कैदियों के हस्तनिर्मित उत्पाद अब जेल मुख्यालय परिसर में

  • कैदियों के हस्तनिर्मित उत्पाद अब जेल मुख्यालय परिसर में ।
  • डीजी पुलिस/आईजी जेल की सराहनीय पहल ।
  • मेरठ जेल की स्पोर्ट्स किट, बरेली व नैनी जेल का फर्नीचर उपलब्ध ।
  • पुरानी जेल रोड पर स्थित जेल मुख्यालय परिसर में खुला आउटलेट ।

राकेश यादव

लखनऊ। प्रदेश भर की जेलो में कैदियों के हस्तनिर्मित उत्पाद अब राजधानी लखनऊ में मिलेंगे। कैदियों के हाथों बने फर्नीचर, दरी कंबल, फिनायल, साबुन, कपड़ा, झोला व खाद्य उत्पादों को आम जनमानस तक पहुँचाने की पहल की गई है। डीजी जेल की इस पहल से कैदियों को अधिक पारिश्रमिक मिलने के साथ जेल के उत्पादों की लोकप्रियता भी मिलेगी। अभी तक इन उत्पादों का इस्तेमाल जेलो पर ही किया जाता रहा है। डीजी जेल के इस कदम की सराहना की जा रही है।

जेल विभाग के मुखिया महानिदेशक पुलिस/ महानिरीक्षक जेल आनंद कुमार ने प्रदेश भर की जेलो में कैदियों के हस्तनिर्मित उत्पादों को आम जनमानस तक पहुँचाने की सराहनीय पहल की है। इसके लिए उन्होंने पुरानी जेल रोड स्थित जेल प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित जेल मुख्यालय में आदर्शकृति नाम से आउटलेट निर्मित कराया है। इस आउटलेट से कोई भी व्यक्ति जेलो में निर्मित होने वाले उत्पादों को आसानी के खरीद सकता है। इस आउटलेट में जो भी उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए है उनके दाम निर्धारित है। इससे वस्तुओ की खरीद फ़रोख़्त में किसी प्रकार की बारगेनिंग नही की जा सकती है। आदर्शकृति आउटलेट में आदर्श कारागार में निर्मित बन्द, पाव, ब्रेड, मशरूम, केला चिप्स सरीखे के खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध है।

इसके अलावा आउटलेट में केंद्रीय कारागार आगरा का फिनायल, साबुन, दरी, नैनी जेल का कंबल, दरी, फर्नीचर, किचन की सामग्री, बरेली सेंट्रल जेल का फर्नीचर, पेंट, लोहे का सामान, कंबल, झोला इत्यादि, वाराणसी सेंटर जेल का कपड़ा, दरी, स्टील बर्तन, सिलाई किया हुआ सामान, सेंटल जेल फतेहगढ़ का स्टूल, पीढ़ा, चकला बेलन, मेरठ जेल की स्पोर्ट्स किट, रामपुर जेल का बिजली बल्ब समेत अन्य उत्पादों के अलावा उन्नाव, सीतापुर, गोरखपुर समेत अन्य जेलो में कैदियों के हस्तनिर्मित उत्पादों को बिक्री के लिए सजाया गया है। आदर्शकृति में बिक्री की जिम्मेदारी आदर्श कारागार के वार्डर की देखरेख में कैदियों से कराई जा रही है।