उत्तर प्रदेश डेयरी सेक्टर में निवेश की अपार सम्भावनायें-प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने जनपद गौतमबुद्धनगर में आई0डी0एफ0 वर्ल्ड डेयरी समिट-2022 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम को आयोजित कराने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भारत सरकार के सहयोग से अन्नदाता किसानों और पशुपालकों के उत्थान तथा स्वावलम्बन के लिए निरन्तर कार्य कर रही मुख्यमंत्री ने डेयरी सेक्टर में कार्य करने वाले देश-दुनिया के स्टेक होल्डर्स तथा डेलीगेट्स का स्वागत किया। उ0प्र0 में डेयरी सेक्टर में निवेश की अपार सम्भावनाएं, राज्य सरकार इन्हें आगे बढ़ाने के लिए भरपूर सहयोग करेगी।बुन्देलखण्ड क्षेत्र में बलिनी दुग्ध संघ द्वारा प्रतिदिन 1.35 लाख लीटर दुग्ध का संग्रह, वर्तमान वार्षिक टर्नओवर 150 करोड़ रु0, नेट प्रॉफिट 13 करोड़ रु0। प्रदेश में अगले 05 वर्षाें में नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत डेयरी सेक्टर में नए निवेश के लिए प्रक्रियाओं के आगे बढ़ाया जा रहा।

गौतमबुद्धनगर/लखनऊ आज एक्सपो मार्ट, जनपद गौतमबुद्धनगर में आई0डी0एफ0 वर्ल्ड डेयरी समिट-2022 का प्रधानमंत्री ने शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम को आयोजित कराने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। नरेन्द्र मोदी  द्वारा आई0डी0एफ0 वर्ल्ड डेयरी समिट-2022 का शुभारम्भ किए जाने एवं उनके कार्यक्रम से प्रस्थान के उपरान्त सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में 48 वर्ष बाद यह समिट आयोजित हो रही है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि प्रदेश के जनपद गौतमबुद्धनगर में यह आयोजन आज से प्रारम्भ हुआ है, जो आगामी 04 दिवसों तक संचालित होगा। प्रधानमंत्री ने किसानों एवं पशुपालकों की आमदनी को दोगुना करने से जुड़े इस अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश को चुना। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है और दुग्ध उत्पादन में भी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। अन्तर्राष्ट्रीय डेयरी समिट के माध्यम से प्रदेश के किसानों एवं पशुपालकों को लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। समिट के माध्यम से आधुनिक तकनीक को जोड़कर प्रदेश के किसान एवं पशुपालक खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 04 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नेशनल डेयरी फेडरेशन से सहयोग की अपेक्षा करते हुये प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भारत सरकार के सहयोग से अन्नदाता किसानों और पशुपालकों के उत्थान तथा स्वावलम्बन के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। इस दिशा में जो भी अच्छे प्रयास होंगे, राज्य सरकार उन्हें लागू करने में तत्परता के साथ कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड डेयरी समिट के अवसर पर डेयरी सेक्टर में कार्य करने वाले देश व दुनिया से आये हुए स्टेक होल्डर्स तथा डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर में निवेश की अपार सम्भावनाएं हैं। राज्य सरकार इन्हें आगे बढ़ाने के लिए भरपूर सहयोग करेगी। भारत सरकार के सहयोग से वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में बलिनी दुग्ध संघ का कार्य शुरू हुआ। यह महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा संचालित दुग्ध उत्पादित संस्था है। इस संस्था ने झांसी को केन्द्र बनाकर बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 06 जनपदों में अपना कार्य प्रारम्भ किया। वर्तमान में 795 गांवों में इसके 41 हजार सदस्य हैं। यह प्रतिदिन 01 लाख 35 हजार लीटर दुग्ध का संग्रह करते हैं। इनका वर्तमान में वार्षिक टर्नओवर 150 करोड़ रुपये का है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में इस महिला संगठन का नेट प्रॉफिट 13 करोड़ रुपये है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की दृष्टि से आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में बलिनी दुग्ध संघ ने अच्छा कार्य किया है। इस प्रकार के लगभग 04 अन्य दुग्ध संघ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित करने की कार्यवाही वर्तमान में गतिशील है।

भारत सरकार के एनीमल हसबेण्ड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट फण्ड के अन्तर्गत 300 करोड़ रु0 के कार्य प्रदेश में स्वीकृत, योजना के अन्तर्गत अच्छे कार्याें के लिए प्रदेश को भारत सरकार का प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुआ।वाराणसी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की साझेदारी में ग्रीनफ्रील्ड डेयरी प्लाण्ट संचालित, डेयरी प्लाण्ट के परिसर में 10 हजार क्यूबिक मीटर क्षमता का बायोगैस प्लाण्ट स्थापित करने की कार्यवाही संचालित।प्रदेश में जनवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन प्रस्तावित, इसके अन्तर्गत डेयरी सेक्टर में निवेश की बड़ी सम्भावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।वर्तमान में 6,600 से अधिक गो-आश्रय स्थल संचालित, जिनमें 09 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित,खुरपका-मुंहपका की रोकथाम के लिए राज्य में अब तक 84 लाख गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण, ब्रुसेल्लोसिस रोग की रोकथाम के लिए 25 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण।


उत्तर प्रदेश में अगले 05 वर्षाें में नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत डेयरी सेक्टर में नए निवेश के लिए प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस दिशा में अपनी नयी नीति बनायी है, जिसके अन्तर्गत अनेक इन्सेंटिव दिए जाएंगे। देश व दुनिया में जहां कहीं भी डेयरी सेक्टर में अच्छा कार्य हो रहा है, उसे आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार पूरी तत्परता से कार्य करने के लिए तैयार है। वर्तमान में भारत सरकार के एनीमल हसबेण्ड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट फण्ड के अन्तर्गत 300 करोड़ रुपये के कार्य प्रदेश में स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अन्तर्गत अच्छे कार्याें के लिए प्रदेश को भारत सरकार का प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन0डी0डी0बी0) की साझेदारी में ग्रीनफ्रील्ड डेयरी प्लाण्ट वर्तमान में संचालित है। वाराणसी के डेयरी प्लाण्ट के परिसर में 10 हजार क्यूबिक मीटर क्षमता का बायोगैस प्लाण्ट भी स्थापित करने की कार्यवाही वर्तमान में संचालित है।


उत्तर प्रदेश में जनवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत डेयरी सेक्टर में प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के जीवन में परिवर्तन लाने, उन्हें स्वावलम्बन की ओर अग्रसर करने तथा अधिक से अधिक रोजगार के सृजन के लिए निवेश की बड़ी सम्भावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इस सेक्टर से जुड़े हुए सभी स्टेक होल्डर्स के साथ सरकार की बातचीत चल रही है, जिसके परिणाम सामने आएंगे।उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में निराश्रित गो-आश्रय स्थल की एक बड़ी चुनौती सामने है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कार्य प्रारम्भ किया है। वर्तमान में प्रदेश सरकार के स्तर पर 6,600 से अधिक गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 09 लाख से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत लगभग 1.5 लाख गोवंश किसान और पशुपालकों को उपलब्ध कराकर सभी गोवंश के संरक्षण के लिए निश्चित धनराशि प्रत्येक पशुपालक को उपलब्ध करायी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 11 सितम्बर, 2019 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद से राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश में खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारी की रोकथाम के अभियान का शुभारम्भ किया था। इसके लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री की आभारी है। राज्य में अब तक 84 लाख गोवंशीय पशुओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण सम्पन्न किया गया है। ब्रुसेल्लोसिस रोग की रोकथाम के लिए 25 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण प्रदेश में अब तक किया गया है।इस अवसर पर केन्द्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, केन्द्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्यमंत्री संजीव कुमार बालयान, सांसद डॉ0 महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर, इण्टरनेशनल डेयरी फेडरेशन के अध्यक्ष पी0 ब्रजाले, आई0डी0एफ0 की डी0जी0 कैरोलिन एमंड सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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