प्रतिपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देना चाहते थे। स्पीकर की अनुमति पर उन्होंने खड़े होकर बोलना शुरू ही किया था कि सपा विधायक हंगामा करने लगे।

पाठक ने कहा कि पूरी तरह से सदन को गुमराह किया गया, उस पर हम कुछ स्पष्टीकरण देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता विरोधी दल को इस बात का अधिकार नहीं है कि वह प्रदेश के लोगों को गुमहार करे। हालांकि, इसके बाद सपा विधायकों के हंगामे के चलते डेप्युटी सीएम कुछ बोल नहीं पाए और अपनी जगह पर बैठ गए। इसी दौरान सपा के खेमे से रविदास मेहरोत्रा ने कोई टिप्पणी की, जिसे सुनकर बृजेश पाठक उखड़ गए। गुस्से से तमतमाए पाठक अपनी सीट पर खड़े हो गए और चिल्लाते हुए बोले, ‘दिमाग ना खराब हो।’