मॉनसून का ले मजा

भारत में ठंड या सर्दियों में घूमने का मजा भी कुछ अलग ही है। अक्सर लोग दिसंबर की ठंड में घूमने जाते हैं। 

मसूरी – मसूरी उत्तराखंड के सबसे पॉपुलर रोमांटिक हिल स्टेशनों में से एक है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण जाना जाता है। यही वजह है कि गढ़वाल हिमालय पर्वतमाला की तलहटी के बीच स्थित मसूरी को “क्वीन ऑफ हिल्स” भी कहा जाता है। समुद्र तल से मसूरी 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह राजधानी देहरादून से 35 किमी दूर है। मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता इसे हनीमून के लिए एक बहुत लोकप्रिय प्लेस बनाती है। यदि आप हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के साथ हरे भरे ढलानों के खूबसूरत नजारों का आनंद लेना चाहते हैं तो मसूरी जाना सबसे अच्छा विकल्प है।ठंड में आप ठंडी जगह घूमने का मजा लेना चाहते हैं तो उत्तराखंड के मसूरी हिल स्टेशन जाएं। यह देहरादून से 35 किलोमीटर और दिल्ली-एनसीआर से लगभग 250 किलोमीटर दूर है। इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है जो गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। मसूरी के एक ओर से गंगा नजर आती है तो दूसरी ओर से यमुना नदी। गर्मी के मौसम में दिन के समय हल्की गर्मी जरूर हो सकती है लेकिन यहां की मदमस्त कर देने वाली सुबह और शाम किसी को भी लुभा सकती है। यहां किसी भी समय बारिश का मौसम बन जाता है। यूं तो पूरे साल यहां का मौसम सुहाना रहता है लेकिन अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर के बीच आने वालों को और भी अच्छा मौसम मिलता है। इसके अलावा आप चाहते हो तो धर्मशाला भी जा सकते हो।

गोवा – भारत के पश्चिमी तट पर अरब सागर के चमचमाते जल के किनारे स्थित गोवा राज्य, अपने अद्भुत समुद्री तटों, समृद्ध संस्कृति और प्राचीन प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। पहले गोवा पुर्तगालियों के अधीन था। गोवा समुद्री रेतीले तटों, जंगलों और स्मारकों का अनुपम मिश्रण है। यहां का स्वादिष्ट खानपान हर उम्र के सैलानियों को आकर्षित करता है। यहां महंगे और राजसी रिजॉर्ट और बुटीक होटलों से लेकर युवाओं के लिए छात्रावास तक उपलब्ध हैं। इसके साथ-साथ बजट के अनुकूल गेस्ट हाउस, निजी और किराए पर मिलने वाले आवास भी उपलब्ध हैं। इन्हीं पहलुओं के कारण बड़े परिवारों, एकल यात्रियों, बैकपैकर्स और अन्य यात्रियों के लिए गोवा अवकाश बिताने का एक उत्तम स्थान है। इसके साथ ही यहां वर्ष के किसी भी समय जाया जा सकता है, क्योंकि यह ऐसी जगह है जहां जाकर आप कभी निराश नहीं होगें। सर्दियों में यहां त्यौहारों का वातावरण होता है जबकि गर्मियों में यह सुहावने मौसम का अहसास कराता है, जो समुद्र में उतरने और मस्ती करने का उत्तम समय होता है। मानसून के मौसम में यह हरियाली और खूबसूरत झरनों से भरा होता है।दिसंबर के माह में गोवा में बहुत ही शानदार माहौल रहता है। यदि आप समुद्र को देखना और उसके किनारे घूमने का मजा लेना चाहते हैं तो गोवा जरूर जाएं। गोआ में मीरामार, कालांगुट तट, पोलोलेम तट, बागा तट, मोवोर, केवेलोसिम तट, जुआरी नदी पर डोना पाऊला तट, अंजुना तट, आराम बोल तट, वागाटोर तट, चापोरा तट, मोजोर्डा तट, सिंकेरियन, वरका तट, कोलवा तट, बेनाउलिम तट, बोगमोलो तट, पालोलेम तट, हरमल तट आदि कई सुंदर और रोमांचक तट हैं। वहां मांडवी, चापोरा, जुआरी, साल, तालपोना और तीराकोल नामक छ: नदियां बहती हैं।

जैसलमेर- ठंड में राजस्थान की सैर करना बहुत ही अच्छा रहेगा। राजस्थान में जैसलमेर और बाड़मेर का दौरा करना चाहिए। बाड़मेर राजस्थान में स्थित एक छोटा किंतु रंगों से भरपूर शहर है, लेकिन इसको देखना राजस्थान को देखना है। दूसरी ओर अनुपम वास्तुशिल्प, मधुर लोक संगीत, विपुल सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को अपने में संजोए हुए जैसलमेर स्वर्ण नगरी के रूप में विख्यात है। यदि आप झीलों का मजा लेना चाहते हैं तो उदयपुर जा सकते हैं।जैसलमेर भारत के उत्तर-पश्चिमी राज्य राजस्थान में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह जगह अपने रेगिस्तान और कुछ अन्य पर्यटन आकर्षणों के लिए जानी जाती है जो इसे यात्रा करने के लिए एक दिलचस्प गंतव्य बनाते हैं। थार रेगिस्तान में सुनहरे टीलों के कारण इसे ‘सुनहरा शहर’ भी कहा जाता है। जैसलमेर झीलों, अलंकृत जैन मंदिरों, हवेलियों और महल के पत्थरों के साथ सुनहरे पीले रंग के बलुआ पत्थरों से सजा हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक डेजर्ट और जीप सफारी का लुत्फ उठाते हैं। जैसलमेर में घूमने के लिए ऐसी कई जगहें हैं, जहां आकर आप खुद रोमांच से भर जाएंगे।

मुन्नार –  केरल का मुन्नार हिल स्टेशन स्वर्ग के समान है। तीन पर्वतों की श्रृंखला- मुथिरपुझा, नल्लथन्नी और कुंडल, के मिलन स्थल पर स्थित है मुन्नार। इस हिल स्टेशन की पहचान है यहां के विस्तृत भू-भाग में फैली चाय की खेती, औपनिवेशिक बंगले, छोटी नदियां, झरनें और ठंडे मौसम। ट्रैकिंग और माउंटेन बाइकिंग के लिए यह एक शानदार स्थल है। यहां पर्यटकों के बीच हाउसबोटिंग काफी लोकप्रिय है। चाय के बगीचे, वॉंन्डरला अम्यूसमेंट पार्क, कोची फोर्ट, गणपति मंदिर और हाउस बोट प्रमुख रोमांच है।

लक्ष्यद्वीप – यदि आप सर्दी में टापू का मजा लेना चाहते हैं तो भारत में लक्ष्यद्वीप के अलावा भी कई स्थान है। जैसे अंदमान निकोबार, दमण दीप, पुडुचेरी आदि। सभी के चारों और समुद्र है और एक से एक शानदार बीच हैं। हालांकि इन सभी में आप लक्ष्यद्वीप का चयन कर सकते हैं।हॉलिवुड और बॉलिवुड की फिल्मों में हमें आइलैंड यानी कि द्वीप अक्सर देखने को मिलते हैं। लोग अक्सर ऐसा अक्सर सोचते हैं कि फिल्मों में आईलैंड वाले सीन देश से बाहर शूट हुए होंगे। पर ऐसा नहीं है, दरअसल ज्यादातर लोग अपने देश के आइलैंड्स के बारे में ज्यादा कुछ जानते ही नहीं, हमारे देश में भी ऐसी ही खूबसूरत आईलैंड डेस्टिनेशन्स हैं जैसे की विदेशों में होती है।

धुआंधार झरना – यह स्थान मध्यप्रदेश के जबलपुर के पास भेड़ाघाट में है। यहां के वाटरफॉल को धुआंधार जल प्रपात कहते हैं जो लगभग 10 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है। यह प्रसिद्ध जल प्रपात बहुत ही सुंदर संगमरमर की दो पहाड़ियों के बीच से निकलता है। इसकी छटा अनुपम है और पानी के गिरने की आवाज दूर तक सुनाई देती है। पानी जब नीचे गिरता है तो उपर तक उझाल मारता है जिसके चलते ही इसे धुआंधार करते हैं। जहां पर यह वाटरफॉल है वहां पर सफेद संगमरमर के दो पहाड़ों के के बीच नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा में नौका-विहार करने का रोमांच ही कुछ और है।

नर्मदा नदी द्वारा निर्मित, धुआंधार झरना एक पानी का झरना है जो मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित है।झरने का नाम दो शब्दों से लिया गया है, “धुंआ” जिसका अर्थ है धुआं और “धार”, जिसका अर्थ है प्रवाह।यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि तालाब धुंध बनाता है जो धुएं की तरह दिखता है।नर्मदा नदी मैकाल की पहाडि़यों में स्थित अमरकंटक से निकलती है।अमरकंटक भारत के मध्य प्रदेश के अनुपपुर जिले में स्थित है।नर्मदा नदी मुख्य रूप से मध्य भारत में बहती है।मध्यप्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी को जीवित संस्था का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया और इसके कानूनी अधिकारों के संरक्षण के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया| एक महीने पहले, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों को एक कानूनी व्यक्ति का दर्ज़ा दिया था| यह कदम नदी और जैव विविधता की रक्षा के लिए उथया गया है|