‘जल ज्ञान यात्रा’ में स्कूली बच्चों ने सीखे बूंद-बूंद संभालने के गुण

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'जल ज्ञान यात्रा' में स्कूली बच्चों ने सीखे बूंद-बूंद संभालने के गुण
'जल ज्ञान यात्रा' में स्कूली बच्चों ने सीखे बूंद-बूंद संभालने के गुण
  • लखनऊ समेत तीन जिलों (पीलीभीत, शामली, रायबरेली) में जल जीवन मिशन ने आयोजित की जल ज्ञान यात्रा।
  • सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों ने लिया जल ज्ञान यात्रा में भाग, जल जांच की उपयोगिता जानी।
  • स्कूली बच्चों को पता चला कि…परीक्षण बिना नहीं लग सकता पानी में मौजूद भारी धातुओं का पता।
  • लखनऊ के बीकेटी की ग्राम पंचायत कुम्हरावां में देखी पेयजल योजना।
  • ‘जल ज्ञान यात्रा’ में स्कूली बच्चों ने सीखे बूंद-बूंद संभालने के गुण।
  • जल निगम(ग्रामीण) लैब के विशेषज्ञों ने स्कूली बच्चों को बताई जल की उपयोगिता।
  • नुक्कड़ नाटक से जल संरक्षण और हर घर जल योजना की जानकारी भी स्कूली बच्चों को मिली। ‘जल ज्ञान यात्रा’ में स्कूली बच्चों ने सीखे बूंद-बूंद संभालने के गुण

लखनऊ। जल जीवन मिशन की ओर से गुरुवार को राज्य में लखनऊ समेत पीलीभीत, शामली, रायबरेली में भी जल ज्ञान यात्रा का आयोजन किया गया। सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों ने इन यात्राओं में भाग लिया और जल जांच की उपयोगिता जानी। स्कूली बच्चों को पता चला कि…परीक्षण बिना पानी में मौजूद भारी धातुओं का पता नहीं लग सकता है। लखनऊ के बीकेटी की ग्राम पंचायत कुम्हरावां की पेयजल योजना पर सोलर संचालित पानी टंकी देखी। जल निगम(ग्रामीण) लैब के विशेषज्ञों ने स्कूली बच्चों को जल परीक्षण करके दिखाया। नुक्कड़ नाटकों का आयोजन हुआ जिसमें जल संरक्षण और हर घर जल योजना की जानकारी भी स्कूली बच्चों को मिली।

लखनऊ में इंटौंजा के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय और लखनऊ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, बीकेटी के 100 स्कूली बच्चों ने जल ज्ञान यात्रा में भाग लिया। सोलर से संचालित 225 किलो लीटर क्षमता की 14 मीटर ऊँची पानी टंकी की खासियत जानना उनके लिए एकदम नया अनुभव था। उन्होंने यात्रा में हर घर जल योजना के तहत गांव में पानी सप्लाई के लिए बनाई गई पेयजल योजना को नजदीक से पहली बार देखा। यहां बना पम्प हाउस कैसे कार्य करता है उसकी जानकारी प्राप्त की। उसमें लगे पैनल्स का क्या कार्य है जैसे कई सवाल भी किये। जिसके जवाब प्लांट पर मौजूद जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों ने उनको दिये। जल से संबंधित जानकारी लेने की उत्सुकता उनमें देखते ही बनी।

गोमती नदी के उदगम स्थल कहे जाने वाले पीलीभीत में जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता मनीष गंगवार ने हरी झंडी दिखाकर जल ज्ञान यात्रा का शुभारम्भ किया। स्कूली बच्चों ने “जल ही जीवन है” के नारे लगाए। उनको सबसे पहले जल निगम(ग्रामीण) प्रयोगशाला ले जाया गया। जहां उनको जल गुणवत्ता जांच करके दिखाई गई। रूपपुर कमालू पाइप पेयजल योजना का भ्रमण कराने के साथ उनको गांव-गांव में दी जा रही पानी सप्लाई की प्रक्रिया दिखाई गई।

रायबरेली में जल ज्ञान यात्रा को जल निगम कार्यालय से जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता एस. रहमान ने हरी झण्डी दिखाई। उनको सबसे पहले प्रयोगशाला ले जाया गया और वहां जल गुणवत्ता का परीक्षण करके दिखाया गया। इसके बाद उनको रायपुर मेहरी योजना का भ्रमण कराया गया। यहां रायबरेली की सदर विधायक अदिति सिंह भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी बच्चों को जल की उपयोगिता बताई। उनको नुक्क्ड़ नाटक दिखाया गया और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

शामली में शुभारंभ जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता फूल सिंह यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया। स्कूली बच्चों को जल निगम प्रयोगशाला में जल जांच भी करके दिखाई गई। स्कूली बच्चों को जल निगम(ग्रामीण) प्रयोगशाला ले जाया गया। उनको जलालपुर ग्राम पेयजल योजना का भ्रमण कराया गया। यहां बनी पानी टंकी, पम्प हाउस आदि दिखाया गया। उसकी उपयोगिता और खासियत बताई गई। गांव-गांव में दी जा रही पानी सप्लाई की प्रक्रिया दिखाने के साथ हर घर जल योजना की जानकारी दी गई। जल जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण की महत्ता बताई गई। ‘जल ज्ञान यात्रा’ में स्कूली बच्चों ने सीखे बूंद-बूंद संभालने के गुण