भाजपा राज में किसान और नौजवान उत्पीड़न के शिकार-पूर्व मुख्यमंत्री

राजेन्द्र चौधरी

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राज में किसान और नौजवान सबसे ज्यादा उत्पीड़न के शिकार हैं। सरकार इनके प्रति संवेदनहीन व्यवहार कर रही है। किसान कर्ज में डूबा है। नौजवान का भविष्य अंधेरे में है। मुख्यमंत्री जी के दावों में कोई दम नहीं है। भाजपा सरकार का सारा कामकाज कोरे बयानों से लोगों को बहकाने से ही चल रहा है। किसान अपने को ठगा महसूस कर रहा है।


उत्तर प्रदेश के कई हिस्से बाढ़ या सूखे से प्रभावित हैं। खेती के काम आने वाला डीजल और कृषियंत्र समेत खाद, बीज, कीटनाशक सभी महंगे हैं। साधारण किसान महंगाई के कारण अभाव की जिंदगी जी रहा है। किसान की फसल वर्षा और बाढ़ से बर्बाद हो गयी है। लंपी बीमारी से किसानों के पशु मर रहे हैं। किसानों के गन्ना बकाया का भुगतान नहीं हो रहा है। सरकार झूठे आश्वासन दे रही है। किसानों के नुकसान को देखते हुए भाजपा सरकार को तत्काल मुआवजा देने की घोषणा करनी चाहिए। सर्वे और आंकलन के बहाने किसानों को बहकाया जाना बंद हो। जब मुख्यमंत्री जी का मथुरा का अपना ही कार्यक्रम भारी वर्षा की वजह से रद्द हो गया तो उन्हें राहत देने के लिए किस प्रमाण की प्रतीक्षा है?


बारिश ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। जगह-जगह जल भराव से जनजीवन अस्तव्यस्त है। सड़कों पर बने गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। वर्षा क्षेत्र में पशुओं की बीमारी बढ़ी है।
चुनाव के दौरान तो भाजपा नेतृत्व ने कहा था उत्तर प्रदेश के किसानों को मुफ्त बिजली दी जाएगी। उनकी आय दोगुनी करने का वादा का तो अब भूले से भी कोई नाम नहीं लेता है। मुफ्त बिजली देने की बात से विधानसभा में मंत्री जी ने ही इंकार कर दिया। मतलब ये भी चुनावी जुमला था।


देश के भविष्य नौजवानों के साथ तो भाजपा सरकार और भी बुरा व्यवहार कर रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों का उत्पीड़न हो रहा है। वहां के छात्र बढ़ी फीस की वापसी और छात्र संघ बहाली की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे है। पुलिस लाठियां बरसा रही है। सरकार की यह निरंकुशता है।इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 400 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी गई है। फीस जहां पहले शून्य थी वहां अब 500 रूपये ली जा रही है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में सभी की आय में गिरावट आई है। बेरोजगारी बढ़ी है। फिर छात्रों की पढ़ाई, हॉस्टल एवं अन्य खर्चें बढ़ाकर दंभी सरकार छात्रों और उनके अभिभावकों से किस बात का बदला लेना चाहती है। वैसे भी भाजपा सरकार ने गरीबी और बेरोजगारी दोनों को खूब बढ़ावा दिया है। अभी सीतापुर जनपद में रोजगार मेले में 75000 युवा शामिल हुए इसमें सिर्फ 5000 लोगों को चयनित किया गया। इसमें भी 3 माह में 90 प्रतिशत युवा बेरोजगार हो गए।


भाजपा सरकार अपने को डबल इंजन की सरकार कहती है। इसके कार्यकाल में विकास की तो एक इंच की ईंट भी नहीं रखी गई। एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं हुआ, लोगों की नौकरियां छिन गई। निवेश के नाम पर सिर्फ प्रचार हुआ है। एक भी उद्योग नहीं लगा, किसी को रोजगार नहीं मिला वैसे भी उत्तर प्रदेश में किसान, नौजवान दोनों का भविष्य अनिश्चित और असुरक्षित है। आखिर भाजपा कोई भी काम क्यों नहीं करना चाहती है?