डी0एल0 बनवाने में किसी को भी परेशानी न करें अधिकारी-दयाशंकर सिंह

डी0एल0 बनवाने में किसी को भी परेशानी न हो, अधिकारी रखें इसका ध्यान।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह लखनऊ के अलीगंज स्थित उपाम (प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी) में वेबिनार के माध्यम से परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ विभाग के विभिन्न योजनाओं एवं एजेंडों पर वार्ता की। वेबिनार में एकमुश्त दंड समाधान योजना का क्रियान्वयन, वृक्षारोपण-2022-23 के लक्ष्य के सापेक्ष कार्ययोजना आई0जी0आर0एस0 संबंधित प्रकरण अनधिकृत एवं ओवरलोडिंग वाहन के खिलाफ प्रवर्तन की कार्यवाही की समीक्षा, डी0एल0 बनवाने की दिशा में और अधिक पारदर्शिता एवं सरलता लाने के प्रयास इत्यादि विषयों पर विस्तार से वार्ता की।परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग के अधिकारी एकमुश्त शास्ति समाधान योजना का अपने-अपने जनपदों में बेहतर प्रचार-प्रसार करायें। कार्यालयों, बस स्टेशनों एवं अन्य जगहों पर इससे संबंधित होर्डिंग्स लगवायें, जिससे कि इस योजना की जानकारी सभी वाहन संचालकों को ससमय मिल सके और लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना का बेहतर परिणाम मिलना चाहिए।


दयाशंकर सिंह ने कहा कि विभाग पहले से बहुत बेहतर कार्य कर रहा है। इसमें अभी और सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि उ0प्र0 के लोगों को सहज, सरल एवं आरामदेह परिवहन सुविधा मुहैया कराई जाये। परिवहन विभाग को पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास एवं अन्य ऐसे विभाग जिनकी पहुॅच ग्रामीण अंचलों तक है के साथ टेक्नालॉजी का आदान-प्रदान करते हुए खुद को लोगों से जोड़ने की जरूरत है। उन्हांेने कहा कि डी0एल0 बनवाने में अभी भी लोगों की शिकायतें मिल रही हैं। इसके लिए यद्यपि कि स्लाटों की संख्या दोगुनी कर दी गयी है फिर भी अभी इसमें और बेहतर किये जाने की जरूरत है। उन्होंने डी0एल0 बनवाने में किसी को भी परेशानी न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिये। परिवहन विभाग के अधिकारी कॉमन सर्विस सेंटर पर टेªनिंग दिये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए इसे और सरल कर सकते हैं।


परिवहन मंत्री ने कहा कि अनधिकृत एवं ओवरलोड वाहनों के खिलाफ की गई कार्यवाही एक तरफ जहॉ अवैध बस स्टेशनों एवं अनधिकृत बसों से मुक्ति मिली है वहीं इससे परिवहन निगम के रिवेन्यू में भी विगत माह में बढ़ोत्तरी देखी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्यवाही आगे भी जारी रखें, जिससे कि अवैध बस अड्डा एवं बस संचालन की कार्यवाही को पूरी तरह से रोका जा सके एवं ऐसा करने वालों का मनोबल तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि इससे प्राइवेट बस संचालक निगम से अपने बसों को अनुबंधित कराने का स्वयं प्रयास करेंगे। रिवेन्यू बढ़ने से परिवहन विभाग अपनी आंतरिक क्रिया-कलापों को और बेहतर करने के साथ मैनपावर की समस्या को भी दूर करेगा।परिवहन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वृक्षारोपण 2022-23 हेतु निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने हेतु कार्ययोजना बनाये एवं उसे अमल में लायें। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के सभी अधिकारी स्थानों का चिन्हांकन करते हुए वहॉ पर वृक्षारोपण करायें। इस बार प्रदेश सरकार ने 35 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि आई0जी0आर0एस0 के लंबित वादों का निस्तारण उचित ढंग से कराये। जिससे कि यात्री आपके द्वारा की गयी कार्यवाही से संतुष्ट हो सके। ज्यादातर मामले रिफण्ड एवं चालकों/परिचालकों के मिसबिहैव के हैं, इनका उचित निस्तारण जरूरी है। इससे विभाग की छवि भी बेहतर होगी।


दयाशंकर सिंह ने कहा कि बसें अनुबंधित ढ़ाबों पर ही रूकें, इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन ढ़ाबों पर एक नार्म्स बनाये और उसे चस्पा करायें। इसमें भोजन के रेट्स के साथ-साथ अन्य यात्री सुविधाओं का विवरण रहे। साथ ही इन अनुबंधित ढ़ाबों पर महिला यात्रियों के बैठने की अलग व्यवस्था हो, शौचालय साफ-सुथरे एवं क्रियाशील रहें तथा वहां के परिसर की भी साफ सफाई की व्यवस्था यथोचित रहनी चाहिए।परिवहन मंत्री ने कहा कि निगम की बसों में साफ सफाई के साथ-साथ बैठने की सीटों एवं सीसों इत्यादि की व्यवस्था दुरूस्त रहे, बस स्टेशनों पर पीने के पानी की व्यवस्था उत्त्म हो, इसका अनुपालन अधिकारी अपने स्तर से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय किया जाये एवं खराब प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और परिवहन निगम आपस में समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करे, तभी बेहतर परिणाम सामने आयेगे और प्रदेश की जनता को एक उत्तम परिवहन सुविधा प्राप्त हो सकेगी।बैठक के दौरान प्रमुख सचिव परिवहन वंेकटेश्वर लू, एम0डी0 निगम आर0पी0 सिंह, विशेष सचिव अखिलेश मिश्रा एवं अरविन्द पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।