अधीर रंजन चौधरी का द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्र पत्नी कहना कितना उचित..!

अधीर रंजन चौधरी का द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्र पत्नी कहना कितना उचित।राष्ट्रपति पद का कोई जेंडर नहीं होता। कांग्रेस ने भी प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति बनाया था।

एस0 पी0 मित्तल

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह कर संबोधित किया है। भारतीय संविधान में राष्ट्रपति के पद का कोई जेंडर नहीं है। कांग्रेस ने भी अपने कार्यकाल में श्रीमती प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति बनाया था। तब किसी भी विपक्षी नेता ने पाटिल को राष्ट्र की पत्नी नहीं कहा। सभी ने राष्ट्रपति पद का सम्मान किया। लेकिन अब इसी कांग्रेस पार्टी के जिम्मेदार नेता द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति कहने के बजाए राष्ट्र की पत्नी कह रहे हैं। इससे कांग्रेस के नेताओं के मानसिक दिवालियेपन का अंदाजा लगाया जा सकता है। सब जानते हैं कि राष्ट्रपति बनने से पहले द्रौपदी मुर्मू का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा।

उन्हें अपने पति और बेटे की मौत का सदमा भी सहना पड़ा। मुर्मू का संघर्ष ही था कि आदिवासी परंपराओं से निकल कर वे देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान हुई। भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में मुर्मू के राष्ट्रपति बनने को एक महत्वपूर्ण घटना माना गया। 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद मुर्मू ने कहा कि देश का गरीब, पिछड़ा, दलित आदिवासी वर्ग मुझ में अपना प्रतिबिंब देख सकता है। सवाल उठता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद जब मुर्मू स्वयं को आम आदमी का प्रतीक मान रही है तो तब कांग्रेस के जिम्मेदार नेता राष्ट्रपति पद का मजाक क्यों उड़ा रहे हैं?

कांग्रेस के नेताओं को भी पता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू हमारी तीनों सेनाओं की कमांडर हैं और वे देश की प्रथम नागरिक भी मानी जाती है। ऐसे में मुर्मू को राष्ट्र की पत्नी कहना बेहद ही शर्मनाक है। सवाल संसद में भाजपा के सांसदों के विरोध का नहीं है। सवाल अधीर रंजन चौधरी के कथन का है। चौधरी ने कहा कि राष्ट्र की पत्नी वाला शब्द उनके मुंह से गलती से निकल गया, लेकिन चौधरी ने इस पर माफी मांगने से इंकार कर दिया। हो सकता है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के दबाव के बाद चौधरी माफी भी मांग ले। लेकिन इतने हंगामे के बाद चौधरी की माफी कितना मायने रखेगी यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री और इन दिनों में कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अशोक गहलोत का कहना है कि हर गलती कीमत मांगती है। अब देखना होगा कि अधीर रंजन चौधरी अपनी गलती की कितनी कीमत चुकाते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू को लेकर चौधरी ने जो टिप्पणी की है उससे देश भर की महिलाओं में भी आक्रोश है।

महिलाओं के आक्रोश को देखते हुए क्या सोनिया गांधी चौधरी को कांग्रेस संसदीय दल के नेता के पद से हटाएंगी? दल का नेता होने के कारण चौधरी कांग्रेस के सभी सांसदों का नेतृत्व करते हैं। ऐसे में उन्हें बहुत सोच समझ कर बोलना चाहिए और जब देश के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति पर कोई टिप्पणी की जा रही है तो बेहद ही संभल कर बोलने की आवश्यकता है। चौधरी ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान पहले भी दे चुके हैं। लेकिन कांग्रेस की ओर से कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई। इसलिए अब चौधरी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्र की पत्नी कहने की हिम्मत की है। यदि पहले के बयानों पर कांग्रेस कोई कार्यवाही करती तो चौधरी की ऐसी हिम्मत नहीं होती। चौधरी के बयान से कांग्रेस पार्टी को भी आलोचना का शिकार होना पड़ा है।