क्या भाजपा अब शिखण्डी व पाखंडी के सहारे

जिन्हें अपनी जाति का बोध कराने व वर्गहित की बात करने का साहस नहीं,वो कर रहे रामराज की बात।जो करते थे अम्बेडकरी मिशन की बात,रेवड़ी मिलने पर भूल गए अम्बेडकरवाद।

लौटनराम निषाद

लखनऊ। एक सज्जन कभी लाल टोपी लगाकर लखनऊ की गलियों में साइकिल से घूमकर अम्बेडकरबाद व समाजवाद की बात करते थे।कभी अम्बेडकर महासभा के भी अहम पदाधिकारी थे।भाजपा सरकार में एक निगम के अध्यक्ष रूपी रेवड़ी के मिल जाने पर अम्बेडकरबाद व समाजवाद को भूलकर लालटोपी व समाजवाद पर टिप्पणी कर रहे हैं।राष्ट्रीय निषाद संघ के अध्यक्ष चौ0 लौटनराम निषाद ने एक पुराने समाजवादी नेता जो लाल टोपी लगाकर लखनऊ की गलियों में घूम रहे थे,आज भाजपा की रेवड़ी मिलने पर बोल रहे हैं कि जिस तरह समाजवाद नकली है,उसी तरह लाल टोपी भी नकली है,यह उनकी गुलामी का परिचायक है।लाल टोपी सपा का नहीं क्रांति,संघर्ष व परिवर्तन की क्रांति का परिचायक है।उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को अपनी जाति का बोध व परिचय कराने में लाज लगती है,वह अपनी बाप की असल औलाद हो ही नहीं सकता।अपने उपनाम के तौर पर गंदगी का विलोम लिखकर गन्दे चरित्र का परिचय दे रहा है।


निषाद ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य,स्वामी प्रसाद मौर्य,स्वतंत्रदेव सिंह,जयप्रकाश निषाद, मुकुटबिहारी वर्मा,अनिल राजभर,दारा सिंह चौहान आदि जैसे भाजपा नेताओं को शिखण्डी व पाखंडी करार दिया।कहा कि ये निजस्वार्थ में अपना ज़मीर बेचकर वर्गीय हित की हत्या कर रहे हैं।उक्त नेता पिछड़े,दलित वर्ग के लिए मानसिंह जैसे गद्दार व समाज के दुश्मन है।ये भाजपा रूपी शिकारी के मछली का शिकार करने वाली बंशी के केचुआ सरीखे चारा व चूहा पकड़ने की चूहेदानी में लगाये जाने वाली रोटी के टुकड़ा हैं।

निषाद ने भाजपा की एक नेत्री की उस टिप्पणी का प्रतिकार किया है जिसने कांग्रेस की प्रभारी महासचिव व कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए एक्सीडेंटल व फर्जी हिन्दू कहा है,उससे पूछा है कि तुम्हारी जाति व धर्म क्या है?किस भारतीय संस्कृति व संस्कार की बात करती हो,जब खुद तुम्हारा कोई संस्कार व सभ्यता नहीं।जिस महिला ने तुम्हारी मजबूरी पर तरस खाकर तुम्हे अपने घर लाकर शरण दिया,तुम उसी के पति को लेकर भाग गई।दिल्ली के होटल में प्लेट धोने वाली एक लड़की को एक भारतीय नारी ने तरस खाकर मदद के लिए अपने घर लायी बहन समझकर,वही व्यभिचारिणी बनकर शरणदात्री के पति को ही उड़ाकर उसके घर में आग लगा दी,आज वह धर्म,संस्कृति,सभ्यता व संस्कार की बात करने में शर्मिंदगी महसूस नहीं करती,यह है भाजपा का असली चरित्र।वह औरत जो अपनी मदद करने वाली नारी के पति को अपना पति बना ली,उससे बड़ी कलंकिनी, दुष्चरित्र व व्यभिचारिणी ढूढने से भी नहीं मिलेगी।