शिक्षा ही विकास का मूल आधार है

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शिक्षा ही विकास का मूल आधार है
शिक्षा ही विकास का मूल आधार है

शिक्षा ही विकास का मूल आधार है-प्रो.रामकुमार वर्मा

ब्राह्मण को अपशब्द कहने से नहीं,अच्छाइयों की नकल करने से तरक्की सम्भव-लौटनराम निषाद

स्वामी ब्रह्मानंद सामाजिक समरसता सम्मेलन में बुद्धिजीवियों ने संविधान बचाने का लिया संकल्प।

अजय सिंह

गौरीगंज(अमेठी)। स्वामी ब्रह्मानंद फाउण्डेशन के बैनर तले स्वामी धनादास मंदिर मैदान बलभद्रपुर, जामों में डाॅ.कर्मजीत सिंह राजपूत के संयोजकत्व,प्रो.रूदल यादव की अध्यक्षता में सामाजिक समरसता सम्मेलन सम्पन्न हुआ। बतौर मुख्य अतिथि सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रो.रामकुमार वर्मा ने समाज की तरक्की के लिए हरहाल में अपनी संतानों बेहतर शिक्षा की व्यवस्था करने, सामाजिक कुरीतियों,अंधविश्वास, आत्मविश्वास,नशाखोरी से दूर रहने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि शिक्षा,संगठन,संघर्ष, सहयोग व संकल्प से ही किसी समाज तरक्की,सर्वांगीण विकास सम्भव है।आत्मविश्वास, दृढ़संकल्प,प्रतिस्पर्धा से बच्चे लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।


मुख्य वक्ता भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौ.लौटनराम निषाद ने सामाजिक समरसता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस समाज ने शिक्षा को गले लगाया वह समाज तरक्की कर गया और वह समाज पीछे रह गया जो अपनी मेहनत की कमाई को बच्चों की पढ़ाई पर न खर्च कर फिजुलखर्जी पर बर्बाद कर दिया।उन्होंने बेटा-बेटी में भेदभाव न कर अच्छी,उच्च व प्रतिस्पर्धी शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि हम गरीबों की प्रतिभाएं धन के अभाव में कुंठित हो जाती हैं,लेकिन हमने बहुत पहले गरीब परिवार के प्रतिभाशाली बच्चों की दस-पांच हजार के अभाव में प्रतिभा को कुंठित नहीं होने दूँगा,भले ही हमें अपनों से भीख मांगनी पङेगी।उन्होंने अमेठी के सम्मेलन ने एक गरीब लोधी परिवार की मेधावी व प्रतिभासंपन्न बेटी कु.सियामनी राजपूत पुत्री श्री त्रिभुवन राजपूत निवासिनी ग्राग-मौलवी कलां,जायस को पूरी शिक्षा दिलाने के लिए गोंद लिया।उन्होंने कहा कि हमने गरीबी को बङे करीब से देखा है। हम अपनी बेटियों की पढ़ने की व्यवस्था करने असमर्थ था।डाॅ.शैलेन्द्र यादव,इं.अभयराज निषाद, इं.आर.बी.यादव,मनोज यादव, यू.आर.यादव,वकील कुमार यादव ,इं.विकास यादव आदि की मदद व ईमानदारी से पढ़ाई कर मेरे बच्चे सफल हो गय उन्होंने कहा ब्राह्मण,सवर्ण व यादव को अपशब्द कहने से नहीं,इनकी अच्छाईयों को आत्मसात कर स्वस्थ स्पर्धा से ही कोई समाज तरक्की कर सकता है।


उन्होंने उपस्थित जनसमूह से 5 किलो राशन के चक्कर में संविधान,लोकतंत्र व ओबीसी, एससी,एसटी के आरक्षण को खत्म करने वाली मंडल विरोधी भाजपा के झांसे में नहीं आने का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म व हिन्दुत्व के मुद्दे पर पिछड़ों, दलितों का वोट हङप हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। प्रो.रूदल यादव ने कहा कि जिन लोगों ने ओबीसी को आरक्षण देने पर जननायक कर्पूरी ठाकुर व जमींदारी उन्मूलन करने पर किसान नेता चौ.चरण सिंह को मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियाँ दिया था,उन्हें चुनाव के समय पिछड़ावर्ग व किसानों के वोट की लूट करने व शिकार बनाने के लिए चारा के तौर पर भारत रत्न दिया है। कहा कि मनुवादी सांस्कृतिक आंदोलनों के द्वारा जनता का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य,नौकरी,रोजगार, मान-सम्मान व संवैधानिक अधिकारों जैसे असली मुद्दों से भटकाने के लिए राममंदिर व अन्य धार्मिक प्रपंचों को प्रचारित किया जा रहा है। सम्मेलन में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर संविधान,लोकतंत्र,सामाजिक न्याय को बचाने का संकल्प लिया गया।सम्मेलन की अध्यक्षता डाॅ.रूदल यादव,संयोजन प्रोफेसर करमजीत सिंह राजपूत ने किया व धन्यवाद ज्ञापन रामभवन लोधी ने किया।सम्मेलन को सर्वश्री डाॅ.शिवप्रसाद कश्यप,डाॅ.नीलम वर्मा,देवनारायण लोधी प्रधान, रामबहादुर प्रजापति,कुॅवर विजय प्रताप सिंह, छेदीलाल यादव, जगजीवन लोधी,जयनारायण राजपूत एडवोकेट,सर्वेश सोनकर, उदयभान वर्मा,रामसूरत लोधी आदि ने सम्बोधित किया। शिक्षा ही विकास का मूल आधार है