देश व दुनिया में एक नज़ीर बना कोविड प्रबन्धन-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का लोकार्पण, दो 100-शैय्याचिकित्सालय, एक 50-शैय्या चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्रों तथा 38 ड्रग वेयर हाउस का शिलान्यास किया । राज्य सरकार प्रदेश में सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध । उ0प्र0 में कोरोना काल खण्ड में कोविड प्रबन्धन के साथ-साथहेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का बेहतरीन कार्य किया गया ।कोविड प्रबन्धन पूरे देश व दुनिया में एक नज़ीर बना ,यह टीमवर्क का परिणाम । विगत साढ़े चार वर्षाें में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सासेवाओं तथा अवस्थापनाओं में सुधार और सुदृढ़ीकरण किया ।वर्तमान में जनपद स्तर पर नवीन मेडिकल कॉलेज/100 शैय्या युक्त जिला चिकित्सालयों को बनाये जाने से लेकर तहसील, ब्लॉक एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 50 शैय्या युक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, नवीन स्वास्थ्य उपकेन्द्रों और हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर की स्थापना की जा रही । औषधियों के समुचित भण्डारण एवं उचित रख-रखाव हेतु जनपद स्तर परही ड्रग वेयर हाउस के निर्माण का कार्य कराया जा रहा, सभी की भण्डारणक्षमता प्रदेश के अभी तक निर्मित ड्रग वेयर हाउस से काफी अधिक । जनता को कोविड-19 की सुलभ जांच उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारासमस्त 75 जनपदों में बी0एस0एल0-2 लैब स्थापित की गयी । इनसेफेलाइटिस तथा अन्य संचारी रोगों के अनुभवों से कोविड नियंत्रण में सफलता मिली । कोविड प्रबन्धन में निगरानी समितियों तथा इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्डकण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी । उ0प्र0 सर्वाधिक कोविड टेस्ट करने वाला तथा सर्वाधिक वैक्सीन प्रदान करने वाला राज्य ।


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर स्वास्थ्य विभाग के 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का लोकार्पण, दो 100-शैय्या चिकित्सालय, एक 50-शैय्या चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 38 ड्रग वेयर हाउस का शिलान्यास किया। राज्य सरकार प्रदेश में सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना काल खण्ड में कोविड प्रबन्धन के साथ-साथ हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का बेहतरीन कार्य किया गया है। राज्य में कोविड प्रबन्धन पूरे देश व दुनिया में एक नज़ीर बना। यह टीमवर्क का परिणाम है।विगत साढ़े चार वर्षाें में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं तथा अवस्थापनाओं में सुधार और सुदृढ़ीकरण किया है। वर्तमान में जनपद स्तर पर नवीन मेडिकल कॉलेज/100 शैय्या युक्त जिला चिकित्सालयों को बनाये जाने से लेकर तहसील, ब्लॉक एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 50 शैय्या युक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, नवीन स्वास्थ्य उपकेन्द्रों और हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर की स्थापना की जा रही है। इससे जन-समुदाय को सरलता से एक ही स्थान पर निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।


समस्त प्रदेशवासियों को सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु चिकित्सीय सुविधाओं के साथ ही औषधियों का भी एक महत्वपूर्ण स्थान है। औषधियों के समुचित भण्डारण एवं उचित रख-रखाव हेतु जनपद स्तर पर ही ड्रग वेयर हाउस के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इन सभी की भण्डारण क्षमता प्रदेश के अभी तक निर्मित ड्रग वेयर हाउस से काफी अधिक है। प्रदेश की जनता को कोविड-19 की सुलभ जांच उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा समस्त 75 जनपदों में बी0एस0एल0-2 लैब स्थापित की गयी हैं। कोविड प्रबन्धन में निगरानी समितियों तथा इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोविड टेस्ट करने वाला तथा सर्वाधिक वैक्सीन प्रदान करने वाला राज्य है। कोविड टीकाकरण निरन्तर तीव्र गति से किया जा रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत गोल्डेन कार्ड बनाये जाने के लिए जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लोगों को 05 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है।


अन्तर्विभागीय समन्वय के आधार पर इनसेफेलाइटिस तथा अन्य संचारी रोगों के अनुभवों से कोविड नियंत्रण में सफलता मिली। इसके साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन, शौचालय निर्माण, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता आदि से भी इनसेफेलाइटिस को नियंत्रित करने में सहायता मिली है। इस रोग से होने वाली मृत्यु के आकड़ों में 95 से 99 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय कमी आयी। ए0ई0एस0/जे0ई0 एवं अन्य वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम वर्तमान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने मानसिक स्वास्थ्य से सम्बन्धित दिग्दर्शिका का विमोचन किया।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोरोना काल खण्ड के दौरान अभूतपूर्व विस्तार हुआ। कोविड प्रबन्धन के लिए सुविधाओं और उपकरणों में वृद्धि की गयी। स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रमों के साथ-साथ कोविड प्रबन्धन का भी कार्य चलाया जाता रहा, जो पूरे देश में एक उदाहरण बना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्यअमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।