ग्राम चौपालो के मिल रहे सार्थक परिणाम-केशव प्रसाद मौर्य

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परिवार में एक से अधिक दिव्यांग को मुख्यमंत्री आवास
परिवार में एक से अधिक दिव्यांग को मुख्यमंत्री आवास

52543 ग्राम पंचायतों में अब तक किया गया ग्राम चौपालों का आयोजन। शुक्रवार को 1556ग्राम पंचायतों में किया गया, ग्राम चौपालो का आयोजन। ग्राम चौपालो के मिल रहे हैं, सार्थक परिणाम।


निष्पक्ष दस्तक ब्यूरो

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीणो की समस्यायों के निराकरण हेतु प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि ग्राम चौपालों के बहुत ही सार्थक परिणाम निखर कर सामने आ रहे हैं और काफी हद तक लोगों की समस्यायों का निराकरण उनके गांव में ही हो रहा है।सरकार खुद चलकर गांव व गरीबों के पास जा रही है, ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है, वहीं सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम चौपालों को और अधिक प्रभावी व परिणामपरक बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि और अधिक ठोस व प्रभावी रूपरेखा बनाकर चौपालों का आयोजन किया जाए तथा चौपालों से पूर्व सफाई अभियान चलाया जाए और चौपालों के बारे में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण वहां पर आयें और व्यक्तिगत समस्यायें ही न हल हों,बल्कि सार्वजनिक समस्याओं का भी समाधान चौपालों से ही हो।


चौपालों से सार्वजनिक समस्याओं का सर्वमान्य हल निकलेगा, क्योंकि वहां अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि , जागरूक लोग व ग्रामीण सभी एक जगह मौजूद रहेंगे और अपने सुझाव भी देंगे।

ग्राम्य विकास आयुक्त जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि शुक्रवार को प्रदेश की 1556ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिनमें 5682प्रकरणो का निस्तारण गांव पंचायतों में ही कर दिया गया।इन ग्राम चौपालों मे 4675 ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी तथा 8227 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे और इन चौपालो में डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की।ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 6जनवरी 23 से अब तक प्रदेश की 52543ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालो का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 39लाख से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे और 2लाख 52 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का निस्तारण किया गया।