डबल इंजन की सरकार ने पीढ़ियों का इंतजार किया खत्म


प्रधानमंत्री ने जनपद महोबा में 2,655 करोड़ रु0 की अर्जुन सहायक परियोजना सहित कुल 3,240 करोड़ रु0 से अधिक की रतौली बांध परियोजना, भावनी बांध परियोजना तथा मसगांव एवं चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया।इन परियोजनाओं से महोबा के लोगों के साथ ही हमीरपुर, बांदा और ललितपुर जिले के भी लाखों लोगों को, लाखों किसान परिवारों को लाभ होगा, 04 लाख से अधिक लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिलेगा, पीढ़ियों से जिस पानी का इंतजार था, वो इंतजार समाप्त होने जा रहा।विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से डबल इंजन की सरकार इस दशक को बुन्देलखण्ड का, उ0प्र0 का दशक बनाने में जुटी।वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रदेश में सरकार बननेके बाद अर्जुन सहायक परियोजना पर काम की गति बढ़ाई गई, आज यह बुन्देलखण्ड के लोगों को समर्पित की जा रही।प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की सरकार ने बीते 04 वर्ष के दौरान बुन्देलखण्ड कीअनेक परियोजनाओं पर कार्य शुरू करवाया, बुन्देलखण्ड में जल जीवनमिशन के तहत तेजी से कार्य हो रहा, विन्ध्य क्षेत्र में पाइप से हर घरमें पानी पहुंचे, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा।


लखनऊ। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जनपद महोबा में 2,655 करोड़ रुपए की अर्जुन सहायक परियोजना सहित कुल 3,240 करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री जी द्वारा रतौली बांध परियोजना, भावनी बांध परियोजना तथा मसगांव एवं चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना के लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी ने अंगवस्त्र एवं आल्हा-ऊदल की प्रतिमा भेंट कर प्रधानमंत्री जी का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान अर्जुन सहायक परियोजना पर केन्द्रित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई।विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से डबल इंजन की सरकार इस दशक को बुन्देलखण्ड का, उत्तर प्रदेश का दशक बनाने में जुटी है। आज वे बुन्देलखण्ड के किसान भाइयों-बहनों को बहुत बड़ी सौगात सौंपने आए हैं। आज उन्हें अर्जुन सहायक परियोजना, रतौली बांध परियोजना, भावनी बांध परियोजना और मसगांव चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला है। 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनी इन परियोजनाओं से महोबा के लोगों के साथ ही हमीरपुर, बांदा और ललितपुर जिले के भी लाखों लोगों को, लाखों किसान परिवारों को लाभ होगा। इनसे 04 लाख से अधिक लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिलेगा। पीढ़ियों से जिस पानी का इंतजार था, वो इंतजार आज समाप्त होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने अपने सम्बोधन की शुरुआत बुन्देली में करते हुए उपस्थित जनसमुदाय का अभिवादन किया।


महोबा की ऐतिहासिक धरती पर आकर एक अलग ही अनुभूति होती है। इस समय देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में जनजातीय साथियों के योगदान को समर्पित ‘जनजातीय गौरव सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इस समय पर वीर आल्हा और ऊदल की पुण्य भूमि पर आना उनका बड़ा सौभाग्य है। देशवासियों को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत की वीर बेटी बुन्देलखण्ड की शान वीरांगना लक्ष्मीबाई जी की जयन्ती भी है। इस कार्यक्रम के बाद वे झांसी जाएंगे, जहां डिफेंस का एक बहुत बड़ा कार्यक्रम चल रहा है। विगत 07 वर्षों में सरकार को दिल्ली के बन्द कमरों से निकालकर देश के कोने-कोने में ले आए जाने का महोबा साक्षात गवाह है। यह धरती गरीब माताओं, बहनों, बेटियों के जीवन में बड़े फैसलों की साक्षी रही है। कुछ समय पहले उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत यहीं से हुई थी। उन्होंने करोड़ों मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की परेशानी से मुक्ति दिलाने का वादा भी महोबा से ही किया था, जो पूरा हो चुका है।

डबल इंजन की सरकार ने स्कूल में बेटियों के लिए अलगटॉयलेट बनाए, उ0प्र0 के 01 लाख से अधिक स्कूलों,हजारों आंगनबाड़ी केन्द्रों तक नल से जल पहुंचाया गया।वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार बुन्देलखण्ड से पलायन रोकने तथाक्षेत्र को रोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध।पहली बार बुन्देलखण्ड के लोग यहां के विकासके लिए कार्य करने वाली सरकार को देख रहे।यह धरती गरीब माताओं, बहनों, बेटियों के जीवन में बड़े फैसलों की साक्षीरही, उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत यहीं से हुई, करोड़ोंमुस्लिम बहनों को तीन तलाक की परेशानी से मुक्ति दिलानेका वादा भी महोबा से ही किया था, जो पूरा हो चुका।मसगांव-चिल्ली स्प्रिंकलर योजना जैसी आधुनिक तकनीकका लोकार्पण, सिंचाई में आ रही आधुनिकता को दिखाता है।केन-बेतवा लिंक का समाधान भी सभी पक्षों से संवाद कर केन्द्र सरकार ने निकाला, केन-बेतवा लिंक से भविष्य में बुन्देलखण्ड के लाखों किसानों को लाभ मिलेगा,केन्द्र सरकार ने बीज से लेकर बाज़ार तकहर स्तर पर किसानों के हित में कदम उठाए।देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया, इससे विदेश से खाद्य तेल के आयात पर हर वर्ष व्यय होने वाले 80,000 करोड़ रु0 देश के किसानों के पास आएंगे, इससे बुन्देलखण्ड के किसानों को बहुत मदद मिलेगी।पीएम किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत अब तक 01 लाख62 हजार करोड़ रु0 सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए।


प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि पानी से ही सारी सृष्टि को जीवन मिलता है। महोबा सहित यह पूरा क्षेत्र तो सैकड़ों वर्ष पहले जल संरक्षण और जल प्रबन्धन का एक उत्तम मॉडल हुआ करता था। बुन्देल, परिहार और चंदेल राजाओं के काल में यहां तालों-तालाबों पर जो काम हुआ, वह आज भी जल संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण है। सिंध, बेतवा, धसान, केन और नर्मदा जैसी नदियों के पानी ने बुन्देलखण्ड को समृद्धि और प्रसिद्धि दी। पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यपद्धति के कारण अर्जुन सहायक परियोजना वर्षों तक अधूरी पड़ी रही। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रदेश में सरकार बनने के बाद इस परियोजना पर काम की गति बढ़ाई गई। आज यह बुन्देलखण्ड के लोगों को समर्पित की जा रही है। मसगांव-चिल्ली स्प्रिंकलर योजना जैसी आधुनिक तकनीक का लोकार्पण, सिंचाई में आ रही आधुनिकता को दिखाता है। पहली बार बुन्देलखण्ड के लोग यहां के विकास के लिए कार्य करने वाली सरकार को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक का समाधान भी सभी पक्षों से संवाद कर केन्द्र सरकार ने निकाला। केन-बेतवा लिंक से भविष्य में यहां के लाखों किसानों को लाभ होने वाला है।

प्रधानमंत्री यहां ‘हर घर जल’, हर खेत को पानी कीसंकल्पना को साकार करने के लिए आए-मुख्यमंत्री


प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की सरकार ने बीते 04 वर्ष के दौरान बुन्देलखण्ड की अनेक परियोजनाओं पर कार्य शुरू करवाया है। बुन्देलखण्ड में जल जीवन मिशन के तहत तेजी से कार्य हो रहा है। साथ ही, विन्ध्य क्षेत्र में पाइप से हर घर में पानी पहुंचे, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने स्कूल में बेटियों के लिए अलग टॉयलेट बनाए। उत्तर प्रदेश के 01 लाख से अधिक स्कूलों, हजारों आंगनबाड़ी केन्द्रों तक नल से जल पहुंचाया गया। गरीब का कल्याण ही सर्वोच्च प्राथमिकता हो तो, ऐसे ही और इतनी तेजी से ही काम होता है। केन्द्र सरकार ने बीज से लेकर बाज़ार तक हर स्तर पर किसानों के हित में भी कदम उठाए हैं। बीते 07 वर्षों में साढ़े 1600 से अधिक अच्छी क्वालिटी के बीज तैयार किए गए हैं। इनमें से अनेक बीज कम पानी में अधिक पैदावार देते हैं। वर्तमान में बुन्देलखण्ड की मिट्टी के अनुकूल मोटे अनाज, दलहन और तिलहन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। बीते सालों में दलहन और तिलहन की रिकॉर्ड खरीद की गई है। हाल में सरसों, मसूर जैसी अनेक दालों के लिए 400 रुपए प्रति कुन्तल तक न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है। देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया है। इससे विदेश से खाद्य तेल के आयात पर हर वर्ष व्यय होने वाले 80,000 करोड़ रुपए देश के किसानों के पास आएंगे। इससे बुन्देलखण्ड के किसानों को बहुत मदद मिलेगी।


प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत अब तक 01 लाख 62 हजार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। यह पूरी रकम हर किसान परिवार तक पहुंची है। हमारी सरकार ने छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से भी जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार बुन्देलखण्ड से पलायन रोकने तथा क्षेत्र को रोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर इसके बड़े प्रमाण हैं। आने वाले समय में यहां सैकड़ों की संख्या में उद्योग लगेंगे तथा युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।

गांव, गरीब, किसानों, नौजवानों, महिलाओं सहित सभी तबकेकी समस्याओं के समाधान के लिए जो कार्य प्रारम्भ किए,उसके परिणामस्वरूप बुन्देलखण्ड का विकास हो रहाप्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विगत 07 वर्षों में12 सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण, ‘हर घर नल’ परियोजना लागूबुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रगति पर, उ0प्र0 डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा, यह बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास में सहायक होगावर्तमान में ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा बुन्देलखण्ड की धरती पर उतर रहा।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड वीरता, शौर्य और पराक्रम के लिए जाना जाता रहा है। प्रधानमंत्री जी यहां ‘हर घर जल’, हर खेत को पानी की संकल्पना को साकार करने के लिए आए हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा अर्जुन सहायक परियोजना के लोकार्पण से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 03 जनपदों-महोबा, बांदा तथा हमीरपुर की लगभग 2.5 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी तथा 04 लाख जनता को पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा अर्जुन सहायक परियोजना के अतिरिक्त रतौली बांध परियोजना, भावनी बांध परियोजना तथा मझगांव एवं चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया जा रहा है।बुन्देलखण्ड के संसाधनों का प्रयोग यहां के विकास, सूखे की समस्या के समाधान के लिए हो, प्रधानमंत्री जी वर्ष 2014 से इस सपने को साकार कर रहे हैं। उन्होंने गांव, गरीब, किसानों, नौजवानों, महिलाओं सहित सभी तबके की समस्याओं के समाधान के लिए जो कार्य प्रारम्भ किए हैं, उसके परिणामस्वरूप बुन्देलखण्ड का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विगत 07 वर्षों में 12 सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण की गईं। ‘हर घर नल’ परियोजना को लागू किया गया। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रगति पर है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास में सहायक होगा। उन्हांेने कहा कि वर्तमान में ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा बुन्देलखण्ड की धरती पर उतर रहा है।

उ0प्र0 के 35,000 से ज्यादा गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्धकराने का कार्य तेजी से चल रहा-केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री


जल शक्ति मंत्री, भारत सरकार गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आम जनता के जीवन में सुधार लाने का प्रयास प्रारम्भ किया। इन योजनाओं में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भी सम्मिलित है। इसके तहत 99 लम्बित परियोजनाओं को चिन्ह्ति कर 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल सिंचन क्षमता विकसित करने का कार्य प्रारम्भ किया गया। इसके अन्तर्गत अब तक 46 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 23 परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं तथा शेष परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसके माध्यम से अब तक 22 लाख हेक्टेयर से अधिक की सिंचन क्षमता विकसित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने 19 करोड़ घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से अब तक 8.5 करोड़ घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है। जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से चल रहा है तथा इस योजना से शीघ्र ही हर घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।


केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पानी की अत्यधिक महत्ता है। जल जीवन मिशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 35,000 से ज्यादा गांवों में  शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से चल रहा है। यह कार्य तय समय पर पूरा होगा। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ‘कैच द रेन-व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’, अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 50,000 करोड़ रुपए का निवेश करते हुए जल संरक्षण का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से एक-एक बूंद पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील भी की।प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित उपस्थित अतिथियों को स्वागत किया।इस अवसर पर महोबा जनपद के प्रभारी मंत्री व खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री डॉ0 जी0एस0 धर्मेश, लोक निर्माण राज्यमंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।