योगी मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा कैबिनेट बाईसर्कुलेशन के माध्यम से निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

अवर्षण/कमजोर मानसून की स्थिति में राज्य पोषित प्रमाणित बीजों के वितरण पर अनुदान की योजना के अन्तर्गत अल्पकालीन सरसों एवं सामान्य सरसों तथा रागी के निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरण किए जाने की कार्ययोजना तथा इस हेतु 867 लाख रु0 की धनराशि की व्यवस्था प्रमाणित बीजों पर अनुदान के मद से किए जाने का प्रस्ताव अनुमोदित


मंत्रिपरिषद ने अवर्षण/कमजोर मानसून की स्थिति में राज्य पोषित प्रमाणित बीजों के वितरण पर अनुदान की योजना के अन्तर्गत अल्पकालीन सरसों एवं सामान्य सरसों तथा रागी के निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरण किए जाने की कार्ययोजना तथा इस हेतु 867 लाख रुपये की धनराशि की व्यवस्था प्रमाणित बीजों पर अनुदान के मद से किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। योजना में किसी प्रकार के संशोधन हेतु तथा कमजोर मानसून के दृष्टिगत कृषकों के हित में बीज प्रमाणीकरण योजना के अन्तर्गत यथावश्यक अन्य किस्मों के बीज आदि के वितरण/निःशुल्क वितरण हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।


यह योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 में विशेष कार्यक्रम के अन्तर्गत अल्पकालीन सरसों एवं सामान्य सरसों तथा रागी के प्रमाणित बीजों के वितरण पर अनुदान के रूप में क्रियान्वित की जाएगी। अल्पकालीन सरसों एवं सामान्य सरसों तथा रागी के निःशुल्क बीज मिनीकिट का वितरण जनपदों में 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को एवं शेष 75 प्रतिशत अन्य जाति के कृषकों को किया जाएगा। साथ ही, चयनित कृषकों में 30 प्रतिशत महिला कृषकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इस सुविधा का लाभ कृषकों को ‘प्रथम आवक-प्रथम पावक’ के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।योजना के क्रियान्वयन से लगभग 1,80,000 मी0टन अल्पकालीन/सामान्य सरसों एवं 6,000 मी0टन रागी का उत्पादन प्राप्त होगा तथा लाभार्थी कृषक को औसतन 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का लाभ मिलेगा।

जनपद अयोध्या में अमृत कार्यक्रम के अन्तर्गत पेयजल योजना हेतु 02 नलकूप के निर्माण के लिए नजूल भूमि के आवंटन/हस्तान्तरण के सम्बन्ध में –  


मंत्रिपरिषद ने जनपद अयोध्या में अमृत कार्यक्रम के अन्तर्गत पेयजल योजना हेतु 02 नलकूप के निर्माण के लिए नजूल भूमि के आवंटन/हस्तान्तरण सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।उल्लेखनीय है कि पूर्व में मंत्रिपरिषद के अनुमोदन से राज्य सरकार के सेवारत विभागों को निःशुल्क तथा राज्य सरकार के गैर सेवारत विभागों यथा-नगर विकास विभाग व भारत सरकार के विभागों को नजूल भूमि प्रभावी जिलाधिकारी सर्किल रेट पर सशुल्क आवंटित/हस्तान्तरित किया गया है। चूंकि नगर विकास अनुभाग-5 के सन्दर्भगत शासनादेश दिनांक 09 अक्टूबर, 2019 में पेयजल आपूर्ति परियोजना हेतु नगर विकास विभाग को ‘सेवारत’ विभाग की श्रेणी में रखा गया है तथा नगर विकास विभाग द्वारा अमृत कार्यक्रम के अन्तर्गत पेयजल योजना हेतु 02 नलकूप का निर्माण किया जाना है। इस प्रकार शासनादेश दिनांक 09 अक्टूबर, 2019 के अनुसार प्रश्नगत कार्य हेतु नगर विकास विभाग सेवारत विभाग की श्रेणी में होना प्रतीत होता है।


तद्नुसार मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के अनुसार इस सिद्धान्त के आधार पर इस वर्णित स्थिति में तथा जिलाधिकारी, अयोध्या से प्राप्त प्रस्ताव के क्रम में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-ए-2-75/दस-77-14(4)/74 दिनांक 03 फरवरी, 1977 के प्राविधानों को शिथिल करते हुए अपवादस्वरूप जनपद अयोध्या में अमृत कार्यक्रम के अन्तर्गत पेयजल योजना हेतु 02 नलकूप के निर्माण हेतु चिन्हित नजूल भूमि चक संख्या-01, हसनू कटरा, अयोध्या, गाटा संख्या-1777मि0, 1178मि0 क्षेत्रफल 59.42 वर्गमीटर तथा चक नं0-1, रेतिया, अयोध्या गाटा संख्या-995मि0 क्षेत्रफल-184.00 वर्गमीटर, कुल क्षेत्रफल-59.42$184.00=243.42 वर्गमीटर नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पक्ष में निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन निःशुल्क आवंटित/हस्तान्तरित किए जाने का प्रस्ताव है:-


1. इस नजूल भूमि पर कोई धार्मिक अथवा ऐतिहासिक महत्व की इमारत न हो।
2. यह हस्तान्तरित नजूल भूमि यदि प्रस्तावित कार्य से भिन्न प्रयोजन के लिए उपयोग की जाए, तो उसके लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से पुनः अनुमति प्राप्त करनी होगी।
3. प्रश्नगत नजूल भूमि तीन वर्षों तक प्रस्तावित कार्य के लिए उपयोग में नहीं लाए जाने की दशा में यह भूमि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को वापस करनी होगी।
4. नजूल भूमि के इस आवंटन/हस्तान्तरण को भविष्य में दृष्टान्त नहीं माना जाएगा।
5. आवंटित नजूल भूमि का उपयोग केवल सरकारी विभागों द्वारा ही किया जाएगा। निजी संस्था/व्यक्ति को नजूल भूमि का आवंटन/हस्तान्तरण कदापि नहीं किया जाएगा।
6. प्रभावी अयोध्या महायोजना में निर्धारित भू-उपयोग के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।

जनपद बागपत की नगर पालिका परिषद बागपत एवं नगर पालिका परिषद बड़ौत, जनपद गोण्डा की नगर पालिका परिषद करनैलगंज, जनपद अयोध्या की नगर पालिका परिषद रुदौली तथा जनपद हरदोई की नगर पालिका परिषद शाहाबाद के सीमा विस्तार का प्रस्ताव अनुमोदित


मंत्रिपरिषद ने जनपद बागपत की नगर पालिका परिषद बागपत एवं नगर पालिका परिषद बड़ौत, जनपद गोण्डा की नगर पालिका परिषद करनैलगंज, जनपद अयोध्या की नगर पालिका परिषद रुदौली तथा जनपद हरदोई की नगर पालिका परिषद शाहाबाद के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।


जनपद बागपत की नगर पालिका परिषद बड़ौत में कुल 04 ग्रामों (पट्टीमेहर व बारूहदूद, पट्टी चौधरान बाहर हदूद, पट्टी मीरापुर बाहरहदूद, पट्टी बाजिदपुर बाहरहदूद), जनपद बागपत की नगर पालिका परिषद बागपत में कुल 04 ग्रामों (सिसानाबांगर खण्डवरीबांगर, बागपत बांगर बाहरहदूद, पाली, निवाडा बांगर), जनपद गोण्डा की नगर पालिका परिषद करनैलगंज में कुल 07 ग्रामों (करनैलगंज ग्रामीण, कादीपुर, करूवा, कुम्हरगढ़ी, सकरौरा ग्रामीण, पिपरी, नरायनपुर मांझा) के उल्लिखित गाटाओं को सम्मिलित करते हुए सीमा विस्तार किये जाने विषयक अंतिम अधिसूचना निर्गत करने का निर्णय लिया गया है।


इसी प्रकार जनपद अयोध्या की नगर पालिका परिषद रुदौली में कुल 25 ग्रामों (टीकर, सेहल्मऊ, खतीरपुर, चितईपुर, सुलेमपुर, कादिरपुर, लखनीपुर, गुलचप्पा खुर्द, भेलसर आंशिक, सरायपीर, जहानपुर, खैरनपुर, जसमड, जलालपुर, करीमपुर, सरायहामिद, परसौली, मिर्जापुर, मानापुर, भौली आंशिक, मुहामिदपुर, खुसका, नेवाजपुर, गोगावा, शाहपुर) तथा जनपद हरदोई की नगर पालिका परिषद शाहाबाद में 17 ग्रामों (उधरनपुर, जटपुरा, भूड़ा, नगलागनेश, मिश्रीपुर, सिकन्दरपुर कल्लू, दौलतपुर गंगादास, ककराही बाहर, नगला कल्लू, गढ़ीचांद खाँ, नगला लोथू, दौलतियापुर, मंगलीपुर, लालपुर, शाहाबाद देहात, मनिकापुर बमियारी, बबुरहाई) के उल्लिखित गाटाओं को सम्मिलित करते हुए सीमा विस्तार किये जाने विषयक अंतिम अधिसूचना निर्गत करने का निर्णय लिया गया है।


अधिसूचना के अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्तन किये जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक संशोधन/परिवर्तन हेतु नगर विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है।इन नगरीय निकायों के विस्तार के परिणामस्वरूप जनमानस को व्यावसायिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य, यातायात, सफाई तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। इससे वहां के निवासियों की जीवनशैली की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्र का नगरीकरण होने से रोजगार सृजन की सम्भावनाएं बढ़ेंगी।

07 नगर पंचायतों-जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत जैदपुर एवं नगर पंचायत फतेहपुर, जनपद मथुरा की नगर पंचायत राधाकुण्ड, जनपद जालौन की नगर पंचायत कोटरा, जनपद अम्बेडकरनगर की नगर पंचायत इल्तिफातगंज, जनपद अलीगढ़ की नगर पंचायत इगलास तथा जनपद इटावा की नगर पंचायत इकदिल के सीमा विस्तार का प्रस्ताव अनुमोदित


मंत्रिपरिषद ने 07 नगर पंचायतों-जनपद बाराबंकी की नगर पंचायत जैदपुर एवं नगर पंचायत फतेहपुर, जनपद मथुरा की नगर पंचायत राधाकुण्ड, जनपद जालौन की नगर पंचायत कोटरा, जनपद अम्बेडकरनगर की नगर पंचायत इल्तिफातगंज, जनपद अलीगढ़ की नगर पंचायत इगलास तथा जनपद इटावा की नगर पंचायत इकदिल के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।  


नगरीय क्षेत्रों में जन सुविधाएं उपलब्ध कराने का दायित्व नगर निकायों का है। नगर निकायों को सौंपे गए दायित्वों के अन्तर्गत नगरीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास, वाणिज्यिक व व्यावसायिक गतिविधियों के अनुरूप सुविधाओं की व्यवस्था, नगरीय क्षेत्रों की विकास योजनाओं को तैयार करना, समुचित सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराना आदि सम्मिलित हैं। नगर निकायों के आस-पास के क्षेत्रों में होने वाले विस्तार के दृष्टिगत यदि कोई क्षेत्र सम्बन्धित नगर पंचायत की सीमा विस्तार के मानक पूर्ण करता है, तो ऐसे क्षेत्र के विकास हेतु नगर पंचायत का सीमा विस्तार किया जाता है।


भारत के संविधान के अनुच्छेद 143-थ एवं उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 (यथासंशोधित) की धारा 3 में संक्रमणशील क्षेत्रों और लघुत्तर नगरीय क्षेत्रों की घोषणा किए जाने के सम्बन्ध में प्राविधान दिए गए हैं। नगर विकास विभाग के शासनादेश संख्या-450/ 9-1-2015-426सा/14 दिनांक 31 जनवरी, 2015 द्वारा नगर पंचायतों के सीमा विस्तार हेतु मानकों का पुनर्निर्धारण किया गया है।


इन नगरीय निकायों के सीमा विस्तार के फलस्वरूप सीमा में सम्मिलित होने वाले गांवों के निवासियों को पेयजल, लाइट, सड़क, नाली आदि की बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। सीमा विस्तार के उपरान्त नगर पंचायत क्षेत्र में सुनियोजित विकास होगा, जो अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन में सहायक होगा।

जनपद संतकबीरनगर में नगर पंचायत धर्मसिंहवा, जनपद बहराइच में नगर पंचायत रूपईडीहा, जनपद देवरिया में नगर पंचायत मदनपुर एवं नगर पंचायत भलुअनी, जनपद फर्रुखाबाद में नगर पंचायत खिमसेपुर तथा जनपद रायबरेली में नगर पंचायत शिवगढ़ के गठन सम्बन्धी अन्तिम अधिसूचना निर्गत किए जाने का प्रस्ताव अनुमोदित


मंत्रिपरिषद ने जनपद संतकबीरनगर में नगर पंचायत धर्मसिंहवा, जनपद बहराइच में नगर पंचायत रूपईडीहा, जनपद देवरिया में नगर पंचायत मदनपुर एवं नगर पंचायत भलुअनी, जनपद फर्रुखाबाद में नगर पंचायत खिमसेपुर तथा जनपद रायबरेली में नगर पंचायत शिवगढ़ के गठन सम्बन्धी अन्तिम अधिसूचना निर्गत किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। इन नगर पंचायतों के गठन की अधिसूचना निर्गत होने के उपरान्त यदि कोई त्रुटि परिलक्षित होती है, तो उसे आवश्यकतानुसार संशोधित/परिमार्जित किए जाने हेतु नगर विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है।इन नगर पंचायतों के गठन के फलस्वरूप इनकी सीमा में सम्मिलित होने वाले गांवों के निवासियों को पेयजल, लाइट, सड़क, नाली आदि की बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। गांवों का उत्तरोत्तर विकास होगा। क्षेत्र में होने वाले सुनियोजित विकास से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

जनपद आजमगढ़ की नगर पंचायत बिलरियागंज की सीमा में 66 ग्रामों को सम्मिलित कर उसका सीमा विस्तार करने तथा उसे तृतीय श्रेणी की नगर पालिका परिषद के रूप में उच्चीकृत करने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने का प्रस्ताव अनुमोदित


मंत्रिपरिषद ने जनपद आजमगढ़ की नगर पंचायत बिलरियागंज की सीमा में 66 ग्रामों को सम्मिलित कर उसका सीमा विस्तार करने तथा उसे तृतीय श्रेणी की नगर पालिका परिषद के रूप में उच्चीकृत करने सम्बन्धी अधिसूचना निर्गत करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। अधिसूचना की अन्तर्वस्तु में संशोधन/परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता होने पर आवश्यक सुसंगत संशोधन/परिवर्तन हेतु नगर विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है।नगर पंचायत बिलरियागंज का सीमा विस्तार कर उसे तृतीय श्रेणी की नगर पालिका परिषद के रूप में उच्चीकृत करने के फलस्वरूप इसकी सीमा में सम्मिलित होने वाले गांवों के जनमानस को व्यावसायिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य, यातायात, सफाई व अन्य नागरिक सुविधाएं मिलेंगी तथा उनकी जीवन शैली की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्र के नगरीकरण से रोजगार सृजन की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी।

उ0प्र0 ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2021 एवं क्रियान्वयन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के सम्बन्ध में


मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2021 एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश के अन्तर्गत गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुतियों के क्रम में आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्रा0लि0 द्वारा वायु पृथक्करण संयंत्र की प्लॉट नं0-ए-10, औद्योगिक क्षेत्र साइट, धौहरवा, जिला रायबरेली में लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से प्रस्तावित परियोजना को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।इस परियोजना के प्रारम्भ होने पर प्रदेश को आवश्यक ऑक्सीजन की पूर्ति में मदद मिलेगी। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में परोक्ष व अपरोक्ष रूप से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। परियोजना प्रारम्भ होने पर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा।